मिर्जापुर। जिले में पिछले दिनों आई बाढ़ से हुए नुकसान व क्षतिपूर्ति का केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने सोमवार को डीएम के साथ बैठक कर समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बाढ़ से हुई फसलों की क्षति का मुआवजा रबी की बोआई के पहले दिलाया जाए। उन्होंने सदर तहसील के कोन, छानबे, सिटी, मझवां, पहाड़ी व तहसील चुनार के विकास खंड सीखड़, नरायनपुर और गरई नदी से विकास खंड जमालपुर में बाढ़ से हुई फसलों की क्षति व मुआवजा आवंटन की स्थिति की समीक्षा की। वे सम्राट अशोक इंजीनियरिंग कॉलेज के अतिथि गृह में समीक्षा कर रही थीं।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में गंगा व गरई नदी की बाढ़ से 9,852 हेक्टेयर क्षेत्रफल व 49,947 किसान प्रभावित हुए हैं। उनको मुआवजा दिया जा रहा है। अब तक 42,128 किसानों को 12,68,76,668 रुपये उनके खातों में भेजा जा चुका है। शेष किसानों को भी मुआवजा देने की कार्रवाई हो रही है। केंद्रीय मंत्री ने फसल बीमा का पैसा दिए जाने के संदर्भ में भी पूछताछ की। जिलाधिकारी ने बताया कि बीमा का पैसा फसलों के प्रकार के अनुसार दिया जाएगा। अलग-अलग किसानों ने अलग-अलग फसलों का बीमा कराया है। जिसका पैसा दिलाने की कार्रवाई अलग से हो रही है। शासन की ओर से निर्धारित सिंचित फसलों का मुआवजा 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर है। वहीं, असिंचित फसलों का 8,500 रुपये और बारहमासी फसलों का 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा देना सुनिश्चित किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने अहरौरा बांध से बार-बार हो रही जमालपुर क्षेत्र की क्षति को रोकने के लिए गरई नदी की गहराई बढ़ाने और तटबंधों को ऊंचा व मजबूत बनाने के लिए सर्वे कर प्रोजेक्ट बनाने के निर्देश दिए। इस दौरान प्रभारी सीडीओ धर्मजीत सिंह व अन्य थे।