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शादी की खुशियों में छाया मातम: गंगा नहाने गईं सात महिलाएं डूबीं, पांच को बचाया, दो की तलाश, सीएम ने संज्ञान लिया

Thu, 10 Jun 2021 10:13 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर
अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर Published by: उत्पल कांत Updated Thu, 10 Jun 2021 10:13 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में बृहस्पतिवार की सुबह स्नान के दौरान सात महिलाएं गंगा में डूब गईं। इनमें पांच को किसी तरह बाहर निकाला गया जबकि दो की तलाश अभी जारी है। घटना के बाद से हड़कंप मचा है। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गयी है। 

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Seven women drowned in Ganga during bath in mirzapur five were rescued and for search for two lady continues
गंगा घाट पर जमा लोगों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मिर्जापुर जिले के विंध्याचल थाना क्षेत्र के गोपालपुर मड़गुड़ा गांव में शादी में शामिल होने आईं महिलाएं गुरुवार की सुबह मल्लहिया घाट पर स्नान करने गई थीं। स्नान करते समय छह महिलाएं और एक किशोरी डूबने लगीं। इसमें अन्य महिलाओं ने साड़ी फेंककर पांच को बचा लिया। एक महिला और एक किशोरी गहरे पानी में जाने से डूब गईं। सूचना पर पहुंची विंध्याचल पुलिस ने गोताखोरों की मदद से खोजबीन की, पर दोनों नहीं मिलीं। आक्रोशित लोगों ने शाम को प्रयागराज-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया और एनडीआरएफ को बुलाने की मांग करने लगे। घंटे भर बाद एनडीआरएफ टीम के आने के बाद जाम समाप्त हुआ। दोनों की तलाश जारी है। वहीं, मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है।

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जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के मड़गुड़ा गांव निवासी मन्ना बिंद के पुत्र महेश बिंद की शादी बुधवार को थी। बुधवार की रात बारात जिगना थाना के बिहसड़ा गांव के लिए गई थी। शादी में रिश्तेदारी की महिलाएं शामिल होने आईं थीं। अगले दिन सुबह आठ बजे के करीब 25 की संख्या में महिलाएं और अन्य रिश्तेदार पास में मल्लहिया घाट के पास नहाने चले गए। वहां सभी लोग नहा रहे थे कि अचानक कुछ लोग डूबने लगे। उनको बचाने के लिए कुछ महिलाएं आगे बढ़ीं तो वे भी डूबने लगीं।
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वहां मौजूद महिलाओं और लड़कियों ने साड़ी फेंककर बबिता, रेखा, पूजा, सुनीता, अंशिका को बाहर निकाला। 23 वर्षीय अर्चना बिंद पत्नी मनोहर निवासी मझिहार कोतवाली देहात और 13 वर्षीय अंतिमा पुत्री राजधर निवासी अनिरुद्धपुर पूरब पट्टी थाना चील्ह डूब गईं। सूचना पर थानाध्यक्ष शेषधर पांडेय, अष्टभुजा चौकी इंचार्ज नवनीत चौरसिया मौके पर पहुंच कर गोताखोरों के माध्यम से दोनों की तलाश शुरू की। कुछ घंटे बाद तक दोनों के न मिलने से आक्रोशित लोगों ने प्रयागराज-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम कर दिया। सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष विंध्याचल ने समझाया। पर लोग नहीं मान रहे थे। एनडीआरएफ टीम के आने पर जाम समाप्त हुआ।

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रात को शादी की खुशी सुबह मातम में बदली
12 घंटे पहले धूमधाम से मन्ना बिंद के पुत्र महेश की गाजेबाजे के साथ बारात विदा हुई थी। इसके बाद दूरदराज से आए रिश्तेदार रात भर गाना बजाना करते रहे। किसी को क्या पता था कि चंद घंटे बाद ही ये पूरा माहौल मातम में बदल जाएगा। जिस घर में रात के समय विवाह का उल्लास था वहां सुबह रोता बिलखता परिवार बेसुध पड़ा था। पूरे गांव में परिवार की चीखें सुनकर लोग गमगीन हो गए थे। 

डूबने वालों में तीन बहने थीं
सात लोग डूब रहे थे। जिनमें अर्चना बिंद और बबिता बिंद ये दोनों बहन अपनी तीसरी बहन रेखा के देवर की शादी में आई थीं। ये तीनों बहन डूब रही थीं। अंतिमा अपने बड़े भाई देवनारायण के साथ उसके ससुराल शादी में शामिल होने आई थी।

पांच भाइयों में थी अकेली अंतिमा
अपनी बहन के देवर की शादी में शामिल होने आई अर्चना सुबह गंगा में डूब गई। पिता राजेंद्र बिंद ने बताया कि बिटिया पढ़ने में बहुत तेज थी। इस वर्ष बीटीसी फाइनल की थी। उसकी रुचि के कारण उसके पढ़ाई के लिए हम अपने घर ही ज्यादा रखते थे। पूरे परिवार को ये उम्मीद थी कि जल्द ही वो सरकारी अध्यापक बनेगी। वहीं, अंतिमा अपने पांच भाइयों में अकेली थी। अंतिमा को नहाते सभी ने देखा लेकिन डूबते किसी ने नहीं देखा। उसका कपड़ा घाट के किनारे मिला।

गोताखोर करते रहे खोजबीन
 स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश जारी थी।  पूर्व प्रधान पति विजय बिंद राम गया घाट पर स्थित गंगा नदी में हजारा जाल डालकर खोजबीन कर रहे थे। जिससे जल्द ही लापता महिलाएं मिल जाएं। उसी बीच परिजनों ने भी एनडीआरएफ की मांग की। जिस घाट पर महिलाएं स्नान कर रही थी, उस घाट पर पानी का बहाव की गति काफी तेज थी। कयास लगाया जा रहा है कि लापता महिलाएं राम गया घाट के बीचोबीच रामशिला के पास मिल सकती है। वहां हजारा जाल डालकर खोजबीन की गई। 

एनडीआरएफ टीम आई तो हटा जाम  
डूबे लोगों के न मिलने पर ग्रामीणों ने प्रयागराज-मिर्जापुर हाईवे मार्ग जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने तलाशी अभियान के लिए एनडीआरएफ की मांग की। लगभग एक घंटा सड़क मार्ग जाम रहा। एनडीआरएफ की टीम बीस सदस्यों के साथ पहुंची तो जाम समाप्त किया गया। जाम से सड़क पर वाहनों की कतार लगी थी। पांच बजकर 40 मिनट पर पूरी टीम शव की तलाश में गंगा नदी में उतरी।

सीएम ने लिया संज्ञान
महिलाओं के डूबने की घटना का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव और राहत कार्य संचालित करने का निर्देश दिया। इसके बाद भी वहां पर सिर्फ विंध्याचल कोतवाल ही पहुंचे और कोई अधिकारी नहीं पहुंचे। मुख्यमंत्री ने एनडीआरएफ की मदद से डूबी महिलाओं की तलाश करने का निर्देश दिया। साथ ही दुर्घटना से प्रभावित हर संभव मदद व चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार 9 लोग गंगा में डूबे थे। इसमें सात को बचाया गया। दो महिलाओं की तलाश एनडीआरएफ कर रही है।

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