{"_id":"65d51ef2a6c4d035630793c4","slug":"25-thousand-rupees-transferred-from-student-moradabad-news-c-15-1-mbd1027-347796-2024-02-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: बीमा कंपनी का अधिकारी बताकर छात्रा से ट्रांसफर करा लिए 25 हजार रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: बीमा कंपनी का अधिकारी बताकर छात्रा से ट्रांसफर करा लिए 25 हजार रुपये
विज्ञापन
मुरादाबाद। साइबर अपराधी ने बीफार्मा की छात्रा को झांसे में लेकर 25 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। पीड़िता ने इस मामले की शिकायत साइबर सेल में कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मुगलपुरा के जीलाल स्ट्रीट मंडी चौक निवासी पवन अग्रवाल की बेटी अन्नया अग्रवाल बीफार्मा की छात्रा है। उसने बताया कि 18 फरवरी की दोपहर करीब साढ़े बारह बजे छात्रा के मोबाइल पर 40 हजार रुपये के मैसेज आए। इसके बाद एक अंजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को बीमा कंपनी का अधिकारी बताया। आरोपी ने छात्रा से कहा कि आपके खाते में 15 हजार रुपये भेजने थे लेकिन गलती से 40 हजार रुपये चले गए हैं। आरोपी ने उससे कहा कि आप 40 हजार रुपये वापस करा दीजिए। इसी बीच 25 हजार रुपये खाते में और आ गए। बीमा कंपनी से उनके खाते में 25 हजार रुपये आने थे। इसी बीच साइबर ठग ने कहा कि पहले 25 हजार रुपये कर दीजिए।
छात्रा ने आरोपी की बातों में विश्वास करके आरोपी के बताए खाते पर 25 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। तब पीड़िता ने अपने खाते को चेक किए तो उनके खाते में केवल 25 हजार रुपये आए थे। ये रुपये पीड़िता ने आरोपी के बताए खाते में भेज दिए हैं। उसने बीमा कंपनी में संपर्क किया तो पता चला कि छात्रा की किस्त पूरी होने पर उसे 25 हजार रुपये भेजे गए थे। पीड़िता ने बताया कि एक ही समय में बीमा कंपनी से रकम आना और साइबर ठग द्वारा कॉल किए जाना बीमा कंपनी की भूमिका को उजागर करती है। उसने साइबर सेल में शिकायत कर इस मामले की जांच करने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुगलपुरा के जीलाल स्ट्रीट मंडी चौक निवासी पवन अग्रवाल की बेटी अन्नया अग्रवाल बीफार्मा की छात्रा है। उसने बताया कि 18 फरवरी की दोपहर करीब साढ़े बारह बजे छात्रा के मोबाइल पर 40 हजार रुपये के मैसेज आए। इसके बाद एक अंजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को बीमा कंपनी का अधिकारी बताया। आरोपी ने छात्रा से कहा कि आपके खाते में 15 हजार रुपये भेजने थे लेकिन गलती से 40 हजार रुपये चले गए हैं। आरोपी ने उससे कहा कि आप 40 हजार रुपये वापस करा दीजिए। इसी बीच 25 हजार रुपये खाते में और आ गए। बीमा कंपनी से उनके खाते में 25 हजार रुपये आने थे। इसी बीच साइबर ठग ने कहा कि पहले 25 हजार रुपये कर दीजिए।
विज्ञापन
छात्रा ने आरोपी की बातों में विश्वास करके आरोपी के बताए खाते पर 25 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। तब पीड़िता ने अपने खाते को चेक किए तो उनके खाते में केवल 25 हजार रुपये आए थे। ये रुपये पीड़िता ने आरोपी के बताए खाते में भेज दिए हैं। उसने बीमा कंपनी में संपर्क किया तो पता चला कि छात्रा की किस्त पूरी होने पर उसे 25 हजार रुपये भेजे गए थे। पीड़िता ने बताया कि एक ही समय में बीमा कंपनी से रकम आना और साइबर ठग द्वारा कॉल किए जाना बीमा कंपनी की भूमिका को उजागर करती है। उसने साइबर सेल में शिकायत कर इस मामले की जांच करने की मांग की है।
विज्ञापन