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Mirzapur News: 6 महीने पहले विंध्य कॉरिडोर के प्रथम चरण का काम पूरा, मंदिर जाने वाली चार सड़कें अंधेरे में

Thu, 20 Nov 2025 12:39 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 20 Nov 2025 12:39 AM IST
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The first phase of the Vindhya Corridor was completed 6 months ago, but the four roads leading to the temple are in darkness.
विंध्य कारिडोर के गेट संख्या एक पर बंद पड़ी लाइटें,स्रोत संवाद
विंध्याचल। 330 करोड़ की लागत से बने विंध्य कॉरिडोर के निर्माण का प्रथम चरण का काम लगभग छह महीने पहले पूरे हो चुके हैं। यह दावा है कार्यदायी संस्था का। धरातल पर अभी भी बहुत से काम अधूरे पड़े हैं। बहुत से ऐसे काम हैं जो अभी धीमी गति से चल रहे हैं। कॉरिडोर के चार प्रमुख मार्गों पर फसाड का काम अभी भी चल रहा है। इस कारण रात में आने वाले श्रद्धालुओं को अंधेरे में आना-जाना पड़ता है। मां विंध्यवासिनी दरबार में रोजाना लगभग 80 हजार श्रद्धालु आते हैं। मंदिर देर रात 12 बजे तक खुला रहता है। ऐसे में कॉरिडोर में बनाए गए पिलर में लगे फसाड लाइट अभी नहीं जल रहे हैं। इसमें पुरानी वीआईपी मार्ग, न्यू वीआईपी मार्ग, पक्का घाट मार्ग व सदर बाजार कोतवाली मार्ग। इन सभी चार प्रमुख मार्गों पर फसाड का काम आधा-अधूरा हैं। अन्य जगहों पर फसाड का काम धीमी गति से चल रहा है।
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35 पिलर पर लगाए गए हैं फसाड लाइट, रात में एक भी नहीं जलते
कॉरिडोर मार्गों पर सुंदरता के लिए फसाड लाइट लगाए गए हैं। पत्थरों के 35 पिलर बनाए गए हैं। इसमें सभी पर दो-दो फसाड लाइटें लगीं हैं। रात में आधे से अधिक लाइटें बंद हो जाती हैं। इससे मंदिर के चारों रास्तों पर अंधेरा रहता है।
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35 अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की तैनाती, फिर भी गंदगी
विंध्य कॉरिडोर की सफाई व्यवस्था के लिए पालिका प्रशासन की ओर से 35 कर्मचारियों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। बावजूद इसके चारों प्रमुख मार्गों एवं मंदिर के आसपास पान की पीक की गंदगी दिखाई दे रही है। कोतवाली मार्ग की गलियों का चौड़ीकरण किया गया है। इसी तरह श्रद्धालुओं के लिए बैठने के लिए जगह-जगह पत्थरों के बेंच बनाए गए हैं, जो कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। गेट नंबर दो के पास सुंदरता के लिए रेलिंग लगाई गई थी। जो कुछ महीने पहले किसी वाहन की टक्कर से क्षतिग्रस्त हो गई। आज तक उनकी मरम्मत नहीं हुई।
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सोलर पैनल का आज तक नहीं हुआ कनेक्शन
विंध्य कॉरिडोर प्रोजेक्ट के लिए 225 केवीए का ट्रांसफॉर्मर लगाया गया है। बिजली की बचत के लिए एंट्रेंस प्लाजा की छत पर सोलर ऊर्जा प्लांट तो लगाया गया है लेकिन आज तक कनेक्शन नहीं हो सका है। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से लिखित और मौखिक रूप से शिकायत की गई लेकिन आज तक इस पर कोई काम नहीं हुआ।
सिर्फ वीवीआईपी करते हैं लिफ्ट का इस्तेमाल
परिक्रमा पथ में लिफ्ट लगाई गई है। जिसे सिर्फ वीवीआईपी ही इस्तेमाल करते हैं। आम श्रद्धालुओं को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। परिक्रमा पथ और मंदिर के दूसरे तल में चार दर्जन से अधिक कमरे हैं। उनका भी प्रशासनिक व्यवस्थाओं के लिए उपयोग हो रहा है। आम श्रद्धालु के लिए कमरे की कोई व्यवस्थाएं नहीं है। एंट्रेंस प्लाजा की छत पर पुलिस कंट्रोल रूम बना है। जहां से सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जाती है। दूसरे तल पर श्रद्धालु अपने बच्चों का मुंडन और उपनयन संस्कार कराते हैं।



फसाड का काम कराया जा रहा है। गति कुछ धीमी जरुर है। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से बात की जाएगी। ताकि जल्द से जल्द काम खत्म किया जा सके। इसके साथ ही जो अन्य समस्याएं हैं, उनको भी दूर कराने का प्रयास करेंगे। ताकि श्रद्धालुओं को असुविधा न हो।
- अविनाश सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट व सचिव विंध्य विकास प्राधिकरण
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