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Mirzapur News: बारिश किसानों के लिए वरदान, राहगीरों के लिए आफत

Thu, 06 Aug 2026 12:44 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 06 Aug 2026 12:44 AM IST
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Rain: A boon for farmers, a nightmare for commuters.
रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग पर अर्जुनपुर के पास  गड्ढायुक्त सड़क पर भरा बारिश का पानी।- संवाद।
धान के खेतों में भरा पानी तो खिल उठे किसानों के चेहरे, शहर और गांव की सड़कों पर जलभराव-कीचड़ से बढ़ीं मुश्किलें
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मिर्जापुर। जिले के अधिकांश हिस्सों में बुधवार को दूसरे दिन भी तेज बारिश हुई। धान के खेतों में पर्याप्त पानी भरने पर किसानों के चेहरे खिल उठे। वहीं, 12 घंटे में अधिकतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस गिरकर 27 डिग्री पहुंच गया, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। दूसरी ओर, शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव व कीचड़ ने राहगीरों की परेशानी बढ़ा दी।
सबसे अधिक 60 मिमी बारिश चुनार तहसील में दर्ज की गई, जबकि लालगंज में 35 मिमी और सदर तहसील में पांच मिमी वर्षा हुई। कलेक्ट्रेट परिसर, मंडलीय अस्पताल, रोडवेज परिसर, भरुहना रोड, रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग और मिर्जापुर-वाराणसी मार्ग के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दुर्घटना की आशंका भी बनी रही।
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मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले अधिकतम तापमान 33 डिग्री था। बारिश ने जहां खेती के लिए राहत पहुंचाई, वहीं बदहाल सड़कें और जलभराव आम लोगों की परेशानी का कारण बने।
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इनसेट
दो महीने से खुले में पड़ा सैकड़ों क्विंटल गेहूं भीग रही
जमालपुर। सरकारी गेहूं की खरीद को समाप्त हुए दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन उठान में विभागीय लापरवाही के चलते जमालपुर क्षेत्र की विभिन्न साधन सहकारी समितियों में रखा सैकड़ों क्विंटल गेहूं बारिश में भीगकर सड़ने लगा है। हालात ऐसे हैं कि करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी संपत्ति बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है। भीगे और सड़ रहे गेहूं से उठ रही दुर्गंध के कारण समिति परिसरों में बैठना तक मुश्किल हो गया है।
सबसे खराब स्थिति बहुद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण समिति जयपट्टी, बहुआर और डोहरी की बताई जा रही है। यहां खुले आसमान के नीचे रखा गेहूं भीगकर खराब हो रहा है। समिति कर्मियों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों को उठान कराने के लिए पत्राचार और मौखिक सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। यदि जल्द उठान नहीं कराया गया तो नुकसान कई गुना बढ़ जाएगा।
समिति सचिवों का आरोप है कि गेहूं खराब होने के बावजूद विभाग नुकसान की भरपाई भी सचिवों से मांग रहा है। वहीं, यदि गेहूं लादकर निकला ट्रक रास्ते में बारिश से भीग जाता है तो उसे वापस समिति पर उतार दिया जाता है, जिससे समस्या और गंभीर हो रही है। सड़ चुके गेहूं के बोरों को खोलकर सफाई करानी पड़ रही है, विभागीय अधिकारी पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं।



वर्जन



बार-बार अधिकारियों को उठान कराने की जानकारी दी गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब खराब हो रहे गेहूं का नुकसान भी सचिवों पर डालने की तैयारी है। समिति परिसर में दुर्गंध के कारण बैठना तक मुश्किल हो गया है।




— चंद्रभान सिंह, समिति सचिव बहुआर

रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग पर अर्जुनपुर के पास  गड्ढायुक्त सड़क पर भरा बारिश का पानी।- संवाद।

रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग पर अर्जुनपुर के पास  गड्ढायुक्त सड़क पर भरा बारिश का पानी।- संवाद।

रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग पर अर्जुनपुर के पास  गड्ढायुक्त सड़क पर भरा बारिश का पानी।- संवाद।

रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग पर अर्जुनपुर के पास  गड्ढायुक्त सड़क पर भरा बारिश का पानी।- संवाद।

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