UP Budget 2023: मेडिकल कॉलेज के बाद अब विंध्य मंडल को मिला राज्य विश्वविद्यालय, वर्षों से चल रही मांग हुई पूरी
विंध्याचल मंडल में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए यूपी सरकार के बजट में 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सब कुछ सही रहा तो आने वाले समय में विंध्याचल मंडल के छात्र और छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
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विंध्याचल मंडल में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए यूपी सरकार के बजट में 50 करोड़ रुपये का प्रावधान हो जाने के बाद अब इसके निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। मिर्जापुर जिले में वर्षों से विंध्य विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग चली आ रही थी। सब कुछ सही रहा तो आने वाले समय में विंध्याचल मंडल के छात्र और छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। विंध्याचल में मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण दो साल पहले ही हुआ है।
विंध्य मंडल (मिर्जापुर) में एक भी विश्वविद्यालय नहीं है। जनवरी में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री ने मिर्जापुर मंडल में विश्वविद्यालय के स्थापना की बात कही थी। बुधवार को प्रदेश सरकार के बजट में विश्वविद्यालय के निर्माण के मद में 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।
कई बार सार्वजनिक मंच पर उठा विश्वविद्यालय का मुद्दा
विंध्य विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए सांसद व केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने काफी प्रयास किया था। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी पत्र लिखकर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए निवेदन किया था। कई बार यह मुद्दा सार्वजनिक मंच पर उठा।
तीन जिलों के विद्यार्थी होंगे लाभान्वित
इन सबके सामूहिक प्रयास से विंध्य विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए इस बार प्रदेश सरकार ने बजट में 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे लोगों में खुशी है। मिर्जापुर मंडल में तीन जिले आते हैं। मिर्जापुर के अतिरिक्त भदोही व सोनभद्र जिले भी इसी मंडल में ही आते हैं। इन तीनों ही जिलों में कोई विश्वविद्यालय नहीं है। इसके बन जाने के बाद तीन जिलों के विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। साथ ही रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
दांती में बनेगा विंध्य विश्वविद्यालय
सदर तहसील के दांती ग्राम सभा में 50 एकड़ से अधिक भूमि पहले ही चिह्नित की जा चुकी है। प्रशासनिक अधिकारियों ने इस भूमि का पहले ही निरीक्षण कर लिया है। शासन के निर्देशानुसार विश्वविद्यालय के लिए कम से कम 50 एकड़ भूमि चिह्नित करने को कहा गया था। शासन स्तर से विंध्याचल मंडल में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए ग्रामीण क्षेत्र में न्यूनतम 50 एकड़ नि:शुल्क भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव मांगा गया था।
इसके पहले भी मंडलायुक्त व जिलाधिकारी ने ग्राम बभनदेवा में पहुंचकर प्रस्तावित जमीन का अवलोकन किया था। इसके बाद जिलाधिकारी ने ग्राम दांती में पहुंचकर जमीन का परीक्षण किया था। विंध्य विश्वविद्यालय के लिए चुनार तहसील क्षेत्र के कई ग्राम पंचायतों में भी भूमि उपलब्ध होने की बात की गई थी, लेकिन मानक पर कोई भी भूमि खरी नहीं उतर पा रही थी।