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अब मिस्ड कॉल से लगेगी गुरुजी की 'हाजिरी'
अलीगढ़/ब्यूरो
Updated Fri, 22 Feb 2013 09:43 AM IST
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बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों की बेहतर तस्वीर बनाने के लिए अलीगढ़ के डीएम ने एक नया प्रयोग किया है। स्कूलों से गायब रहने वाले शिक्षकों पर नकेल कसने के लिए मिस्ड कॉल सर्विस शुरू कराई है। जिसके तहत उपलब्ध कराए गए एक मोबाइल नंबर पर शिक्षकों को स्कूल पहुंचकर मिस्ड कॉल देनी होगी। मिस्ड कॉल से उनकी सही लोकेशन और हाजिरी दोनों का पता चल जाएगा।
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यह पायलट प्रोजेक्ट गुरुवार को ट्रायल में सफल रहा। इसे पहली मार्च से विधिवत शुरू कर अनुपस्थित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा। इस प्रोजेक्ट की डिटेल रिपोर्ट को सभी जिलों में लागू कराने के लिए शासन को भेजने की तैयारी भी शुरू हो गई है।
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डीएम राजीव रौतेला ने बताया कि पहले दिन ट्रायल बतौर 4500 शिक्षकों में से 3250 की उपस्थिति 04071015161 नंबर पर मिस्ड कॉल करने पर मिली है। मिस्ड कॉल के जवाब में स्वत: ही उनके मोबाइल पर ‘आशा है आप समय से विद्यालय में उपस्थित होकर पठन पाठन करा रहे होंगे: राजीव रौतेला’ मैसेज पहुंचा। इसे और अपडेट करने के लिए बीएसएनएल को सभी शिक्षकों के नंबरों की डिटेल भेजी जा रही है। उसी के आधार पर मिस्ड कॉल करने पर स्पष्ट हो जाएगा कि शिक्षक ने कॉल स्कूल के आसपास से की है या फिर कहीं और से।
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उन्होंने कहा कि रिकार्ड में मोबाइल की लोकेशन किसी दूसरे स्थान की मिली तो शिक्षक को नोटिस जारी किया जाएगा। उसी के साथ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। दूसरी ओर एबीएसए को भी जिला मुख्यालय पर शिक्षकों से पूछे गए सवालों का ब्योरा कार्रवाई के लिए मेल से भेजा जा रहा है। जिस पर उनके स्तर से की गई कार्रवाई रिपोर्ट हर सप्ताह ली जाएगी।
इस सिस्टम के लिए जिला सूचना विज्ञान केंद्र के जिला सूचना विज्ञान अधिकारी राजेश कुमार गंगल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अगले चरण में स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर, फार्मासिस्ट, एनएनएम, आशा, लेखपाल, पंचायत कर्मी तथा आंगनबाड़ी का भी ब्योरा मिस्ड कॉल सर्विस से लिया जाएगा। इन सभी के लिए एनआईसी ने स्टाफ का ब्योरा मोबाइल फोन नंबर के साथ मांगा है।