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जनधन खातों में रुपये धड़ल्ले से जमा हो रहे
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Wed, 30 Nov 2016 12:33 AM IST
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नोटबंदी, बैंक, करेंसी एक्सचेंज
- फोटो : self
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जिले के विभिन्न बैंकों की शाखाओं पर जनधन खाता में धड़ल्ले से नोट जमा कराने का कार्य चल रहा है। मजे की बात तो यह है कि जिनका खाता है उनको पता ही नहीं और खाते में पैसा जमा हो जा रहा है, लेकिन कुछ बैंक इसका आंकड़ा बताने से गुरेज कर रहे हैं। विगत आठ नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नोटबंदी की घोषणा के पूर्व खाते में कुछ ही रुपये थे, लेकिन नोटबंदी के 21 वें दिन तक जनधन खाते में पैसों की बरसात हो गई, जिससे ग्राहक परेशान हैं।
आठ नवंबर के बाद से नोटबंदी के 21 वें दिन तक विभिन्न बैंकों में लेन-देन को लेकर चहल-पहल का माहौल बरकरार रहा। जनधन खाते के बाबत बैंक का कोई भी अधिकारी सही आंकड़ा बताने से गुरेज करते रहे, उनका कहना है कि आंकड़ा तो उपलब्ध है, लेकिन वर्तमान समय में ग्राहकों की उमड़ी भीड़ के चलते आंकड़ा देना संभव नहीं है।
आठ नवंबर के बाद से कालाधन पर रोक के लिए प्रधानमंत्री द्वारा उठाए गए सख्त कदम के बाद कालाधन रखने वाले लोगों को अब कुछ सूझ नहीं रहा है कि वह अपने पैसे का अब क्या करें, ऐसी स्थिति में किसी न किसी के माध्यम से वह अपने काला धन को सफेद बनाने की चाहत में जनधन खाता का सहयोग ले रहे हैं।
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कुछ दिन पूर्व जहां जनधन खातेे में कुछ ही राशि थे, वहीं वर्तमान समय में वह संख्या करोड़ों में पहुंच चुकी है, जिसे देख खाताधारक सहित बैंक के अधिकारी व कर्मचारी भी आश्चर्यचकित हो रहे हैं। बैंक अधिकारियों की माने तो यह जनधन खाते में पैसा जमा कराने का सिलसिला अभी थमा नहीं है।
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आठ नवंबर के बाद से नोटबंदी के 21 वें दिन तक विभिन्न बैंकों में लेन-देन को लेकर चहल-पहल का माहौल बरकरार रहा। जनधन खाते के बाबत बैंक का कोई भी अधिकारी सही आंकड़ा बताने से गुरेज करते रहे, उनका कहना है कि आंकड़ा तो उपलब्ध है, लेकिन वर्तमान समय में ग्राहकों की उमड़ी भीड़ के चलते आंकड़ा देना संभव नहीं है।
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आठ नवंबर के बाद से कालाधन पर रोक के लिए प्रधानमंत्री द्वारा उठाए गए सख्त कदम के बाद कालाधन रखने वाले लोगों को अब कुछ सूझ नहीं रहा है कि वह अपने पैसे का अब क्या करें, ऐसी स्थिति में किसी न किसी के माध्यम से वह अपने काला धन को सफेद बनाने की चाहत में जनधन खाता का सहयोग ले रहे हैं।
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कुछ दिन पूर्व जहां जनधन खातेे में कुछ ही राशि थे, वहीं वर्तमान समय में वह संख्या करोड़ों में पहुंच चुकी है, जिसे देख खाताधारक सहित बैंक के अधिकारी व कर्मचारी भी आश्चर्यचकित हो रहे हैं। बैंक अधिकारियों की माने तो यह जनधन खाते में पैसा जमा कराने का सिलसिला अभी थमा नहीं है।