नहरों का जाल पर खेत प्यासे
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विकास खंड पहाड़ी ब्लॉक के किसान जनप्रतिनिधियों व जिला प्रशासन की अनदेखी के चलते करीब एक दशक से सिंचाई समस्या से जूझ रहे हैं। इलाके में नहरों का जाल बिछा हुआ है लेकिन टेल तक पानी आता ही नहीं है। कठिनई, रामनगर सिकरी एवं कनौरा लिफ्ट कैनाल में तकनीकी गड़बड़ी के चलते बंद है। इसके अलावा सहित 24 राजकीय नलकूपों में से आधे से अधिक नहीं चल रहे हैं। किसानाें ने जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियाें से कई बार गुहार लगाई लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान नहीं हो पाया है। सिंचाई के अभाव में किसान धान व गेहूं की फसल ले ही नहीं पाते हैं। उनको मजबूरी में अरहर, चना, बाजरा जैसी कम सिंचाई वाली फसलों की बुवाई करनी पड़ रही है।
एक दशक पूर्व जहां क्षेत्र में धान व गेहूं की रिकार्ड उपज होती थी। आज वही खेतों में अरहर व बाजरा भी नहीं हो पा रहा है। ढेकवा बांध से निकली पहिंती, पुरैनियां व लहौरा नहर सहित हिनौत बांध से टेढ़ा, चांदलेवा व परसनपुर, मगरमुड़ बंधी से भरपुरा राजवाहा, अपर खजुरी से कोटवां, मोहनपुर व राजपुर नहर की दशा अत्यंत जर्जर हो चुकी हैं। क्षेत्र की क्षतिग्रस्त नहरों में जब भी पानी छोड़ा जाता है तो पानी खेतों में नहीं पहुंचता। बल्कि अगल-बगल बेकार में बह जाता है। किसानों को लाभ नहीं मिलता।