{"_id":"5944256e4f1c1bf14b8b4967","slug":"14976382823-chandausi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लीड-आखिर किसानों के साथ क्यों हो रही है वादा खिलाफी?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लीड-आखिर किसानों के साथ क्यों हो रही है वादा खिलाफी?
Updated Sat, 17 Jun 2017 12:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेशनल हाईवे दो घंटे तक जाम लगाकर गरजे किसान
भाकियू अअ के बैनर तले किसानों ने सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए सड़क पर बिखेरे आलू
बिना ब्याज कर्जा दिलाने व किसानों का कर्जा माफ करना भूल गई सरकार
प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलक्टर को सौंपा, उग्र आंदोलन को चेताया
अमर उजाला ब्यूरो
बहजोई(संभल)। केंद्र और प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को किसान सड़क पर आ गए। भारतीय किसान यूनियन असली के बैनर तले किसानों ने कलक्ट्रेट के सामने मुरादाबाद-आगरा नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। इस दौरान किसानों ने जमकर नारेबाजी की। इसके बाद किसानों ने हाईवे पर आलू बिखेर कर विरोध जताया। जाम के दौरान किसानों का कहना था कि अगर सरकार किसानों की मांगें नहीं पूरी करती तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
सरकार की वादा खिलाफी का विरोध करते हुए भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक असली के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं समेत अन्य किसानों ने अपनी मांगों को लेकर दोपहर 12 बजे से कलक्ट्रेट के बाहर एनएच पर जाम लगा दिया। दोनों ओर वाहनों के पहिये थम गए। हालांकि पुलिस ने वाहनों को दूर से ही दूसरे मार्ग की ओर डायवर्ट कर दिया। किसान नेता रिषभ चौधरी का कहना था कि केंद्र की सरकार स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू करने में क्यों हिचकिचा रही है? इसी के आधार पर किसानों को अपनी फसल का वाजिब दाम मिल सकता था। इसके अलावा भाजपा सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले किसानों को बिना ब्याज के कर्ज दिलाने तथा प्रदेश सरकार ने किसानों का कर्ज माफ करने की बात कही थी। किसानों के सहयोग से केंद्र व राज्य में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार भी बन गई लेकिन किसानों की ओर किसी ने भी ध्यान नहीं दिया। अपने दोनोें ही वादों को सरकार भूल गई है। नतीजा, कर्ज में डूबे किसान आत्महत्या को मजबूर हैं। यदि यही हाल रहा तो वह दिन दूर नहीं जब किसान पूरी तरह सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगा। अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। इसके बाद किसानों ने आक्रोशित होकर एनएच पर आलू बिखेर कर विरोध जताया। इसके बाद प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलक्टर ओमवीर सिंह को सौंपा। प्रदेश अध्यक्ष आशिक रजा व मंडल अध्यक्ष रिषभ चौधरी समेत ऋषिपाल सिंह यादव, मोरध्वज यादव, दानवीर सिंह यादव, शंकरलाल शर्मा क्रांतिवीर, विनोद साथी व नन्हू सिंह राणा मौजूद रहे।
विज्ञापन
भाकियू अअ के बैनर तले किसानों ने सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए सड़क पर बिखेरे आलू
बिना ब्याज कर्जा दिलाने व किसानों का कर्जा माफ करना भूल गई सरकार
प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलक्टर को सौंपा, उग्र आंदोलन को चेताया
अमर उजाला ब्यूरो
बहजोई(संभल)। केंद्र और प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को किसान सड़क पर आ गए। भारतीय किसान यूनियन असली के बैनर तले किसानों ने कलक्ट्रेट के सामने मुरादाबाद-आगरा नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। इस दौरान किसानों ने जमकर नारेबाजी की। इसके बाद किसानों ने हाईवे पर आलू बिखेर कर विरोध जताया। जाम के दौरान किसानों का कहना था कि अगर सरकार किसानों की मांगें नहीं पूरी करती तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
सरकार की वादा खिलाफी का विरोध करते हुए भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक असली के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं समेत अन्य किसानों ने अपनी मांगों को लेकर दोपहर 12 बजे से कलक्ट्रेट के बाहर एनएच पर जाम लगा दिया। दोनों ओर वाहनों के पहिये थम गए। हालांकि पुलिस ने वाहनों को दूर से ही दूसरे मार्ग की ओर डायवर्ट कर दिया। किसान नेता रिषभ चौधरी का कहना था कि केंद्र की सरकार स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू करने में क्यों हिचकिचा रही है? इसी के आधार पर किसानों को अपनी फसल का वाजिब दाम मिल सकता था। इसके अलावा भाजपा सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले किसानों को बिना ब्याज के कर्ज दिलाने तथा प्रदेश सरकार ने किसानों का कर्ज माफ करने की बात कही थी। किसानों के सहयोग से केंद्र व राज्य में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार भी बन गई लेकिन किसानों की ओर किसी ने भी ध्यान नहीं दिया। अपने दोनोें ही वादों को सरकार भूल गई है। नतीजा, कर्ज में डूबे किसान आत्महत्या को मजबूर हैं। यदि यही हाल रहा तो वह दिन दूर नहीं जब किसान पूरी तरह सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगा। अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। इसके बाद किसानों ने आक्रोशित होकर एनएच पर आलू बिखेर कर विरोध जताया। इसके बाद प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलक्टर ओमवीर सिंह को सौंपा। प्रदेश अध्यक्ष आशिक रजा व मंडल अध्यक्ष रिषभ चौधरी समेत ऋषिपाल सिंह यादव, मोरध्वज यादव, दानवीर सिंह यादव, शंकरलाल शर्मा क्रांतिवीर, विनोद साथी व नन्हू सिंह राणा मौजूद रहे।
विज्ञापन