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रत्नजड़ित आभूषणों से सजा मां का रूप
ब्यूरो/अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Thu, 14 Apr 2016 12:33 AM IST
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मां विंध्यवासिनी
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चैत्र नवरात्र की सप्तमी तिथि, बुधवार को विंध्याचल धाम में दर्शनार्थियों का रेला उमड़ पड़ा। दो लाख से अधिक भक्तों ने मां के श्रीचरणों में शीश नवाया। देश के कोने-कोने से आए भक्तों ने माता को नारियल चुनरी आदि चढ़ाकर मन्नतें मांगी। मनौती पूरा होने पर अधिकांश लोग ढोल नगाड़े के साथ माता के दरबार में पहुंचे थे। भोर से मां के दर्शन पूजन का क्रम शुरू हो गया, जोकि रात तक जारी रहा। इस दौरान मां के जयकारे से मंदिर की ओर जाने वाली सातों गलियां गूंजतीं रहीं।
सप्तमी तिथि पर भोर में मंगला आरती के पूर्व ही विंध्यधाम की गलियों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गई थीं। मां की भव्य आरती के बाद शुरू हुआ दर्शन-पूजन का दौर देर रात तक चलता रहा। बीच-बीच में आरती के समय मां का कपाट बंद होने के कारण श्रद्धालु जहां कतार में खड़े थे, वहीं बैठकर भजन करते हुए कपाट खुलने का इंतजार करते रहे। महिलाओं ने हलवा-पूड़ी का भोग लगा कर मां का पूजन-अर्चन किया, पुरुषों ने नारियल, चुनरी व प्रसाद चढ़ा कर मंगलकामना की।
मेला क्षेत्र में जगह जगह स्थित धर्मशाला परिसर में कड़ाही चढ़ा कर हलवा-पूड़ी बनाने में महिलाएं मशगूल दिखीं। बरतर तिराहे से स्टेट बैंक चौराहा, थाना गली, गंगा घाट गली सहित कई अन्य गलियाें व मार्गों पर स्थित धर्मशाला परिसर में बुधवार को कड़ाही चढ़ाने के लिए महिलाआें में होड़ मची रही। महिलाओं ने मिट्टी के चूल्हे पर कड़ाही चढ़ा कर मां के लिए हलवा-पूड़ी आदि बनाने के बाद मंदिर जाकर चढ़ाया।
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सप्तमी तिथि पर भोर में मंगला आरती के पूर्व ही विंध्यधाम की गलियों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गई थीं। मां की भव्य आरती के बाद शुरू हुआ दर्शन-पूजन का दौर देर रात तक चलता रहा। बीच-बीच में आरती के समय मां का कपाट बंद होने के कारण श्रद्धालु जहां कतार में खड़े थे, वहीं बैठकर भजन करते हुए कपाट खुलने का इंतजार करते रहे। महिलाओं ने हलवा-पूड़ी का भोग लगा कर मां का पूजन-अर्चन किया, पुरुषों ने नारियल, चुनरी व प्रसाद चढ़ा कर मंगलकामना की।
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मेला क्षेत्र में जगह जगह स्थित धर्मशाला परिसर में कड़ाही चढ़ा कर हलवा-पूड़ी बनाने में महिलाएं मशगूल दिखीं। बरतर तिराहे से स्टेट बैंक चौराहा, थाना गली, गंगा घाट गली सहित कई अन्य गलियाें व मार्गों पर स्थित धर्मशाला परिसर में बुधवार को कड़ाही चढ़ाने के लिए महिलाआें में होड़ मची रही। महिलाओं ने मिट्टी के चूल्हे पर कड़ाही चढ़ा कर मां के लिए हलवा-पूड़ी आदि बनाने के बाद मंदिर जाकर चढ़ाया।
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