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मरीजों से पटा मंडलीय अस्पताल
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Thu, 28 Jul 2016 12:37 AM IST
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बुधवार को मरीजों से पटा अस्पताल का वार्ड।
- फोटो : mirzapur
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बरसात में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ने के कारण मंडलीय चिकित्सालय में मरीजों की तादात बढ़ गई है। हालत यह है कि अस्पताल के सभी बेड भर गए हैं। बुधवार को इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक ने कई मरीजों को यह कह कर भर्ती करने से इंकार कर दिया कि चिकित्सालय में एक भी बेड खाली नहीं है इसलिए उसको भर्ती नहीं किया जा सकता है।
वह दूसरे स्थान पर जाकर अपना इलाज करा लें। चिकित्सक का यह जवाब सुन कर मरीज के परिवारीजन परेशान हो गए और देर शाम तक भर्ती करने की गुहार लगाते रहे। मरीज को भर्ती नहीं करने पर दवा लेकर घर चले गए।
बता दें कि पिछले कुछ दिनों से ठंडा गरम मौसम रहने के कारण डायरिया तथा वायरल बीमारियों के मरीजों की संख्या में काफी बढोत्तरी हो गई है। मरीज की हालत अधिक खराब होने पर उसे सीएचसी पीएचसी ले जाया जा रहा है।
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वहां रात में कोई डाक्टर नहीं रहने के कारण परिजन अपने मरीज को सीधा मंडलीय चिकित्सालय लेकर पहुंच जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में आए दिन 50 से सौ मरीज प्रतिदिन चिकित्सालय में भर्ती होने के लिए आ जा रहे हैं।
इसके अलावा दुर्घटना में घायल होने वाले मरीजों को भी यहां लाया जा रहा है। 155 बेड वाले इस चिकित्सालय में इस समय 200 से अधिक मरीज भर्ती हो हैं। 50 मरीजों को डेंगू समेत अन्य अतिरिक्त वार्डोँ में भर्ती किया गया है। फिर भी मरीजों के भर्ती होने का सिलसिला जारी है।
मरीजों की बढ़ती संख्या को देखकर चिकित्सक और अन्य स्टाफ भी हैरान हैं। इस संबंध में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. कामच्छा पांडेय का कहना है कि वायरल फीवर से मरीजों की संख्या बढ़ी है। इस वजह से बेड फुल हो गए हैं। ज्यादा गंभीर मरीजों को ही भर्ती किया जा रहा है।
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वह दूसरे स्थान पर जाकर अपना इलाज करा लें। चिकित्सक का यह जवाब सुन कर मरीज के परिवारीजन परेशान हो गए और देर शाम तक भर्ती करने की गुहार लगाते रहे। मरीज को भर्ती नहीं करने पर दवा लेकर घर चले गए।
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बता दें कि पिछले कुछ दिनों से ठंडा गरम मौसम रहने के कारण डायरिया तथा वायरल बीमारियों के मरीजों की संख्या में काफी बढोत्तरी हो गई है। मरीज की हालत अधिक खराब होने पर उसे सीएचसी पीएचसी ले जाया जा रहा है।
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वहां रात में कोई डाक्टर नहीं रहने के कारण परिजन अपने मरीज को सीधा मंडलीय चिकित्सालय लेकर पहुंच जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में आए दिन 50 से सौ मरीज प्रतिदिन चिकित्सालय में भर्ती होने के लिए आ जा रहे हैं।
इसके अलावा दुर्घटना में घायल होने वाले मरीजों को भी यहां लाया जा रहा है। 155 बेड वाले इस चिकित्सालय में इस समय 200 से अधिक मरीज भर्ती हो हैं। 50 मरीजों को डेंगू समेत अन्य अतिरिक्त वार्डोँ में भर्ती किया गया है। फिर भी मरीजों के भर्ती होने का सिलसिला जारी है।
मरीजों की बढ़ती संख्या को देखकर चिकित्सक और अन्य स्टाफ भी हैरान हैं। इस संबंध में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. कामच्छा पांडेय का कहना है कि वायरल फीवर से मरीजों की संख्या बढ़ी है। इस वजह से बेड फुल हो गए हैं। ज्यादा गंभीर मरीजों को ही भर्ती किया जा रहा है।