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16 लाख एक माह का घरेलू बिजली बिल देख उड़े होश
Updated Thu, 15 Jun 2017 02:27 AM IST
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बिजली के बिल से लगा ‘करेंट’, उपभोक्ता के उड़ गए होश
- घरेलू कनेक्शन का एक माह का 16 लाख आया बिल, पीड़ित ने एसडीओ से की शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला। बिजली बिल के वितरण में मनमानी रुकने का नाम नहीं ले रही है। अब नगर की बैंक कालोनी में किराए के घर में रह रहे गेेहूं क्रय केंद्र के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के घर का बिजली बिल सोलह लाख रुपये दे दिया गया। यह बिल देख उपभोक्ता के होश उड़ गए। पीड़ित का कहना है कि हर माह समय से बिल जमा करते हैं। इसके बाद भी इतना बिल समझ से परे है। मामले की शिकायत एसडीओ से की गई है।
मूल रूप से धामपुर निवासी अजयपाल गजरौला की बैंक कालोनी में तीन साल से किराए के मकान में परिवार के साथ रह रहा है। अजयपाल गजरौला में सरकारी गेहूं क्रय केंद्र पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। अजयपाल के मुताबिक हर माह बिजली का बिल समय से जमा कर देता हूं। अब अप्रैल का बिल एक हजार आठ सौ रुपये जमा किया था। इसके बाद मई का बिल चार जून को आया। इसमें सोलह लाख तैंतीस हजार रुपये का बिल बकाया दिखाया गया। इस पर पीड़ित ने एसडीओ कार्यालय में मामले की शिकायत की, लेकिन अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया गया है। उधर, एसडीओ रविंद्र कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो उसमें सुधार कराया जाएगा। कभी-कभी टेक्निकल फाल्ट की वजह से भी बिल अधिक आ जाते हैं।
फोटो भी है।
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- घरेलू कनेक्शन का एक माह का 16 लाख आया बिल, पीड़ित ने एसडीओ से की शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला। बिजली बिल के वितरण में मनमानी रुकने का नाम नहीं ले रही है। अब नगर की बैंक कालोनी में किराए के घर में रह रहे गेेहूं क्रय केंद्र के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के घर का बिजली बिल सोलह लाख रुपये दे दिया गया। यह बिल देख उपभोक्ता के होश उड़ गए। पीड़ित का कहना है कि हर माह समय से बिल जमा करते हैं। इसके बाद भी इतना बिल समझ से परे है। मामले की शिकायत एसडीओ से की गई है।
मूल रूप से धामपुर निवासी अजयपाल गजरौला की बैंक कालोनी में तीन साल से किराए के मकान में परिवार के साथ रह रहा है। अजयपाल गजरौला में सरकारी गेहूं क्रय केंद्र पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। अजयपाल के मुताबिक हर माह बिजली का बिल समय से जमा कर देता हूं। अब अप्रैल का बिल एक हजार आठ सौ रुपये जमा किया था। इसके बाद मई का बिल चार जून को आया। इसमें सोलह लाख तैंतीस हजार रुपये का बिल बकाया दिखाया गया। इस पर पीड़ित ने एसडीओ कार्यालय में मामले की शिकायत की, लेकिन अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया गया है। उधर, एसडीओ रविंद्र कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो उसमें सुधार कराया जाएगा। कभी-कभी टेक्निकल फाल्ट की वजह से भी बिल अधिक आ जाते हैं।
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फोटो भी है।