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जनपद में उड़द खरीद केंद्र खोले जाने का दावा हवाई, किसान परेशान
Updated Sun, 25 Nov 2018 01:24 AM IST
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चंदौसी। विपणन विभाग ने गुरुवार को किसान दिवस में संभल, चंदौसी व बहजोई की मंडियों में उड़द खरीद के लिए सरकारी क्रय केंद्र खोले जाने का दावा किया, लेकिन इन केंद्रों का मंडी समितियों में दूर-दूर तक अता-पता नहीं है। किसान उड़द लेकर सरकारी खरीद केंद्रों को तलाश रहे हैं लेकिन कोई भी उनका पता नहीं बता पा रहा है। आलम यह है कि किसानों को प्रति क्विंटल घाटे में उड़द बेचना पड़ रहा है।
उड़द की फसल कटकर अब मंडियों में आने लगी है। किसान की फसल बारिश से मारी गई थी। जो बची है, उसमें पैदावार कम हुई है। किसान फसल को मंडी में ला रहा है तो उसकी फसल औने पौने दामों में खरीदी जा रही है।
सरकार ने उड़द का समर्थन मूल्य 5600 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। जबकि मंडियों में 4600 से 4900 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जा रहा है। इसका कारण सरकार द्वारा खरीद केंद्र न खोला जाना बताई जा रही है। जबकि प्रशासन संभल, बहजोई व चंदौसी के मंडियों में एक-एक खरीद केंद्र खोले जाने का दावा कर रहा है।
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अगर खरीद केंद्र खोले गए होते तो किसान अपना उड़द औने-पौने में व्यापारी को बेचने को मजबूर नहीं होता है। प्रशासन के केंद्र खोले जाने के दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं।
किसान पहले से उड़द की फसल न होने से परेशान है। आज कई किसान चंदौसी कृषि उत्पादन मंडी समिति में उड़द लेकर पहुंचे लेकिन सरकारी क्रय केंद्र कहीं नहीं मिला। मंडी सचिव पीएस गंगवार का मोबाइल फोन भी बंद था।
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उड़द की फसल कटकर अब मंडियों में आने लगी है। किसान की फसल बारिश से मारी गई थी। जो बची है, उसमें पैदावार कम हुई है। किसान फसल को मंडी में ला रहा है तो उसकी फसल औने पौने दामों में खरीदी जा रही है।
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सरकार ने उड़द का समर्थन मूल्य 5600 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। जबकि मंडियों में 4600 से 4900 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जा रहा है। इसका कारण सरकार द्वारा खरीद केंद्र न खोला जाना बताई जा रही है। जबकि प्रशासन संभल, बहजोई व चंदौसी के मंडियों में एक-एक खरीद केंद्र खोले जाने का दावा कर रहा है।
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अगर खरीद केंद्र खोले गए होते तो किसान अपना उड़द औने-पौने में व्यापारी को बेचने को मजबूर नहीं होता है। प्रशासन के केंद्र खोले जाने के दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं।
किसान पहले से उड़द की फसल न होने से परेशान है। आज कई किसान चंदौसी कृषि उत्पादन मंडी समिति में उड़द लेकर पहुंचे लेकिन सरकारी क्रय केंद्र कहीं नहीं मिला। मंडी सचिव पीएस गंगवार का मोबाइल फोन भी बंद था।