UPSC Civil Services: मिर्जापुर के दो होनहारों ने बनाए सफलता के कीर्तिमान, नियमित अध्ययन को बताया सफलता का मूल
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भारतीय प्रशासनिक सेवा में 66वां स्थान प्राप्त करने वाले मिर्जापुर जिले के सौरभ नियमित अध्ययन को महत्व देते हैं। उनका मानना है कि सतत प्रयास से ही किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त की जा सकती है। अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता व गुरुजनों को देते हुए सौरभ ने कहा कि प्रशासनिक सेवा में हर युवा जाना चाहता है। यह सभी का सपना होता है। इसमें ध्यान देने की बात यह है कि मात्र सपना ही नहीं देखना है।
उसके लिए उसी प्रकार का प्रयास भी होना चाहिए। चूंकि यह देश की प्रथम श्रेणी की सेवा है। इसलिए इसमें अधिकतर योग्य व मेधावी प्रतिभागी ही शामिल होते हैं। उनके बीच प्रतियोगिता के लिए अपने आप को हर प्रकार से तैयार करना होता है। मेरा उन प्रतिभागियों से कहना है जो इस प्रतियोगिता की तैयारी कर रहे हैं कि वह अपने अध्ययन को नियमित करें।
समाचार पत्र से शुरू कर भारत के संविधान को एकदम से कंठस्थ कर लें। इसके बाद नियमित रूप से अपने सामान्य अध्ययन को अपडेट करते रहें। इसी के साथ ही वैकल्पिक विषय की पूरी तैयारी करें। नोट्स बनाएं और उसको यथासंभव अपडेट करते रहें।
हालांकि इस समय बहुत सी संस्थाएं आपको इन प्रतियोगिताओं के लिए सहायता करने के लिए मौजूद हैं लेकिन आपकी लगन और आपकी मेहनत ही आपको सफलता दिला सकती है। सौरभ पांडेय ने अभी विवाह नहीं किया है। इस सफलता के बाद वह इस पर विचार करेंगे।
पंकज श्रीवास्तव को 266 वीं रैंक
मिर्जापुर नगर के रूखड़घाट निवासी श्रवण श्रीवास्तव के पुत्र पंकज श्रीवास्तव भी यूपीएससी में चयनित हुए हैं। उन्हें दूसरे प्रयास में सफलता मिली। इसके पहले वह वर्ष 2018 में भी चयनित हो चुके हैं और इस समय ट्रेनिंग कर रहे हैं।
अहमदाबाद के धीरूभाई अंबानी इंस्टीट्यूट से इंजीनियरिंग कर चुके पंकज शुरू से ही मेधावी रहे। इसके पहले वर्ष 2018 में रिजर्व लिस्ट में 26 वीं रैंक हासिल की थी। जबकि इस बार उनका मुख्य सूची में 266 वीं रैंक है। पेशे से अधिवक्ता श्रवण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पंकज इस समय प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है। इस बार उसकी अच्छी रैंक आई है। पंकज की बहन इंजीनियर है। मां विजय लक्ष्मी श्रीवास्तव गृहिणी हैँ।