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पौधरोपण के पश्चात नर्सरियों की नियमित करें देखभाल: मुख्य वन संरक्षक
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हलिया। मुख्य वन संरक्षक कानपुर शेषनाथ मिश्रा ने बुधवार को हलिया रेंज परिसर, दिघिया व कवलझर पौधशाला का निरीक्षण किया। इस दौरान पौधशाला में उगाए गए पौधों को देखा। उन्होंने मौके पर मौजूद कर्मचारियों को नर्सरियों में रोपे गए पौधों की नियमित देखभाल करने का निर्देश दिया। मुख्य वन संरक्षक सबसे पहले हलिया रेंज आफिस पहुंचे। यहां निरीक्षण के पश्चात दिघिया पौधशाला में उगाए जा रहे 68 हजार पौधों सहित करीब 63 हजार पुराने पौधों को देखा। उन्होंने वनकर्मियों को पौधों के नियमित देखभाल करने के लिए निर्देशित किया।
इसी तरह कवलझर पौधशाला में उगाए जा रहे करीब तीन लाख 88 हजार व डेढ़ लाख पुराने पौधों को देखा। पौधशाला में पौधों की सिंचाई के लिए जगह-जगह लगाए गए ड्रिप होल फौव्वारा खराब होने पर उन्होंने तत्काल गड़बड़ी दूर कराने का निर्देश दिया। इसी तहर बैराज में पौधरोपण के लिए करीब बीस हेक्टेयर क्षेत्र में अग्रिम मृदा कार्य का निरीक्षण किया।
मुख्य वन संरक्षक ने जंगलों में फलदार पौधे लगाने का भी निर्देश दिया। कहा कि माइक्रो प्लान के हिसाब से पौधे उगाए जाने चाहिए तथा क्यारी में जिस प्रजाति के पौधे लगे हों, उसके बारे में वहां लगे बोर्ड पर भी जिक्र किया जाना चाहिए। मुख्य वन संरक्षक ने सीजन के दौरान किसानों को अधिक से अधिक फलदार व छायादार पौधे उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इस दौरान डीएफओ कैमूर प्रभाग अरविंद यादव, वन्यजीव प्रतिपालक अरविंद कुमार, वन क्षेत्राधिकारी राम नारायण जैसल, वन दरोगा सूरज पांडेय, अजय प्रकाश आदि मौजूद रहे।
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इसी तरह कवलझर पौधशाला में उगाए जा रहे करीब तीन लाख 88 हजार व डेढ़ लाख पुराने पौधों को देखा। पौधशाला में पौधों की सिंचाई के लिए जगह-जगह लगाए गए ड्रिप होल फौव्वारा खराब होने पर उन्होंने तत्काल गड़बड़ी दूर कराने का निर्देश दिया। इसी तहर बैराज में पौधरोपण के लिए करीब बीस हेक्टेयर क्षेत्र में अग्रिम मृदा कार्य का निरीक्षण किया।
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मुख्य वन संरक्षक ने जंगलों में फलदार पौधे लगाने का भी निर्देश दिया। कहा कि माइक्रो प्लान के हिसाब से पौधे उगाए जाने चाहिए तथा क्यारी में जिस प्रजाति के पौधे लगे हों, उसके बारे में वहां लगे बोर्ड पर भी जिक्र किया जाना चाहिए। मुख्य वन संरक्षक ने सीजन के दौरान किसानों को अधिक से अधिक फलदार व छायादार पौधे उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इस दौरान डीएफओ कैमूर प्रभाग अरविंद यादव, वन्यजीव प्रतिपालक अरविंद कुमार, वन क्षेत्राधिकारी राम नारायण जैसल, वन दरोगा सूरज पांडेय, अजय प्रकाश आदि मौजूद रहे।
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