मिर्जापुर: पुरानी रंजिश में हुई थी सुनील की हत्या, तीन आरोपी गिरफ्तार
मिर्जापुर जिले के विंध्याचल थाना क्षेत्र के अष्टभुजा वाहन स्टैंड के पास स्थित तालाब में 15 जुलाई को सुनील का शव बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट लगने से मौत होने की पुष्टि हुई। जिसके बाद से पुलिस जांच कर रही थी।
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मिर्जापुर जिले के विंध्याचल थाना क्षेत्र के अष्टभुजा पहाड़ी पर खलासी हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ उनके पास से गमछा व हत्या में प्रयुक्त पत्थर के टुकड़े को बरामद किया है। मामले का खुलासा पुलिस अधीक्षक अजय कुमार सिंह ने किया।
विंध्याचल थाना क्षेत्र के अष्टभुजा वाहन स्टैंड के पास स्थित तालाब में 15 जुलाई को एक युवक का शव बरामद हुआ था। इसकी पहचान सुनील(25) पुत्र हिंछलाल निवासी गोपालपुर मड़गुड़ा के रूप में की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट लगने से मौत होने की पुष्टि हुई।
हत्याकांड का खुलासा करने के लिए सीओ सिटी प्रभात राय के निर्देशन में विंध्याचल थाना अध्यक्ष शैलेश राय और स्वाट प्रभारी रामस्वरूप वर्मा की टीम लगी थी। छानबीन में पुलिस ने अमित विक्रम सिंह उर्फ गोलू सिंह पुत्र मुन्ना उर्फ महेंद्र विक्रम सिंह, हर्ष विक्रम सिंह पुत्र मानवेंद्र विक्रम सिंह उर्फ मंगल, मोहित गिरी पुत्र राजेश गिरी निवासी अष्टभुजा को निर्माणाधीन टोल प्लाजा अष्टभुजा के पास से गिरफ्तार किया।
एसपी अजय कुमार सिंह ने बताया कि विक्रम सिंह का मृतक के परिजनों से पुरानी रंजिश चल रहा था। 2012 में मृतक के परिजनों ने हत्यारोपी के चाचा लाखन सिंह को मारा पीटा था। जिससे उनकी मानसिक स्थिति सही नहीं है। इस कारण तीनों ने सुनील की हत्या कर शव को तालाब में फेंक दिया।