मेरठ रैली में मोदी ने खूब चलाए ‘शब्दबाण’
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विजय शंखनाद रैली में शब्दों के प्रहार के अलावा वोटों पर भी नजर टिकी रही। पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी हिंदुत्व पर तो नहीं बोले, लेकिन जिस अंदाज में बोले, वह सपा विरोधी वोटों को लामबंद करने की कोशिश लगा।
यह कोशिश भी दिखी कि यूपी की चुनावी जंग में बसपा को मुख्य मुकाबले से दूर ही रखा जाए। पूरी रैली में किसी भी वक्ता ने बसपा का नाम तक नहीं लिया।
मोदी ने भीड़ की वाहवाही लूटने के लिए हर हथियार का इस्तेमाल किया।
युवक को मोदी ने खिलाई कसम
भाषण के दौरान खंभे पर चढ़े एक युवक को यह कहकर नीचे उतारने के लिए कि ‘कोई हादसा हो गया तो हम जवाब नहीं दे पाएंगे’।
उन्होंने युवक को चौधरी चरण सिंह की कसम खिलाई तो युवक खुद ही नीचे उतर आया।
उन्होंने मुलायम सिंह और अखिलेश का नाम लिए बगैर कहा कि ‘नेताजी’ हमारा मुकाबला करते हैं। यूपी के ऐसे हालात कर दिए गए हैं कि बहू-बेटी घर से निकलते हुए घबराती हैं।
सपा यानि समाज विरोधी पार्टी
मोदी ने ऐलानिया तौर पर कहा कि अगर हमसे मुकाबला करना है तो विकास में कीजिए। सूबे की कानून-व्यवस्था सुधारिए। किसान को खुशहाल बनाइए। किसान तरक्की करेगा तो देश खुशहाल होगा।
मोदी ने यह कहकर चुटकी ली कि सपा ने अपना नाम बदल लिया है, वह अब समाजवादी पार्टी के बजाय ‘समाज विरोधी पार्टी’ हो गई है।
उन्होंने सवाल किया कि मेरठ के लोग सच्चे दिल से बताएं कि सपा के राज में क्या बहू-बेटी सुरक्षित हैं? क्या किसान को उसकी फसलों का वाजिब दाम मिला? भीड़ ने शोर मचाकर ‘नहीं’ में जवाब दिया।
‘आजम खां की भैंस चोरी हो गई है’
मोदी ने जुमला छोड़ा, ‘मिल मालिक मस्त हैं, सरकार भ्रष्ट है और किसान पस्त है’। ऐसी सरकार किसी का भला नहीं कर सकती, जो खुद की जेबें भरने में लगी हो।
इस दौरान भीड़ से आवाज आई, ‘आजम खां की भैंस चोरी हो गई है’। मोदी बोले, प्रदेश का हाल खुद ही देख लीजिए। उन्होंने नौजवानों से सवाल किया ‘अपने पिता और दादा की तरह जीना चाहते हो? रोजगार चाहते हो? खुशहाली चाहते हो?
भीड़ ने खड़े होकर चिल्लाना शुरू कर दिया। मोदी ने कहा कि भारत के भाग्य को बदलने का वक्त आ गया है। उन्होंने 2014 के चुनाव के लिए वोट फोर बीजेपी का नारा देकर अपना भाषण खत्म किया।