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मूल्यांकन पर सचल दल की पैनी नजर
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मुरादाबाद।
डॉ. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय ने अपनी मूल्यांकन प्रक्रिया में बदलाव कर दिया है। विवि प्रशासन ने अब मूल्यांकन केंद्रों पर औचक निरीक्षक के लिए सचल दल का गठन किया है। किसी भी गड़बड़ी से बचने के लिए यह केंद्रों पर पैनी नजर रखेंगे। कुलपति ने बताया कि यह ठीक उसी तरह कार्य करेंगे, जैसे सेमेस्टर परीक्षा के दौरान बनाए गए सचल दल करते हैं।
सोमवार को ऑड सेमेसटर परीक्षा समाप्त हो गई है। इसके लिए मुरादाबाद सहित प्रदेश में 40 केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर होने वाले मूल्यांकन की जांच के लिए विभिन्न कालेजों के वरिष्ठ शिक्षकों को सचल दल में शामिल किया गया है। इस दौरान वह केंद्रों पर यह भी देखेंगे कि मूल्यांकन में विवि से अनुमोदित परीक्षक ही कार्य कर रहे हैं। एमआईटी के निदेशक डॉ. भानुप्रताप सिंह ने बताया कि लगभग 35 शिक्षक कालेज के और करीब दस शिक्षक दूसरे कालेजों के मूल्यांकन कार्य कर रहे हैं। परीक्षा समाप्त होने के बाद बाहरी शिक्षकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। एक परीक्षक को एक दिन में अधिकतम 120 कापियां जांचनी है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन मूल्यांकन होने की वजह से सर्वर सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक खुलता है। कई बार परीक्षक औसत मूल्यांकन कर देते हैं। इसे रोकने के लिए सैंपलिंग जांच भी करानी है। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि पहली बार सचल दल का गठन किया गया है, जो सख्ती से मूल्यांकन कार्य की निगरानी करेंगे। अनुभव में बढ़ोतरी के लिए मूल्यांकन में परीक्षकों का 60-40 का औसत रहेगा। इसमें मूल्यांकन केंद्र वाले कालेज के 60 फीसदी और दूसरे कालेजों के 40 फीसदी परीक्षक होने चाहिए।
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डॉ. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय ने अपनी मूल्यांकन प्रक्रिया में बदलाव कर दिया है। विवि प्रशासन ने अब मूल्यांकन केंद्रों पर औचक निरीक्षक के लिए सचल दल का गठन किया है। किसी भी गड़बड़ी से बचने के लिए यह केंद्रों पर पैनी नजर रखेंगे। कुलपति ने बताया कि यह ठीक उसी तरह कार्य करेंगे, जैसे सेमेस्टर परीक्षा के दौरान बनाए गए सचल दल करते हैं।
सोमवार को ऑड सेमेसटर परीक्षा समाप्त हो गई है। इसके लिए मुरादाबाद सहित प्रदेश में 40 केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर होने वाले मूल्यांकन की जांच के लिए विभिन्न कालेजों के वरिष्ठ शिक्षकों को सचल दल में शामिल किया गया है। इस दौरान वह केंद्रों पर यह भी देखेंगे कि मूल्यांकन में विवि से अनुमोदित परीक्षक ही कार्य कर रहे हैं। एमआईटी के निदेशक डॉ. भानुप्रताप सिंह ने बताया कि लगभग 35 शिक्षक कालेज के और करीब दस शिक्षक दूसरे कालेजों के मूल्यांकन कार्य कर रहे हैं। परीक्षा समाप्त होने के बाद बाहरी शिक्षकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। एक परीक्षक को एक दिन में अधिकतम 120 कापियां जांचनी है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन मूल्यांकन होने की वजह से सर्वर सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक खुलता है। कई बार परीक्षक औसत मूल्यांकन कर देते हैं। इसे रोकने के लिए सैंपलिंग जांच भी करानी है। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि पहली बार सचल दल का गठन किया गया है, जो सख्ती से मूल्यांकन कार्य की निगरानी करेंगे। अनुभव में बढ़ोतरी के लिए मूल्यांकन में परीक्षकों का 60-40 का औसत रहेगा। इसमें मूल्यांकन केंद्र वाले कालेज के 60 फीसदी और दूसरे कालेजों के 40 फीसदी परीक्षक होने चाहिए।
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