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Mirzapur News: 10 में सात कस्तूरबा बालिका विद्यालयों का हुआ उच्चीकरण
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पर्याप्त जगह न मिलने से जिले के तीन कस्तूरबा बालिका विद्यालयों का उच्चीकरण नहीं हो सका है। इससे उसमें अध्ययन करने वाली छात्राओं को प्रवेश के लिए दूसरी जगह जाना पड़ रहा है।
जिले के 12 विकास खंडों में से 10 विकास खंडों में कस्तूरबा बालिका विद्यालय संचालित है। इनमें से प्रत्येक में 100 की संख्या में छात्राओं का प्रवेश लिया जाता है। आवासीय व्यवस्था होने के कारण उनकी संपूर्ण व्यवस्था इन्हीं विद्यालयों में की जाती है। इन विद्यालयों में कक्षा छह से आठ तक उन बालिकाओं को शिक्षा दी जाती है जिनका कहीं नामांकन नहीं होता है। इन बालिकाओं की पूरी व्यवस्था इन विद्यालयों में की जाती है।शासन ने इन विद्यालयों को उच्चीकृत करने का निर्णय लिया। इसके लिए वर्तमान में संचालित 10 कस्तूरबा बालिका विद्यालयों में से सात को उच्चीकृत कर दिया गया। लेकिन तीन विद्यालय, नगर, छानबे व हलिया के विद्यालय उच्चीकृत नहींं हो सके। इसके पीछे यह कारण बताया गया कि इन विद्यालयों में छात्राओं की संख्या व उनकी आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त भूमि नहीं है। डीसी बालिका शिक्षा राजवैभव साहू ने बताया कि जिले के सभी 10 कस्तूरबा विद्यालयों को उच्चीकृत किया जाना है। सात हो गए हैं और शेष तीन के लिए प्रयास किया जा रहा है। जिले के उच्चीकृत कस्तूरबा बालिका विद्यालयों में अध्यापन के लिए काउंसिलिंग की जा चुकी है। पथरहिया स्थित विकास भवन के सभागार में बृहस्पतिवार को हुई इस काउंसिलिंग में पीजीटी भौतिक, रसायन, कंप्यूटर विज्ञान व केयर टेकर तथा लैब असिस्टेंट के पदों के लिए काउंसिलिंग हुई थी। इसके पहले बुधवार को कुल 160 की काउंसिलिंग हुई। बीएसए अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि इसके पहले सोमवार को भी काउंसिलिंग हुई थी। उसमें प्रधानाचार्य, पीजीटी हिंदी, अंग्रेजी, गणित और जीवविज्ञान पद के लिए काउंसिलिंग हुई थी। उसमें 206 अभ्यर्थी उपस्थित हुए थे।
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जिले के 12 विकास खंडों में से 10 विकास खंडों में कस्तूरबा बालिका विद्यालय संचालित है। इनमें से प्रत्येक में 100 की संख्या में छात्राओं का प्रवेश लिया जाता है। आवासीय व्यवस्था होने के कारण उनकी संपूर्ण व्यवस्था इन्हीं विद्यालयों में की जाती है। इन विद्यालयों में कक्षा छह से आठ तक उन बालिकाओं को शिक्षा दी जाती है जिनका कहीं नामांकन नहीं होता है। इन बालिकाओं की पूरी व्यवस्था इन विद्यालयों में की जाती है।शासन ने इन विद्यालयों को उच्चीकृत करने का निर्णय लिया। इसके लिए वर्तमान में संचालित 10 कस्तूरबा बालिका विद्यालयों में से सात को उच्चीकृत कर दिया गया। लेकिन तीन विद्यालय, नगर, छानबे व हलिया के विद्यालय उच्चीकृत नहींं हो सके। इसके पीछे यह कारण बताया गया कि इन विद्यालयों में छात्राओं की संख्या व उनकी आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त भूमि नहीं है। डीसी बालिका शिक्षा राजवैभव साहू ने बताया कि जिले के सभी 10 कस्तूरबा विद्यालयों को उच्चीकृत किया जाना है। सात हो गए हैं और शेष तीन के लिए प्रयास किया जा रहा है। जिले के उच्चीकृत कस्तूरबा बालिका विद्यालयों में अध्यापन के लिए काउंसिलिंग की जा चुकी है। पथरहिया स्थित विकास भवन के सभागार में बृहस्पतिवार को हुई इस काउंसिलिंग में पीजीटी भौतिक, रसायन, कंप्यूटर विज्ञान व केयर टेकर तथा लैब असिस्टेंट के पदों के लिए काउंसिलिंग हुई थी। इसके पहले बुधवार को कुल 160 की काउंसिलिंग हुई। बीएसए अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि इसके पहले सोमवार को भी काउंसिलिंग हुई थी। उसमें प्रधानाचार्य, पीजीटी हिंदी, अंग्रेजी, गणित और जीवविज्ञान पद के लिए काउंसिलिंग हुई थी। उसमें 206 अभ्यर्थी उपस्थित हुए थे।
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