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धनुष टूटते ही लगे श्रीराम के जयकारे
ब्यूरो/ अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Fri, 07 Oct 2016 12:30 AM IST
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अहरौला में रामलीला प्रस्तुत करते कलाकार।
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क्षेत्र के पड़री बाजार सहित बेलवन, भरपुरा, महुवारी, रामनगर, मोहनपुर, देवाहीं, पहिंती, हुरुआं सहित दर्जन भर से अधिक स्थानों पर रामलीला हुई। रामलीला के सभी कलाकार स्थानीय हैं, जो अपनी जीवंत अभिनय से दर्शकों पर अमिट छाप छोड़ने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं।
क्षेत्र के प्रमुख पड़री बाजार में श्री राघवेंद्र रामलीला समिति की ओर से चल रहे रामलीला के दौरान धनुष यज्ञ का भावपूर्ण मंचन देखने भक्तों का तांता लगा रहा। लीला के क्रम में आयोजित स्वयंवर में जब किसी राजा ने धनुष को हिला तक नहीं सके तब राजा जनक ने कहा कि- हे द्वीप द्वीप के राजागण हम किसे कहें बलशाली है, हमको तो यह विश्वास हुआ पृथ्वी वीरों से खाली है। इस पर लक्ष्मण ने प्रभु राम से आग्रह किया कि आप धनुष को खंडित करें और श्रीराम ने विश्वािमित्र से अनुमति लेकर धनुष को तोड़ दिया। धनुष के टूटते ही श्रीराम के जयकारे से पूरा रामलीला पंडाल श्रीराममय हो गया। इस दौरान अध्यक्ष पंचदेव सिंह, अजय ओझा, कोषाध्यक्ष राजू अग्रहरि, बोडर पांडेय रहे, वहीं गनपति अग्रहरि, नरेंद्र अग्रहरि, बड़े लाल गुप्ता ने मानस पाठ से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
क्षेत्र के प्रमुख पड़री बाजार में श्री राघवेंद्र रामलीला समिति की ओर से चल रहे रामलीला के दौरान धनुष यज्ञ का भावपूर्ण मंचन देखने भक्तों का तांता लगा रहा। लीला के क्रम में आयोजित स्वयंवर में जब किसी राजा ने धनुष को हिला तक नहीं सके तब राजा जनक ने कहा कि- हे द्वीप द्वीप के राजागण हम किसे कहें बलशाली है, हमको तो यह विश्वास हुआ पृथ्वी वीरों से खाली है। इस पर लक्ष्मण ने प्रभु राम से आग्रह किया कि आप धनुष को खंडित करें और श्रीराम ने विश्वािमित्र से अनुमति लेकर धनुष को तोड़ दिया। धनुष के टूटते ही श्रीराम के जयकारे से पूरा रामलीला पंडाल श्रीराममय हो गया। इस दौरान अध्यक्ष पंचदेव सिंह, अजय ओझा, कोषाध्यक्ष राजू अग्रहरि, बोडर पांडेय रहे, वहीं गनपति अग्रहरि, नरेंद्र अग्रहरि, बड़े लाल गुप्ता ने मानस पाठ से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
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