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मिशन मोदी की पटकथा तैयार, सिर्फ शूटिंग बाकी

Fri, 14 Jun 2013 08:52 AM IST
अखिलेश वाजपेयी
अखिलेश वाजपेयी Updated Fri, 14 Jun 2013 08:52 AM IST
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mission modi in up
भाजपा महासचिव अमित शाह ने दो दिनी यूपी यात्रा के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को साफ कर दिया है कि नरेंद्र मोदी की नुमाइंदगी में ही यूपी की सियासत नई करवट लेगी।
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चिड़िया की आंख पर निशाना साधे भगवा ब्रिगेड ने लालकृष्ण आडवाणी जैसे दिग्गज की नाराजगी को दरकिनार करते हुए यह संदेश दे दिया है।

संघ के ‘मिशन मोदी’ फिल्म की पटकथा तैयार है और उसकी धुरी यूपी को बनाया गया है।

फिल्म की शूटिंग का काम मोदी के खासमखास अमित शाह की अगुवाई में होगा। शाह ने इसकी कवायद शुरू भी कर दी है।

दो दिन के लखनऊ दौरे के दौरान उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों, विधायकों, प्रमुख नेताओं से लेकर आम कार्यकर्ताओं तक से बात कर जमीनी हकीकत समझने की कोशिश की।
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किसी को पुचकारा तो किसी को समझाया और कुछ को रास्ते पर आने की हिदायत भी दी।

यही नहीं, प्रदेश प्रभारी के रूप में शाह ने अपने पहले दौरे में फिल्म के लिए न सिर्फ लोगों की भूमिका के बारे में फीडबैक लिया, फिल्मांकन के लिए स्पॉट तलाशे बल्कि यह संदेश देने की भी कोशिश की कि पटकथा के लिहाज से भूमिकाएं तय कर दी गई हैं।
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लोगों को अगर भविष्य में सम्मान चाहिए तो उन्हें सौंपी गई भूमिकाओं को स्वीकार करना होगा। जो अपनी भूमिका को ईमानदारी व लगन से निभाएगा, उसका भविष्य में ख्याल रखा जाएगा।

वरिष्ठ नेताओं को पूरा सम्मान दिया जाएगा। उनकी सलाह ली जाएगी। पर, उन्हें एकजुट होना पड़ेगा। भूमिकाएं न मंजूर करने वाले विलेन माने जाएंगे। ऐसे लोगों को बाहर का रास्ता दिखाने में देर नहीं लगेगी।

सर्वेक्षण बने आधार

विभिन्न स्रोतों व सर्वेक्षणों के जरिये सामने आए निष्कर्षों के मद्देनजर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने नरेन्द्र मोदी के चेहरे के साथ ही चुनावी समर में कूदने का फैसला कर लिया है। भले ही कोई कितना भी विरोध करे।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने तंत्र से जो जानकारी जुटाई है, उससे मोदी के नेतृत्व में ही भाजपा की नैया पार होती दिखाई दे रही है। संघ ने अपने लोगों से संचालित दो एजेंसियों से अलग-अलग सर्वेक्षण कराया है।

इन दोनों सर्वेक्षणों के मुताबिक मोदी के नेतृत्व में लोकसभा चुनाव लड़ने पर भाजपा को 205 से 220 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। इसके मुताबिक उत्तर प्रदेश में भाजपा 30 से 35 सीटें मिलने की उम्मीद है।

संघ जानता है कि सीटों की संख्या में अधिकतम बढ़ोतरी उत्तर प्रदेश से ही हो सकती है। इसलिए उसने राष्ट्रीय स्तर पर ‘मिशन मोदी’ का फैसला किया।

साथ ही इस मिशन को परवान चढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश को मुख्य भूमिका में रखने का फैसला किया।

खुद अमित शाह ने गुरुवार को यहां कहा कि उत्तर प्रदेश में न सिर्फ सीटें ज्यादा हैं बल्कि अतीत के परिणामों को देखते हुए संभावनाएं भी अधिक हैं। इसलिए उत्तर प्रदेश पर ज्यादा फोकस है।

नेताओं को पुचकारने की कोशिश

संघ ने राष्ट्रीय स्तर पर ‘मिशन मोदी’ की सफलता के लिए सभी बाधाओं को दूर करने का फैसला कर लिया है। चूंकि इस मिशन की सफलता का दारोमदार यूपी पर ज्यादा है, इसीलिए भगवा ब्रिगेड के रणनीतिकार हर हालत में यहां जीतना चाहते हैं।

संघ ने आडवाणी प्रकरण के जरिये यह साफ कर दिया है कि दिल्ली हो या यूपी ‘मिशन मोदी’ को पूरा करने की राह में जो भी आएगा, उसे नेपथ्य में भेज दिया जाएगा।

यह बात जगजाहिर है कि यूपी में भाजपा के प्रमुख नेताओं के बीच पाले खिंचे हुए हैं। वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के आने के बाद प्रदेश में बड़े व छोटे का भी संकट खड़ा हो गया है।

कलराज मिश्र, ओमप्रकाश सिंह, लालजी टंडन, विनय कटियार, डॉ. रमापति राम त्रिपाठी, सूर्यप्रताप शाही सहित कई नेता अपनी अनदेखी पर नाराजगी जता चुके हैं।

माना जा रहा है कि शाह ने दो दिन में इनमें से कुछ नेताओं से अलग-अलग मुलाकात करके उनकी नाराजगी को दूर करने की कोशिश की। इस आश्वासन के साथ कि उनके सम्मान और सुझावों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

भविष्य में उनकी उपेक्षा नहीं होने दी जाएगी। जो वरिष्ठ नेताओं की सलाह और सम्मान का ध्यान नहीं रखेगा, उसे भी सजा दी जाएगी। मकसद सिर्फ यह है कि सभी लोग एकजुट होकर आगे बढ़ें। कहीं कोई बात है तो उसे पार्टी फोरम पर ही रखें।

दिग्गजों का भरपूर उपयोग

शाह के यूपी के भाजपा नेताओं से अलग-अलग मुलाकात से यह साफ हो गया है कि संघ परिवार के रणनीतिकारों ने अनुभवी चेहरों का पूरा लाभ उठाने की योजना बना ली है। कल्याण सिंह ‘मिशन मोदी’ के यूपी में मुख्य सूत्रधार होंगे।


मोदी की तरह ही कभी पिछड़े चेहरे और हिंदुत्व व विकास के पर्याय बने कल्याण का पार्टी वोट जुटाने के लिए भरपूर इस्तेमाल करेगी।

राजनाथ सिंह, कलराज मिश्र, ओमप्रकाश सिंह और विनय कटियार के जरिये सामाजिक समीकरण साधे जाएंगे। इन चेहरों के जरिये अगड़ों व पिछड़ों को हिंदुत्व के नाम पर एकजुट करके ‘मिशन मोदी’ को यूपी में परवान चढ़ाया जाएगा।
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