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नगर आयुक्त को अंधेरे में डूबा मिला शहर
Updated Wed, 05 Sep 2018 02:12 AM IST
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मुरादाबाद।
नगर आयुक्त को मंगलवार रात में महानगर के प्रमुख मार्गों पर अंधेरा छाया मिला। नाराज नगर आयुक्त ने दोनों टेंडर कंपनियों के प्रतिनिधियों को तलब कर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश प्रकाश प्रभारी को दिए। इससे लखनऊ तक हड़कंप मच गया। कंपनी के प्रतिनिधियों ने माफी मांगकर 30 सितंबर तक शहर की लाइट ठीक कराने का भरोसा दिया है।
महानगर में स्ट्रीट लाइट लगाने का जिम्मा ईईएसएल कंपनी पर है। कंपनी ने महानगर को दो हिस्सों में बांटकर अंबुजा और डेस्काम को टेंडर दिया हुआ है। सभी स्ट्रीट लाइट लगवाने और उनकी देखरेख करने की जिम्मेदारी तीनों कंपनियों की है। महानगर में ज्यादातर लाइट खराब पड़ी हैं। टोलफ्री नंबर पर भी अपेक्षित रेस्पांस नहीं मिल रहा है। पार्षदों ने पिछली बोर्ड बैठक में भी इसको लेकर हंगामा किया था।
नगर आयुक्त अवनीश कुमार शर्मा ने मंगलवार रात में नौ बजे शहर की कई प्रमुख सड़कों का निरीक्षण किया। ज्यादातर स्थान पर लाइट की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। इससे नाराज नगर आयुक्त ने कंपनियों के प्रतिनिधियों को तलब कर लिया और रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए। कंपनियों के प्रतिनिधियों में हालात को भांपकर तत्काल लिखित में माफी मांगी और 30 सितंबर तक शहर की सभी लाइट को ठीक कराने का भरोसा दिया।
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शहर की ज्यादातर लाइट खराब हैं। शहर में अंधेरा देखकर नाराज नगर आयुक्त ने रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दे दिए। कंपनी प्रतिनिधियों ने माफी मांगकर एक महीने में शहर की सभी लाइट ठीक कराने का आश्वासन दिया है। - साहब सिंह, प्रकाश प्रभारी नगर निगम।
बारिश से लाइट ही क्या शहर की सड़क-नाली सभी व्यवस्थाएं गड़बड़ हैं। नगर आयुक्त से एक माह का समय मांगा गया है। हमने रात में काम करने वाले दलों के साथ ही निगरानी टीम बना दी हैं। सभी शिकायतों का समाधान करा दिया जाएगा।
- हितेश कुमार, तकनीक हेड, ईईएसएल।
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नगर आयुक्त को मंगलवार रात में महानगर के प्रमुख मार्गों पर अंधेरा छाया मिला। नाराज नगर आयुक्त ने दोनों टेंडर कंपनियों के प्रतिनिधियों को तलब कर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश प्रकाश प्रभारी को दिए। इससे लखनऊ तक हड़कंप मच गया। कंपनी के प्रतिनिधियों ने माफी मांगकर 30 सितंबर तक शहर की लाइट ठीक कराने का भरोसा दिया है।
महानगर में स्ट्रीट लाइट लगाने का जिम्मा ईईएसएल कंपनी पर है। कंपनी ने महानगर को दो हिस्सों में बांटकर अंबुजा और डेस्काम को टेंडर दिया हुआ है। सभी स्ट्रीट लाइट लगवाने और उनकी देखरेख करने की जिम्मेदारी तीनों कंपनियों की है। महानगर में ज्यादातर लाइट खराब पड़ी हैं। टोलफ्री नंबर पर भी अपेक्षित रेस्पांस नहीं मिल रहा है। पार्षदों ने पिछली बोर्ड बैठक में भी इसको लेकर हंगामा किया था।
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नगर आयुक्त अवनीश कुमार शर्मा ने मंगलवार रात में नौ बजे शहर की कई प्रमुख सड़कों का निरीक्षण किया। ज्यादातर स्थान पर लाइट की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। इससे नाराज नगर आयुक्त ने कंपनियों के प्रतिनिधियों को तलब कर लिया और रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए। कंपनियों के प्रतिनिधियों में हालात को भांपकर तत्काल लिखित में माफी मांगी और 30 सितंबर तक शहर की सभी लाइट को ठीक कराने का भरोसा दिया।
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शहर की ज्यादातर लाइट खराब हैं। शहर में अंधेरा देखकर नाराज नगर आयुक्त ने रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दे दिए। कंपनी प्रतिनिधियों ने माफी मांगकर एक महीने में शहर की सभी लाइट ठीक कराने का आश्वासन दिया है। - साहब सिंह, प्रकाश प्रभारी नगर निगम।
बारिश से लाइट ही क्या शहर की सड़क-नाली सभी व्यवस्थाएं गड़बड़ हैं। नगर आयुक्त से एक माह का समय मांगा गया है। हमने रात में काम करने वाले दलों के साथ ही निगरानी टीम बना दी हैं। सभी शिकायतों का समाधान करा दिया जाएगा।
- हितेश कुमार, तकनीक हेड, ईईएसएल।