{"_id":"176bd2965db6b38a6874850199e6e1e3","slug":"the-temple-was-closed-in-protest-of-the-acquisition-vindhyas-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंदिर अधिग्रहण के विरोध में बंद रहा विंध्याचल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंदिर अधिग्रहण के विरोध में बंद रहा विंध्याचल
ब्यूरो/अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Sat, 05 Dec 2015 12:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश सरकार की मंदिर अधिग्रहण करने की नीति के विरोध में शुक्रवार को विंध्याचल में पूर्ण बंदी रही। श्री विंध्य पंडा समाज ने मौन जुलूस निकाला।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि किसी कीमत पर विंध्याचल मंदिर का अधिग्रहण नहीं होने दिया जाएगा।
मंदिर अधिग्रहण के विरोध में शुक्रवार को बंदी के दौरान हर तरफ सन्नाटा नजर आया। विंध्याचल की गलियों और प्रमुख मार्गों पर माला-फूल, प्रसाद की दूकानें, होटल, धर्मशाला, लॉज, रेस्टोरेंट सब बंद रहे।
आटो रिक्शा का संचालन भी बंद रहा। बंदी के बावजूद मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन करने के लिए दूरदराज से श्रद्ध्ालु आए। श्री विंध्य पंडा समाज ने मौन जुलूस निकाला।
इसमें श्री विंध्य पंडा समाज, श्रीमाली समाज, धर्म कार्य समाज, चर्मकार समाज तथा वैश्य समाज की भी सहभागिता रही।
श्री विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष धर्मेंद्र पांडेय ने कहा कि जब तक प्रदेश सरकार मंदिर अधिग्रहण का विचार वापस नहीं लेती है, तब तक काला फीता बांध कर विरोध किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सभा में वक्ताओं ने कहा कि किसी कीमत पर विंध्याचल मंदिर का अधिग्रहण नहीं होने दिया जाएगा।
मंदिर अधिग्रहण के विरोध में शुक्रवार को बंदी के दौरान हर तरफ सन्नाटा नजर आया। विंध्याचल की गलियों और प्रमुख मार्गों पर माला-फूल, प्रसाद की दूकानें, होटल, धर्मशाला, लॉज, रेस्टोरेंट सब बंद रहे।
आटो रिक्शा का संचालन भी बंद रहा। बंदी के बावजूद मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन करने के लिए दूरदराज से श्रद्ध्ालु आए। श्री विंध्य पंडा समाज ने मौन जुलूस निकाला।
विज्ञापन
इसमें श्री विंध्य पंडा समाज, श्रीमाली समाज, धर्म कार्य समाज, चर्मकार समाज तथा वैश्य समाज की भी सहभागिता रही।
श्री विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष धर्मेंद्र पांडेय ने कहा कि जब तक प्रदेश सरकार मंदिर अधिग्रहण का विचार वापस नहीं लेती है, तब तक काला फीता बांध कर विरोध किया जाएगा।
विज्ञापन