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Mirzapur News: डायरिया पीड़ित मरीजों से अस्पताल के वार्ड फुल
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मिर्जापुर। डायरिया का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। मंडलीय अस्पताल में प्रतिदिन 20 से 25 डायरिया पीड़ित मरीज आ रहे हैं। इनमें से 10 से 15 मरीज वार्डों में भर्ती हो रहे हैं। मंडलीय अस्पताल में बने सभी वार्ड इस समय डायरिया पीड़ित मरीजों से फुल हैं। बच्चा वार्ड में एक बेड पर दो-दो बच्चे भर्ती हैं।
उधर, डायरिया का प्रकोप बढ़ने के बाद भी अस्पताल में सफाई व्यवस्था नदारद है। इमरजेंसी के पास ही खाली स्थान पर सीवर का पानी भरा हुआ है। दुर्गंध से स्वास्थ्य कर्मियों की तबीयत भी खराब हो रही है। यह स्थिति तब है जबकि के सभी वार्डों में डायरिया पीड़ित मरीज भर्ती हैं। जिले में एक पखवाड़ा से डायरिया का प्रकोप है। गांव से लेकर शहर क्षेत्र तक लोग डायरिया के शिकार हो रहे हैं। अब तक डायरिया पीड़ित 10 लोगोें की जान जा चुकी है और काफी संख्या में लोग बीमार हुए हैं। राजगढ़ के कुड़ी, पिपरवार आदि गांवों में अभी भी कई लोग डायरिया से पीड़ित है। मंडलीय अस्पताल की इमरजेंसी में प्रतिदिन डायरिया पीड़ित मरीज आ रहे हैं। बीते 19 अगस्त को इमरजेंसी में पहुंचे डायरिया पीड़ित 11 मरीजों को भर्ती किया गया। साथ ही 11 डायरिया पीड़ित मरीजों को दवा देकर घर जाने दिया गया।
अगले दिन 20 अगस्त को 14 मरीज भर्ती हुए और 12 डायरिया पीड़ित मरीजों को दवा देकर घर जाने दिया गया है। इसी तरह से 21 अगस्त को तीन मरीज भर्ती हुए और 24 डायरिया पीड़ित मरीज को दवा देकर घर जाने दिया गया। इसके अलावा 22 अगस्त को 19 मरीज भर्ती हुए और 11 को दवा देकर घर जाने दिया गया। अगले दिन 23 अगस्त को डायरिया पीड़ित सात मरीज भर्ती हुए और आठ को दवा देकर घर जाने दिया गया।
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प्रतिदिन डायरिया पीड़ित मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसके चलते अस्पताल के वार्ड फुल चल रहे हैं। 32 बेड के बच्चा वार्ड में तो 50 बच्चे भर्ती हैं। इनमें से 11 बुखार से पीड़ित मरीज हैं और बाकी डायरिया पीड़ित हैं। 36 बेड का मेडिकल वार्ड फुल चल रहा है। वहां डायरिया के नौ मरीज भर्ती हैं। महिला वार्ड में पांच मरीज भर्ती है। इन वार्डों के फुल होने पर सर्जिकल वार्ड में डायरिया पीड़ित मरीज भर्ती हो रहे हैं। उधर, डायरिया का प्रकोप बढ़ने के बावजूद अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इमरजेंसी के पास खाली जगह पर कई दिन से सीवर का पानी जमा है। इसमें मच्छर पनप रहे हैं। दुर्गंध और मच्छरों के कारण स्वास्थ्य कर्मी तक बीमार पड़ जा रहे हैं। दुर्गंध के चलते इमरजेंसी और एसएनसीयू में तैनात कर्मचारी परेशान हैं। कई लोग दुर्गंध के कारण उल्टी कर बीमार पड़ चुके हैं। इमरजेंसी के डाॅक्टर सीवर का पानी निकालने के लिए शिकायत भी कर चुके हैं। इसके बावजूद समस्या बनी हुई है। सीएमएस डॉ.एसके श्रीवास्तव का कहना है कि इमरजेंसी के पास जमा सीवर के पानी की जल्दी ही निकासी कराई जाएगी। सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी।
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उधर, डायरिया का प्रकोप बढ़ने के बाद भी अस्पताल में सफाई व्यवस्था नदारद है। इमरजेंसी के पास ही खाली स्थान पर सीवर का पानी भरा हुआ है। दुर्गंध से स्वास्थ्य कर्मियों की तबीयत भी खराब हो रही है। यह स्थिति तब है जबकि के सभी वार्डों में डायरिया पीड़ित मरीज भर्ती हैं। जिले में एक पखवाड़ा से डायरिया का प्रकोप है। गांव से लेकर शहर क्षेत्र तक लोग डायरिया के शिकार हो रहे हैं। अब तक डायरिया पीड़ित 10 लोगोें की जान जा चुकी है और काफी संख्या में लोग बीमार हुए हैं। राजगढ़ के कुड़ी, पिपरवार आदि गांवों में अभी भी कई लोग डायरिया से पीड़ित है। मंडलीय अस्पताल की इमरजेंसी में प्रतिदिन डायरिया पीड़ित मरीज आ रहे हैं। बीते 19 अगस्त को इमरजेंसी में पहुंचे डायरिया पीड़ित 11 मरीजों को भर्ती किया गया। साथ ही 11 डायरिया पीड़ित मरीजों को दवा देकर घर जाने दिया गया।
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अगले दिन 20 अगस्त को 14 मरीज भर्ती हुए और 12 डायरिया पीड़ित मरीजों को दवा देकर घर जाने दिया गया है। इसी तरह से 21 अगस्त को तीन मरीज भर्ती हुए और 24 डायरिया पीड़ित मरीज को दवा देकर घर जाने दिया गया। इसके अलावा 22 अगस्त को 19 मरीज भर्ती हुए और 11 को दवा देकर घर जाने दिया गया। अगले दिन 23 अगस्त को डायरिया पीड़ित सात मरीज भर्ती हुए और आठ को दवा देकर घर जाने दिया गया।
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प्रतिदिन डायरिया पीड़ित मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसके चलते अस्पताल के वार्ड फुल चल रहे हैं। 32 बेड के बच्चा वार्ड में तो 50 बच्चे भर्ती हैं। इनमें से 11 बुखार से पीड़ित मरीज हैं और बाकी डायरिया पीड़ित हैं। 36 बेड का मेडिकल वार्ड फुल चल रहा है। वहां डायरिया के नौ मरीज भर्ती हैं। महिला वार्ड में पांच मरीज भर्ती है। इन वार्डों के फुल होने पर सर्जिकल वार्ड में डायरिया पीड़ित मरीज भर्ती हो रहे हैं। उधर, डायरिया का प्रकोप बढ़ने के बावजूद अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इमरजेंसी के पास खाली जगह पर कई दिन से सीवर का पानी जमा है। इसमें मच्छर पनप रहे हैं। दुर्गंध और मच्छरों के कारण स्वास्थ्य कर्मी तक बीमार पड़ जा रहे हैं। दुर्गंध के चलते इमरजेंसी और एसएनसीयू में तैनात कर्मचारी परेशान हैं। कई लोग दुर्गंध के कारण उल्टी कर बीमार पड़ चुके हैं। इमरजेंसी के डाॅक्टर सीवर का पानी निकालने के लिए शिकायत भी कर चुके हैं। इसके बावजूद समस्या बनी हुई है। सीएमएस डॉ.एसके श्रीवास्तव का कहना है कि इमरजेंसी के पास जमा सीवर के पानी की जल्दी ही निकासी कराई जाएगी। सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी।