{"_id":"5bf5ba19bdec226998047d74","slug":"15428306644-chandausi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"संविदा सफाई कर्मियों के नियमितीकरण को सौंपा ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संविदा सफाई कर्मियों के नियमितीकरण को सौंपा ज्ञापन
Updated Thu, 22 Nov 2018 01:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंदौसी। भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज (भावाधस) के पदाधिकारियों ने बुधवार को राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी की सदस्य मंजू दिलेर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में संविदा पर कार्यरत सफाई कर्मियों को नियमित करने व आउट सोर्सिंग पर कार्यरत कर्मियों को समान वेतन देने की मांग की।
एक कार्यक्रम में शामिल होने आई राष्ट्रीय सफाई सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य मंजू दिलेर से मिलकर भावाधस के पदाधिकारियों ने कहा कि नगर पालिका परिषद चंदौसी में 115 कर्मचारी संविदा पर कार्य करते हैं। इनका नियमितीकरण किया जाना चाहिए। जबकि 107 सफाई कर्मचारी आउट सोर्सिंग के माध्यम से कार्य कर रहे हैं। इन्हें 7500 रुपये प्रति माह मिलता है, जो अब घटकर 6734 रुपये कर दिया गया है।
इस अल्प वेतन में बच्चों की पढ़ाई लिखाई, रहन-सहन आदि जीविकोपार्जन संभव नहीं हो पा रहा है। इन्हें चार साप्ताहिक अवकाश के बाद इनकी दैनिक मजदूरी 259 प्रतिदिन निर्धारित की गई है। जबकि मुरादाबाद, अलीगढ़, मेरठ आदि नगर निगमों में आउट सोर्सिंग के कर्मचारियों को 10 हजार रुपये प्रति माह मिल रहे हैं।
विज्ञापन
जब तक इन कर्मियों को नियमित नहीं किया जाता, तब तक इन्हें दस हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाना चाहिए। ज्ञापन देने वालों में रॉकी वाल्मीकि, संजय वाल्मीकि, नीरज पेंटर, आनंद वाल्मीकि आदि रहे।
विज्ञापन
एक कार्यक्रम में शामिल होने आई राष्ट्रीय सफाई सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य मंजू दिलेर से मिलकर भावाधस के पदाधिकारियों ने कहा कि नगर पालिका परिषद चंदौसी में 115 कर्मचारी संविदा पर कार्य करते हैं। इनका नियमितीकरण किया जाना चाहिए। जबकि 107 सफाई कर्मचारी आउट सोर्सिंग के माध्यम से कार्य कर रहे हैं। इन्हें 7500 रुपये प्रति माह मिलता है, जो अब घटकर 6734 रुपये कर दिया गया है।
विज्ञापन
इस अल्प वेतन में बच्चों की पढ़ाई लिखाई, रहन-सहन आदि जीविकोपार्जन संभव नहीं हो पा रहा है। इन्हें चार साप्ताहिक अवकाश के बाद इनकी दैनिक मजदूरी 259 प्रतिदिन निर्धारित की गई है। जबकि मुरादाबाद, अलीगढ़, मेरठ आदि नगर निगमों में आउट सोर्सिंग के कर्मचारियों को 10 हजार रुपये प्रति माह मिल रहे हैं।
विज्ञापन
जब तक इन कर्मियों को नियमित नहीं किया जाता, तब तक इन्हें दस हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाना चाहिए। ज्ञापन देने वालों में रॉकी वाल्मीकि, संजय वाल्मीकि, नीरज पेंटर, आनंद वाल्मीकि आदि रहे।