फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mirzapur News ›   Security at tourist destinations

पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा नहीं

Fri, 13 May 2016 12:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मिर्जापुर।
ब्यूरो/अमर उजाला, मिर्जापुर। Updated Fri, 13 May 2016 12:32 AM IST
विज्ञापन
Security at tourist destinations
सुहाने मौसम में पर्यटन - फोटो : amar ujala
खबरदार! गर्मी से निजात पाने के लिए पर्यटन स्थलों की ओर रुख करना खतरे से खाली नहीं है। सुनसान पर्यटन स्थलों के आसपास अपराधी सक्रिय हैं। अहरौरा स्थित लखनिया दरी या चूनादरी, भलदरिया, विंढम फाल  तथा जरगो डैम सहित जिले के पर्यटन स्थल प्रचंड गर्मी में अपराधियों की मौज-मस्ती का शरणस्थली बना हुआ है।
विज्ञापन


कुछ ऐसी ही स्थिति पंचशील दरी, सिद्धनाथ की दरी की भी है, जहां सुनसान पाकर पशु तस्करों ने पूर्व में दो सिपाहियों की निर्मम हत्या कर अपराध का शंखनाद किया था। 
विज्ञापन



जनपद के पर्यटन स्थलों के सुनसान इलाकों में कई लाशें भी मिल चुकी हैं, जिनकी अब तक शिनाख्त नहीं हो सकी है। कईयों के विक्षिप्त होने या डूब कर मरने की बात बता कर पुलिस ने पल्ला झाड़ लिया है। पर्यटन स्थलों पर छोटी-बड़ी लूट अथवा छिनैती आम है। पिकेट पर तैनात पुलिस को इसकी भनक तक नहीं होती, जिससे हत्या, लूट, छिनैती और लाशों के मिलने का सिलसिला रुक नहीं पाता।
विज्ञापन
विज्ञापन


विंढम फाल, सिरसी डैम तथा अदवा बांध भी अपराधियों की जद में हैं, जहां लाशे मिलने की फेहरिश्त लंबी है। सुरक्षा को लेकर रोजाना पुलिस की पिकेट लगाई जाती है, लेकिन वह भी सिर्फ कागजों पर। 
पर्यटकों के लुट जाने या शवों के मिलने की जानकारी राहगीरों से ही मिलती है। आपराधिक घटनाओं पर नजर डालें जो चूनादरी में हुए तिहरे हत्याकांड का पुलिस को अब तक कोई चश्मदीद गवाह तक नहीं मिल सका है। 


बता दें कि 20 माह पूर्व चूनादरी के इसी इलाके में वाराणसी के प्रापर्टी डीलर धर्मेंद्र पांडेय उर्फ कल्लू, राजेश चौधरी तथा सूरज सिंह की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई, हत्या को गैंगवार से जोड़ा गया, घटना के एक दिन बाद पुलिस को मामले की जानकारी चारवाहे से मिली थी। यह हाल है पर्यटन स्थलों  पर लगाई गई पुलिस की ड्यूटी का।


यहां यह भी बताना जरूरी है कि पुलिस की जांच में महज एक आरोपी ही पकड़ा जा सका। शेष प्रकाश में आए छह हत्यारोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जबकि दो लोगों पर 50 हजार रुपये का ईनाम भी है। यह वारदात इसी चूनादरी जल प्रपात की है।



इसके पूर्व पशु तस्करों ने पंचशील की दरी को सुनसान पाकर दो सिपाहियों महावीर यादव व पंकज सिंह की पत्थरों से कूच कर निर्मम हत्या कर दी थी, जिसमें शामिल कई हत्यारोपी पुलिस की पकड़ से अब भी बाहर हैं। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed