मिर्जापुर में 'पुलिस की पाठशाला': सीओ सिटी बोले- सजगता और जागरूकता ही सुरक्षा का मूलमंत्र
मिर्जापुर के मसफ्फरगंज स्थित कांशीराम राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में गुरुवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
विस्तार
अपराध का तरीका बदल गया है, इसलिए सजगता के साथ जागरूकता बहुत जरूरी है। गलत लोगों की संगत में न रह कर सजग रहिए। साथ ही नियमों की जानकारी रखकर जागरूक रहिए। सजगता और जागरूकता ही सुरक्षित रहने का मूलमंत्र है। यह बातें मिर्जापुर के मसफ्फरगंज स्थित कांशीराम राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में सीओ सिटी प्रभात राय ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहीं।
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में सीओ सिटी प्रभात राय ने छात्रों को नियमों और कानून की धाराओं के बारे में जानकारी दी। साथ ही अपराध के तरीके और उसमें होने वाली कार्रवाई के बारे में बताया। सीओ सिटी ने सबसे पहले सिपाही से लेकर डीआईजी स्तर तक के कार्य और उनके वर्दी की पहचान से छात्राओं को अवगत कराया।
इसके बाद छात्राओं को पॉक्सो एक्ट, छेड़खानी और दुष्कर्म की धाराओं और इनमें अपराधी के खिलाफ होने कार्रवाई के बारे में बताया। उन्होंने पिछले वर्ष मड़िहान थाना क्षेत्र में एक मूक बधिर बालिका के साथ हुए दुष्कर्म मामले में आरोपी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करते हुए 39 दिन के अंदर आजीवन कारावास की सजा कराए जाने के केस के बारे में विस्तार से बताया।
छात्राओं को विभिन्न डायल नंबरों की जानकारी
इसके बाद उन्होंने डायल 112 के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस नंबर पर कोई भी किसी भी समस्या के बारे में फोन कर सूचना दे सकता है। पुलिस उसकी मदद करेगी। लोकेशन को ट्रैक कर मदद मांगने वाले तक पहुंचेगी। साथ ही उन्होंने 181, 1090, 1930 डायल नंबरों की जानकारी भी दी। बताया कि प्रदेश सरकार ने छात्राओं, महिलाओं के लिए हर थाने में महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की है।
यहां महिला सिपाही ही समस्याओं को सुनकर उसका निस्तारण कराती हैं। वहां पर शिकायतकर्ता के बारे में गोपनीयता बरती जाती है। उन्होंने थाना प्रभारी के सीयूजी नंबर से लेकर पुलिस के अन्य बड़े अधिकारियों के नंबर और उनके कार्यालय पर जाकर जनसुनवाई के माध्यम से कार्रवाई करने संबंधी जानकारी दी।
सीओ सिटी प्रभात राय ने कहा कि छात्राओं को जरूरी नियमों और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी रहनी चाहिए। जिससे की वे जरूरत पड़ने पर उसका उपयोग कर सकें। इससे वे किसी भी अपराध का सामना कर अपराधी के खिलाफ कार्रवाई करवा सकती हैं। पुलिस की पाठशाला जागरूक करने के लिए उपयोगी कार्यक्रम है।
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