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मोदी रहेंगे बनारसी ‘स्वाद’ से दूर, आखिर क्यों?
अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 17 Dec 2013 07:15 PM IST
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भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी अपनी वाराणसी में होने वाली रैली के दौरान 'बनारसी स्वाद' परहेज करेंगे।
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नरेंद्र मोदी 20 दिसंबर को पहली बार बनारस आ रहे हैं। यहां के लोग ठेठ बनारसी तरीके से उनकी मेहमाननवाजी करना चाहते हैं।
उन्हें बनारसी मिजाज और बनारसी स्वाद से परिचित कराने की तैयारी है। खाने और नाश्ते के मेन्यू में बनारस की कई प्रसिद्ध मिठाईयां और पकवान शामिल हैं।
मगर सूत्रों की मानें तो विजय शंखनाद रैली को संबोधित करने बनारस आ रहे मोदी बनारसी स्वाद से परहेज रखेंगे। रैली के उपरांत शाम की चाय के साथ साल्टेड काजू व पिस्ता की नमकीन ही उनकी प्लेट में नजर आएगी।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने रैली में वीआईपी लोगों के खानपान की व्यवस्था देख रही कमेटी को मोदी के लिए विशेष रूप से ग्रीन टी और ड्राई फ्रूटस की व्यवस्था करने को कहा है।
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दोपहर का भोजन मोदी विमान में ही करेंगे। मोदी रैली स्थल पर अपराह्न एक बजे पहुंचेंगे। जुमे की नमाज के बाद वे जनता को संबोधित करेंगे। वीआईपी लोगों के खान-पान की व्यवस्था देख रही कमेटी के अनुसार नाश्ते के मेन्यू में बनारस की प्रसिद्ध मिठाईयों के अलावा मलइय्यो, जलेबी-रबड़ी, मटर-चूड़ा, कॉफी, लेमन टी शामिल है।
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इसके अलावा बनारसी पान से भी मेहमानों का स्वागत किया जाएगा। पार्टी के वालंटियर्स के लिए डिब्बा बंद नाश्ते की व्यवस्था रहेगी।