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Mirzapur News: तेज हवा, गरज-चमक के साथ पड़े ओले
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मिर्जापुर। मौसम में मंगलवार को फिर बदलाव हो गया। मंगलवार को भोर में तेज हवा, गरज-चमक के साथ बारिश हुई। इस दौरान कई जगह ओले भी पड़े। पूरे दिन आसमान में काले बादल छाए रहे। दोपहर में मौसम में फिर बदलाव हुआ और काली घटाओं के साथ तेज बारिश और दोबारा ओलावृष्टि हुई। कई जगह बिजली के खंभे और पेड़ों की डालियां टूटकर गिरने से विद्युत आपूर्ति चरमरा गई। तापमान में गिरावट और मौसम में बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य के साथ ही फसलों पर भी पड़ा है। बिजली आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 16 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। नगर में बारिश के चलते कलेक्ट्रेट और रोडवेज परिसर में जगह-जगह पानी भर गया। इससे अधिवक्ताओं, वादकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जिला मुख्यालय से सटे अर्जुनपुर, अघौली, अनंतरामपट्टी, खजुरी, महेवा, हरिहरपुर बेदौली, चेरुईराम, मिश्र लहौली, धनीपट्टी, लक्ष्छापट्टी, किरतारतारा, विजयपुरा, सरैया, मसारी, जिउती, भटौली आदि गांवों में बारिश के साथ कहीं हल्की तो कहीं ओला पड़ने से बर्फ की चादर सी बिछ गई। छानबे क्षेत्र में मंगलवार को दो बार हुई ओलावृष्टि से फसलों को काफी क्षति हुई। सबसे ज्यादा मसूर, सरसों, अरहर आदि की फसलों को नुकसान पहुंचा है। चेहरा, पाली, सुमतिया, जिगना, बदेवरा चौबे, काशीसरपत्ती, हरगढ़, गोगांव, खैरा, गौरा, बिहसडा़, कुशहा, गोडसर, गैपुरा व भटेवरा आदि गांवों में बारिश के साथ ओलावृष्टि से किसानों का काफी क्षति हुई।
हलिया क्षेत्र में तेज हवा के साथ बारिश होने से गेहूं की फसल गिर गई। लोहरौह सहित कई गांवों में ओलावृष्टि से सरसों, गेहूं, चना की फसल चौपट हो गई। असिंचित क्षेत्र कुशियरा, मतवार, बेलाही, औरा, बरूआ, सगरा, पिपरा, मनिगढ़ा, थोथा, गौरवा आदि गांवों में इन दिनों सरसों की चल रही कटाई और मड़ाई का काम बाधित हो गया। पड़री क्षेत्र में हुई बारिश और ओलावृष्टि से दलहनी एवं तिलहनी फसलों में फूल लिए फसलों को काफी नुकसान हुआ है।
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पटेहरा क्षेत्र के पटेहरा कला, मालुआ, ककरद, पियूरी, लालापुर, नेवढ़िया आदि गांवों में दोपहर में तेज हवा के साथ बारिश के अलावा लगभग 25 मिनट तक ओले गिरे। इससे सरसों, गेहूं की फसल नष्ट हो गई। राजगढ़ क्षेत्र में तेज गरज-चमक व ओला पड़ने से खोराड़ीह, खटखरिया, चंदनपुर, निकरिका, धनसिरिया, रामपुर 38, चौखड़ा, सरसो, सेमरी, दरवान, इंद्रानगर, लूसा, करौदा, धूरकर, रैकरी आदि गांवों में काटकर खेत और खलिहान में पड़ी सरसों की फसल पानी से भीग गई। बिना मौसम हुई बारिश से दलहनी फसलों में अरहर, मसूर, चने की फसलों काे काफी नुकसान हुआ। ड्रमंडगंज क्षेत्र में बारिश के साथ छिटपुट हुई ओलावृष्टि से खेतों में पक कर तैयार सरसों की फसल को अधिक नुकसान हुआ है। दिघुली, निबावल, कोठी धवकल सिंह, मटिखना, बेलन बरौंधा, गलरा आदि गांवों में ओलावृष्टि से काटकर रखी फसलों को नुकसान पहुंचा है। शेरवां क्षेत्र में बारिश गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित हुई है। लेकिन कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान भी हुआ है। लालगंज क्षेत्र में ओलावृष्टि के चलते किसानों का भारी नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि से प्रभावित बरकछ, महुलार आदि गांवों के किसानों ने सरकार और प्रशासन से सर्वे कराकर मुआवजा की मांग की है। लालगंज तहसील क्षेत्र के कई गांवों में देर रात से हो रही बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसल बर्बाद हो गई। कुदरत के कहर से सबसे अधिक क्षति अनाज की हुई है। लालगंज क्षेत्र में तेज बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसलों को काफी नुकसान हुआ। अधिकांश गांवों में फसलें गिर गई हैं। इससे पैदावार में 25 से 30 फीसदी तक कमी की आशंका जताई जा रही है। मौसम पूर्वानुमान के आधार पर ग्रामीण कृषि मौसम सेवा भू-भौतिकी विभाग बीएचयू के तकनीकी अधिकारी (मौसम वैज्ञानिक) शिव मंगल सिंह ने बताया कि आगे एक-दो दिन तक ऐसे ही मौसम रहने की संभावना है। गरज-चमक के साथ कहीं तेज तो कहीं मध्यम बारिश हो सकती है। कलवारी क्षेत्र में तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि के बीच बेदौली, कलवारी तथा धुरकर में 11000 वोल्ट का तार व खंभा टूट कर गिर गया। इससे क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई। बिजली नहीं रहने से लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ा। बारिश और ओलावृष्टि से मड़िहान, भावा, रैकरी, गोरथरा, धुरकर, कलवारी, बैदौली, गोपलपुर,जमुई में दलहनी और तिलहनी फसलों को काफी नुकसान हुआ।
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मंगलवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 16 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। नगर में बारिश के चलते कलेक्ट्रेट और रोडवेज परिसर में जगह-जगह पानी भर गया। इससे अधिवक्ताओं, वादकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जिला मुख्यालय से सटे अर्जुनपुर, अघौली, अनंतरामपट्टी, खजुरी, महेवा, हरिहरपुर बेदौली, चेरुईराम, मिश्र लहौली, धनीपट्टी, लक्ष्छापट्टी, किरतारतारा, विजयपुरा, सरैया, मसारी, जिउती, भटौली आदि गांवों में बारिश के साथ कहीं हल्की तो कहीं ओला पड़ने से बर्फ की चादर सी बिछ गई। छानबे क्षेत्र में मंगलवार को दो बार हुई ओलावृष्टि से फसलों को काफी क्षति हुई। सबसे ज्यादा मसूर, सरसों, अरहर आदि की फसलों को नुकसान पहुंचा है। चेहरा, पाली, सुमतिया, जिगना, बदेवरा चौबे, काशीसरपत्ती, हरगढ़, गोगांव, खैरा, गौरा, बिहसडा़, कुशहा, गोडसर, गैपुरा व भटेवरा आदि गांवों में बारिश के साथ ओलावृष्टि से किसानों का काफी क्षति हुई।
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हलिया क्षेत्र में तेज हवा के साथ बारिश होने से गेहूं की फसल गिर गई। लोहरौह सहित कई गांवों में ओलावृष्टि से सरसों, गेहूं, चना की फसल चौपट हो गई। असिंचित क्षेत्र कुशियरा, मतवार, बेलाही, औरा, बरूआ, सगरा, पिपरा, मनिगढ़ा, थोथा, गौरवा आदि गांवों में इन दिनों सरसों की चल रही कटाई और मड़ाई का काम बाधित हो गया। पड़री क्षेत्र में हुई बारिश और ओलावृष्टि से दलहनी एवं तिलहनी फसलों में फूल लिए फसलों को काफी नुकसान हुआ है।
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पटेहरा क्षेत्र के पटेहरा कला, मालुआ, ककरद, पियूरी, लालापुर, नेवढ़िया आदि गांवों में दोपहर में तेज हवा के साथ बारिश के अलावा लगभग 25 मिनट तक ओले गिरे। इससे सरसों, गेहूं की फसल नष्ट हो गई। राजगढ़ क्षेत्र में तेज गरज-चमक व ओला पड़ने से खोराड़ीह, खटखरिया, चंदनपुर, निकरिका, धनसिरिया, रामपुर 38, चौखड़ा, सरसो, सेमरी, दरवान, इंद्रानगर, लूसा, करौदा, धूरकर, रैकरी आदि गांवों में काटकर खेत और खलिहान में पड़ी सरसों की फसल पानी से भीग गई। बिना मौसम हुई बारिश से दलहनी फसलों में अरहर, मसूर, चने की फसलों काे काफी नुकसान हुआ। ड्रमंडगंज क्षेत्र में बारिश के साथ छिटपुट हुई ओलावृष्टि से खेतों में पक कर तैयार सरसों की फसल को अधिक नुकसान हुआ है। दिघुली, निबावल, कोठी धवकल सिंह, मटिखना, बेलन बरौंधा, गलरा आदि गांवों में ओलावृष्टि से काटकर रखी फसलों को नुकसान पहुंचा है। शेरवां क्षेत्र में बारिश गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित हुई है। लेकिन कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान भी हुआ है। लालगंज क्षेत्र में ओलावृष्टि के चलते किसानों का भारी नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि से प्रभावित बरकछ, महुलार आदि गांवों के किसानों ने सरकार और प्रशासन से सर्वे कराकर मुआवजा की मांग की है। लालगंज तहसील क्षेत्र के कई गांवों में देर रात से हो रही बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसल बर्बाद हो गई। कुदरत के कहर से सबसे अधिक क्षति अनाज की हुई है। लालगंज क्षेत्र में तेज बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसलों को काफी नुकसान हुआ। अधिकांश गांवों में फसलें गिर गई हैं। इससे पैदावार में 25 से 30 फीसदी तक कमी की आशंका जताई जा रही है। मौसम पूर्वानुमान के आधार पर ग्रामीण कृषि मौसम सेवा भू-भौतिकी विभाग बीएचयू के तकनीकी अधिकारी (मौसम वैज्ञानिक) शिव मंगल सिंह ने बताया कि आगे एक-दो दिन तक ऐसे ही मौसम रहने की संभावना है। गरज-चमक के साथ कहीं तेज तो कहीं मध्यम बारिश हो सकती है। कलवारी क्षेत्र में तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि के बीच बेदौली, कलवारी तथा धुरकर में 11000 वोल्ट का तार व खंभा टूट कर गिर गया। इससे क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई। बिजली नहीं रहने से लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ा। बारिश और ओलावृष्टि से मड़िहान, भावा, रैकरी, गोरथरा, धुरकर, कलवारी, बैदौली, गोपलपुर,जमुई में दलहनी और तिलहनी फसलों को काफी नुकसान हुआ।