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रामगंगा का जल स्तर बढ़ने से मची अफरातफरी
Updated Thu, 27 Sep 2018 02:09 AM IST
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मुरादाबाद।
रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से बुधवार को लोगों में अफरातफरी मच गई। नदी के किनारे के घरों तक पानी पहुंचा तो लोगों ने सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर जाना शुरू कर दिया। अफसरों ने लोगों को भरोसा दिया है कि अब जलस्तर कम होने लगेगा।
तीन दिन की बारिश से रामगंगा नदी में फिर उफान आ गया है। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई थी। इससे स्थानीय नालों से होकर पानी रामगंगा में पहुंच गया। पहाड़ी क्षेत्रों का पानी ढेला नदी से होकर रामगंगा में मिल गया। वहीं पानी बढ़ने से खो डैम से भी सोमवार को 30 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे रामगंगा का जलस्तर चार फीट बढ़कर 189.30 पर पहुंच गया। पानी तेज बहाव के साथ रामगंगा किनारे की कालोनियों तक जा पहुंचा। पिछले दिनों 15 दिन तक बाढ़ और जलभराव की आपदा झेल चुके लोगों में इससे खौफ पैदा हो गया। सूर्यनगर और वारसी नगर क्षेत्र के लोगों ने जरुरी सामानप समेटकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया।
सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण खंड के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार सिंह ने बताया कि खो बैराज से पानी कम करके अब मात्र नौ हजार क्यूसेक रह गया है। बरसात भी बंद हो गई है। ऐसे में रामगंगा के जल स्तर में भी कमी होनी शुरू हो जाएगी। बृहस्पतिवार शाम तक जल स्तर में कमी आ जाएगी।
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रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से बुधवार को लोगों में अफरातफरी मच गई। नदी के किनारे के घरों तक पानी पहुंचा तो लोगों ने सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर जाना शुरू कर दिया। अफसरों ने लोगों को भरोसा दिया है कि अब जलस्तर कम होने लगेगा।
तीन दिन की बारिश से रामगंगा नदी में फिर उफान आ गया है। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई थी। इससे स्थानीय नालों से होकर पानी रामगंगा में पहुंच गया। पहाड़ी क्षेत्रों का पानी ढेला नदी से होकर रामगंगा में मिल गया। वहीं पानी बढ़ने से खो डैम से भी सोमवार को 30 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे रामगंगा का जलस्तर चार फीट बढ़कर 189.30 पर पहुंच गया। पानी तेज बहाव के साथ रामगंगा किनारे की कालोनियों तक जा पहुंचा। पिछले दिनों 15 दिन तक बाढ़ और जलभराव की आपदा झेल चुके लोगों में इससे खौफ पैदा हो गया। सूर्यनगर और वारसी नगर क्षेत्र के लोगों ने जरुरी सामानप समेटकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया।
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सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण खंड के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार सिंह ने बताया कि खो बैराज से पानी कम करके अब मात्र नौ हजार क्यूसेक रह गया है। बरसात भी बंद हो गई है। ऐसे में रामगंगा के जल स्तर में भी कमी होनी शुरू हो जाएगी। बृहस्पतिवार शाम तक जल स्तर में कमी आ जाएगी।
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