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दो घंटे 80 लोगों की जान सांसत में रही

Fri, 31 Jul 2015 12:37 AM IST
ब्यूरो मिर्जापुर अमर उजाला
ब्यूरो मिर्जापुर अमर उजाला Updated Fri, 31 Jul 2015 12:37 AM IST
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Two hours , 80 lives were in a spot
बरैनी से 80 सवारियों को लेकर गुरुवार की शाम भटौली घाट आ रहा एक स्टीमर बीच गंगा में तेल खत्म होने के बाद तेज धारा में फंस गया। करीब 15 किलोमीटर तक बहने के बाद पीछे दो स्टीमर लगाकर रस्सा फेंककर किसी तरह उसे किनारे लगाया जा सका। इस दौरान लगभग दो घंटे तक लोगों की जान सांसत में पड़ी रही। यात्री घबड़ाकर स्टीमर पर चिल्लाने लगे। सभी का यही कहना था कि भगवान का शुक्र है कि हम लोग बच गए वरना स्टीमर चालक ने तो चंद रुपयों की खातिर हमारी जान जोखिम में डाल दी थी। 50 लोगों की क्षमता वाले स्टीमर पर 80 लोगों के अलावा 20 बाइक और 35 साइकल भी लादी गई थी।
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गंगा में बाढ़ के चलते नौका संचालन पर रोक है। जिला पंचायत की ओर से लोगों को पार पहुंचाने के लिए स्टीमर चलवाया जा रहा है। रोज की भांति गुरुवार की शाम चार बजे कछवां के बरैनी घाट से 50 लोगों की क्षमता वाला स्टीमर जब भटौली घाट के लिए रवाना हुआ तो चालक ने चंद रुपयों के लालच में 80 सवारियां लाद लीं। यही नहीं, उसने 20 बाइक और 35 साइकल भी स्टीमर पर चढ़वा दी। इसी बीच भटौली घाट से करीब सौ मीटर पहले तेल खत्म होने से स्टीमर बंद हो गया। इसके बाद वह गंगा की तेज धारा में फंसकर बहने लगा। ऐसे में उसपर सवार यात्री घबड़ाकर चिल्लाने लगे। मदद की गुहार लगाने लगे।
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उधर, घाट पर मौजूद छोटी स्टीमर के संचालक की नजर जब उस पर पड़ी तो उसने तत्काल अपने कर्मचारियों को दो स्टीमर के साथ मदद के लिए भेजा। उसने कछवां एवं गुरसंडी पुलिस को भी सूचना दी। कर्मचारियों ने 15 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद रस्सा फेंककर शाम छह बजे धनैता गांव के पास किसी तरह स्टीमर को किनारे लगाया।
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उधर, सूचना मिलने पर गुरसंडी चौकी इंचार्ज मिथिलेश यादव और कछवां थानाध्यक्ष राममोहन राय भी फोर्स के साथ स्टीमर की खोजबीन करते मौके पर पहुंचे। पुलिस ने यात्रियों को नीचे उतरवाया।हालांकि उन्हें करीब सात किलोमीटर रेत में चलकर सड़क पर पहुुंचना पड़ा।

स्टीमर में सवार सुनील दूबे, सत्यदेव शर्मा, सुधांशु उपाध्याय आदि का यही कहना था कि आज उन्हें भगवान ने बचाया वरना स्टीमर चालक ने तो चंद रुपयों की खातिर उनकी जान खतरे में डाल दी थी। हालांकि समय से पुलिस प्रशासन ने भी मदद भेज दी। जिसके चलते एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। 


स्टीमर संचालक राधेश्याम का कहना है कि स्टीमर में तेल था। मुझे लगता है कि चालक ने तेल निकालकर बेच दिया। हम इस बारे में पता कर रहे हैं। उस चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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