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टेढ़वा परमापुर मोहल्ले के दो लोगों की डेंगू से मौत
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नगर के टेढ़वा परमापुर मोहल्ले में डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार की रात पूर्व सभासद के पुत्र की डेंगू के चलते वाराणसी के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। रविवार को डेंगू की चपेट में आने से बीमार चल रही वृद्धा की मौत हो गई। इससे पहले भी इस मोहल्ले में तीन लोगों की जान डेंगू और बुखार के चलते हो चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जिले के अंदर डेंगू से मौत की पुष्टि नहीं कर रहे हैं।
जिले में डेंगू का प्रकोप बढ़ता चला जा रहा है। अस्पताल के वार्ड मरीजों से भरे पड़े हैं। स्वास्थ्य विभाग भले ही सरकारी अस्पताल में डेंगू या बुखार से अब तक मौत की बात से इंकार कर रहा है, परंतु जिले के अन्य अस्पतालों और जनपद बाहर इलाज करा रहे कुछ लोगों की डेंगू से मौत हुई है। नगर के टेढ़वा परमापुर मोहल्ला निवासी पूर्व सभासद रमेश सोनकर से दो पुत्र दो पुत्रियां हैं। बड़े पुत्र राहुल सोनकर (27) की चार दिन पहले तबीयत खराब हुई। बुखार आने पर इलाज कराने के बाद परिजन उन्हें उपचार के लिए वाराणसी ले गए। जहां डेंगू के चलते शनिवार की रात उनकी मौत हो गई। राहुल भाजपा अनुसूचित मोर्चा से जुड़े थे।
टेढ़वा परमापुर मोहल्ला निवासी शांति देवी (75) को भी बुखार आया। जांच कराने पर डेंगू निकला। उनकी भी उपचार के दौरान मौत हो गई। इस संबंध में जिला मलेरिया अधिकारी संजय द्विवेदी ने बताया कि जिले में अब तक एलाइजा से 25 डेंगू और किट जांच में 200 संभावित मरीज ही मिले हैं। डेंगू से किसी की मौत नहीं हुई है। सीएमओ डॉ. वीके चौधरी का कहना है कि डेंगू से जिले में किसी की मौत नहीं हुई है। मंडलीय अस्पताल में डेंगू के मरीजों का उपचार किया जा रहा है। इसके अलावा पांच सीएचसी में भी डेंगू मरीजों के इलाज की सुविधा उपलब्ध है।
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जिले में डेंगू का प्रकोप बढ़ता चला जा रहा है। अस्पताल के वार्ड मरीजों से भरे पड़े हैं। स्वास्थ्य विभाग भले ही सरकारी अस्पताल में डेंगू या बुखार से अब तक मौत की बात से इंकार कर रहा है, परंतु जिले के अन्य अस्पतालों और जनपद बाहर इलाज करा रहे कुछ लोगों की डेंगू से मौत हुई है। नगर के टेढ़वा परमापुर मोहल्ला निवासी पूर्व सभासद रमेश सोनकर से दो पुत्र दो पुत्रियां हैं। बड़े पुत्र राहुल सोनकर (27) की चार दिन पहले तबीयत खराब हुई। बुखार आने पर इलाज कराने के बाद परिजन उन्हें उपचार के लिए वाराणसी ले गए। जहां डेंगू के चलते शनिवार की रात उनकी मौत हो गई। राहुल भाजपा अनुसूचित मोर्चा से जुड़े थे।
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टेढ़वा परमापुर मोहल्ला निवासी शांति देवी (75) को भी बुखार आया। जांच कराने पर डेंगू निकला। उनकी भी उपचार के दौरान मौत हो गई। इस संबंध में जिला मलेरिया अधिकारी संजय द्विवेदी ने बताया कि जिले में अब तक एलाइजा से 25 डेंगू और किट जांच में 200 संभावित मरीज ही मिले हैं। डेंगू से किसी की मौत नहीं हुई है। सीएमओ डॉ. वीके चौधरी का कहना है कि डेंगू से जिले में किसी की मौत नहीं हुई है। मंडलीय अस्पताल में डेंगू के मरीजों का उपचार किया जा रहा है। इसके अलावा पांच सीएचसी में भी डेंगू मरीजों के इलाज की सुविधा उपलब्ध है।
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