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शिक्षक बने तो तीन प्रशिक्षु सिपाहियों ने खाकी से तोड़ा नाता

Wed, 19 Sep 2018 02:12 AM IST
Updated Wed, 19 Sep 2018 02:12 AM IST
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शिक्षक बने तो तीन प्रशिक्षु सिपाहियों ने खाकी से तोड़ा नाता
मुरादाबाद।
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पुलिस से ज्यादा अध्यापक की नौकरी पसंद आई तो तीन प्रशिक्षु सिपाहियों ने खाकी से नाता तोड़ लिया। इनमें दो महिला प्रशिक्षु सिपाही हैं जबकि एक पुरुष। तीनों ने इस्तीफे लिखकर भेज दिए हैं, जिसे मंजूर कर लिया गया है।
पहला मामला बागपत के बिनौली स्थित रंक्षाण में रहने वाली अंजलि का है। अंजलि ने यूपी पुलिस की सिपाही भर्ती परीक्षा पास की और प्रशिक्षण के लिए पुलिस लाइन स्थित रिक्रूट प्रशिक्षण केंद्र पहुंची। प्रशिक्षण के दौरान ही अंजलि को पता चला कि उसका चयन शिक्षा विभाग की ओर से निकली सहायक अध्यापक की नौकरी के लिए भी हो गया है। इसके बाद अंजली ने खाकी से नाता तोड़ लिया। दूसरा मामला प्रतापगढ़ की रहने वाली रूमा विश्वकर्मा का है। यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा में रूमा का चयन हो गया। उसे बरेली से प्रशिक्षण के लिए 9वीं वाहिनी में भेजा गया। जहां पर प्रशिक्षण के दौरान ही रूमा की भी शिक्षा विभाग में बतौर सहायक अध्यापक नौकरी लग गई। तीसरा मामला मुजफ्फरनगर स्थित जसोला गांव के रहने वाले शिवम कुमार का है। शिवम का भी चयन यूपी पुलिस में सिपाही पद के लिए हुआ। उनका प्रशिक्षण पुलिस लाइन स्थित रिक्रूट प्रशिक्षण केंद्र में चल रहा था। इस दौरान उनकी भी सहायक अध्यापक की नौकरी के लिए चयन हो गया। तीनों प्रशिक्षुओं ने पुलिस विभाग से इस्तीफा दे दिया है। रूमा के इस्तीफे की पुष्टि 9वीं वाहिनी के सेनानायक संजीव त्यागी ने की है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि आरटीसी में प्रशिक्षण ले रही बाराबंकी निवासी महिला प्रशिक्षु सिपाही अध्यना सिंह तीन दिन की छुट्टी लेकर गई गई थी लेकिन एक माह बाद भी वापस नहीं लौटी है। वह बीटीसी का कोर्स पूरा करने के लिए छुट्टी मांग रही थी। शिवम और अंजलि के इस्तीफा देने की पुष्टि एसएसपी जे रविंद्र गौड़ ने की है। एसएसपी ने बताया कि अन्य सिपाहियों ने भी प्रशिक्षण के दौरान पूर्व में इस्तीफा दिया है। इसके संबंध में पुलिस भर्ती बोर्ड को भी सूचना दी गई है।
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ज्यादा सैलरी, काम का बोझ कम इसलिए बने शिक्षक
मुरादाबाद। सिपाही से ज्यादा सैलरी सहायक अध्यापक की है। काम का बोझ भी कम है। ड्यूटी का समय भी निश्चित है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इसी वजह से प्रशिक्षु सिपाहियों ने सहायक अध्यापक बनने को वरीयता दी है। पुलिस विभाग में छुट्टी को लेकर भी समस्याएं होती हैं, जबकि शिक्षकों को सरकारी छुट्टी भी मिलती है। इसके अलावा पुलिस विभाग में शिक्षा विभाग की अपेक्षा तनाव भी बहुत कम रहता है।
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बढ़ सकती है पुलिस से इस्तीफा देने वालों की संख्या
मुरादाबाद। इस्तीफा देने वालों की संख्या में इजाफा भी हो सकता है। मुरादाबाद में पीएसी की तीन बटालियन हैं, जिनमें रिक्रूट प्रशिक्षण केंद्र हैं। पुलिस लाइन में भी सिपाहियों का प्रशिक्षण चल रहा है। जहां पर यूपी के अलग अलग जनपद से आए प्रशिक्षु सिपाही प्रशिक्षण ले रहे हैं। ऐसे में उन्हें जिस जनपद से प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है, वहां के एसएसपी को प्रशिक्षु सिपाही अपना इस्तीफा सौंपते हैं।

जिसकी जानकारी बाद में संबंधित जिले के अधिकारियों की सूचना पर स्थानीय पुलिस के अधिकारियों को होती है। पुलिस भर्ती परीक्षा के बाद सहायक अध्यापक की भर्ती का परिणाम जारी हुआ है, जिसमें प्रशिक्षण ले रहे सिपाहियों का चयन भी हुआ है। जल्द ही वह भी इस्तीफा दे सकते हैं। इसके अलावा भी कई प्रशिक्षु हैं। जो सिपाही की नौकरी छोड़ना चाहते हैं। उन्होंने अन्य विभागों में भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन किए हैं। अगर उनका चयन हो गया तो इस्तीफा सौंपेंगे।
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