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पर्ची न मिलने से गुस्साए किसानों ने समिति सचिव को घेरा
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बिलारी। गन्ना समिति बिलारी से जुड़े गन्ना किसानों के खेतों के सर्वे और किसानों को मिले गन्ना कैलेंडर में भारी विरोधाभास मिलने से गुस्साए गन्ना किसानों ने समिति सचिव को घेरकर रोष जताया।
बिलारी क्षेत्र के गन्ना किसानों को सहकारी गन्ना विकास समिति कार्यालय से जो तौल पर्चियां जारी हो रही हैं उन्हीं तौल पर्चियों के आधार पर किसान शुगर मिलों में जाकर अपना गन्ना बेचते हैं। कम कृषि जोत वाले जिन किसानों को गन्ने की फसल काटकर अपने खेत में गेहूं बोना है उन्हें गन्ना बेचने के लिए तौल पर्चियां मिलने की काफी जल्दी है। जिन किसानों के खेतों में सामान्य प्रजाति की पेड़ी खड़ी है वह भी इस कोशिश में जुटे हैं कि सामान्य प्रजाति की तौल पर्चियां मिलने पर वह अपनी पेड़ी शुगर मिलों को आपूर्ति कर सकें। गन्ना सीजन शुरू हुए लगभग दो माह पूरे होने को हैं लेकिन गन्ना समिति बिलारी क्षेत्र के किसानों को उनकी जरूरत के मुताबिक तौल पर्ची मिलने की समस्या दूर नहीं हो पा रही है।
शनिवार की दोपहर क्षेत्र के ग्राम ग्वारऊ, सनाई, ढकिया नरू, टांडा अमरपुर, उमरारा, स्योंडारा, सफीलपुर, समाथल, थांवला, इब्राहीमपुर, तिमनपुर, मुबारकपुर, सैदपुर जसकोली, जलालपुर, महलोली, हाथीपुर आदि गांव के सैकड़ों गन्ना किसान गन्ना सर्वे में गड़बड़ी और तौल पर्ची न मिलने की समस्या को लेकर गन्ना समिति कार्यालय आए थे। गन्ना विकास परिषद बिलारी के कार्यालय में ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक के मौजूद न मिलने पर परेशान किसान समिति सचिव घनश्याम के कार्यालय में पहुंच गए। यहां किसानों ने सचिव को अपने अपने कैलेंडर दिखाते हुए कहा कि मौके पर उनके खेतों का जो सर्वे हुआ है और कैलेंडर में तौल पर्ची जारी होने का जो विवरण दिखाया गया है उसमें भारी विरोधाभास है। इसी बात को लेकर किसानों की समिति सचिव से नोकझोंक हो गई। किसानों ने सचिव का घेराव कर रोष जताया।
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बिलारी क्षेत्र के गन्ना किसानों को सहकारी गन्ना विकास समिति कार्यालय से जो तौल पर्चियां जारी हो रही हैं उन्हीं तौल पर्चियों के आधार पर किसान शुगर मिलों में जाकर अपना गन्ना बेचते हैं। कम कृषि जोत वाले जिन किसानों को गन्ने की फसल काटकर अपने खेत में गेहूं बोना है उन्हें गन्ना बेचने के लिए तौल पर्चियां मिलने की काफी जल्दी है। जिन किसानों के खेतों में सामान्य प्रजाति की पेड़ी खड़ी है वह भी इस कोशिश में जुटे हैं कि सामान्य प्रजाति की तौल पर्चियां मिलने पर वह अपनी पेड़ी शुगर मिलों को आपूर्ति कर सकें। गन्ना सीजन शुरू हुए लगभग दो माह पूरे होने को हैं लेकिन गन्ना समिति बिलारी क्षेत्र के किसानों को उनकी जरूरत के मुताबिक तौल पर्ची मिलने की समस्या दूर नहीं हो पा रही है।
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शनिवार की दोपहर क्षेत्र के ग्राम ग्वारऊ, सनाई, ढकिया नरू, टांडा अमरपुर, उमरारा, स्योंडारा, सफीलपुर, समाथल, थांवला, इब्राहीमपुर, तिमनपुर, मुबारकपुर, सैदपुर जसकोली, जलालपुर, महलोली, हाथीपुर आदि गांव के सैकड़ों गन्ना किसान गन्ना सर्वे में गड़बड़ी और तौल पर्ची न मिलने की समस्या को लेकर गन्ना समिति कार्यालय आए थे। गन्ना विकास परिषद बिलारी के कार्यालय में ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक के मौजूद न मिलने पर परेशान किसान समिति सचिव घनश्याम के कार्यालय में पहुंच गए। यहां किसानों ने सचिव को अपने अपने कैलेंडर दिखाते हुए कहा कि मौके पर उनके खेतों का जो सर्वे हुआ है और कैलेंडर में तौल पर्ची जारी होने का जो विवरण दिखाया गया है उसमें भारी विरोधाभास है। इसी बात को लेकर किसानों की समिति सचिव से नोकझोंक हो गई। किसानों ने सचिव का घेराव कर रोष जताया।
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