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पेयजल समस्या से जूझ रहे लोग
ब्यूरो/अमर उजाला, मिर्जापुर।
Updated Wed, 30 Mar 2016 12:47 AM IST
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पहाड़ी ब्लाक की जनता को पेयजल समस्या से जूझना पड़ रहा है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण क्षेत्र में वर्ष पर्यंत पेयजल समस्या बनी रहती है। गर्मी के दिनों में क्षेत्र के लोगों खास कर स्कूलों में बच्चों को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ता है। वर्तमान समय में ही ब्लाक के 135 तालाब सूख चुके हैं, तो वहीं लगभग 19 सौ हैंडपंपों ने जवाब दे दिया है। हांलाकि खंड विकास अधिकारी पहाड़ी चंदनदेव पांडेय का कहना है कि लोगों को गर्मी के दिनों में पेयजल समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
पहाड़ी क्षेत्रों में टैंकर से पानी आपूर्ति कराने की व्यवस्था की जा रही है।
जिले में विकास खंड पहाड़ी पठारी क्षेत्र है। जिसके कारण पहाड़ी क्षेत्र के लोगों को पेयजल और सिंचाई की समस्या से प्राय: जूझना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी दक्षिणांचल में पहाड़ों पर बसे ग्रामीणों को होती है। गर्मी के शुरु होते ही पहाड़ी ब्लाक में पेयजल समस्या आम हो जाती है। गांव के नदी, तालाब गर्मी के शुरु में ही साथ देना छोड़ देते हैं।
गर्मी के दिनों में विकराल रूप लेने वाले पेयजल समस्या को दूर करने की मांग क्षेत्रवासियों द्वारा शुरु से ही की जा रही है, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। पहाड़ी ब्लाक के दक्षिणांचल में चेकडैम बनने के बाद ही बरसात का पानी रुकेगा।
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विकास खंड पहाड़ी में 135 तालाब हैं, जो पूरी तरह से सूख चुके हैं। गर्मी के कारण क्षेत्र में लगे तीन पंप कैनालों ने अब जवाब देना शुरु कर दिया है। क्षेत्र में 38 सौ हैंडपंप लगे हैं, जिनमें से आधे हैंडपंप खराब पड़े हैं तो दर्जनों हैंडपंपों ने पानी छोड़ दिया है।
बता दें कि क्षेत्र के मनोहरपुर, सुरहुरुआ, सुखनई, सागर सेमर, गोपालपुर, भोजपुर पहाड़ी, मोहनपुर चिंदलिख, विरोहिया, उमरिया, गहिरा, दूबेपुर पहाड़ी, अतरौरा और मोहनपुर ग्राम पंचायत सहित कई गांव पेयजल समस्या से ग्रसित हैं।
लोकापुर के शारदा मिश्रा उर्फ लाला ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण शुरु से ही पेजयल समस्या बनी हुई है। वर्तमान समय में रिबोर पर लगभग 90 हजार का खर्च आता है। हाइड्रोलिक ब्लास्ट विधि अपना कर कम खर्च में पानी की समस्या को समाप्त किया जा सकता है। भिलगो के राकेश उपाध्याय ने कहा कि पेजयल समस्या के निराकरण के लिए वर्तमान में टैंकर से पानी पहुंचाया जाए। जिससे लोगों को पानी की समस्या से वर्तमान में निजात मिल सके।
पहाड़ी के हौसिला प्रसाद पाठक ने कहा कि पहाड़ी ब्लाक की जनप्रतिनिधियों ने शुरु से ही उपेक्षा किया है। जिसके कारण आज भी पेयजल समस्या बनी हुई है। थानापुर के रामलखन ने कहा कि पहाड़ी ब्लाक के 135 तालाब सूख चुके हैं। तालाबों को भरने के लिए जिला प्रशासन और ब्लाक प्रशासन द्वारा तत्काल व्यवस्था किया जाए। जिससे मनुष्य और पशु- पक्षी को पेयजल समस्या से राहत मिल सके ।
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पहाड़ी क्षेत्रों में टैंकर से पानी आपूर्ति कराने की व्यवस्था की जा रही है।
जिले में विकास खंड पहाड़ी पठारी क्षेत्र है। जिसके कारण पहाड़ी क्षेत्र के लोगों को पेयजल और सिंचाई की समस्या से प्राय: जूझना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी दक्षिणांचल में पहाड़ों पर बसे ग्रामीणों को होती है। गर्मी के शुरु होते ही पहाड़ी ब्लाक में पेयजल समस्या आम हो जाती है। गांव के नदी, तालाब गर्मी के शुरु में ही साथ देना छोड़ देते हैं।
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गर्मी के दिनों में विकराल रूप लेने वाले पेयजल समस्या को दूर करने की मांग क्षेत्रवासियों द्वारा शुरु से ही की जा रही है, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। पहाड़ी ब्लाक के दक्षिणांचल में चेकडैम बनने के बाद ही बरसात का पानी रुकेगा।
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विकास खंड पहाड़ी में 135 तालाब हैं, जो पूरी तरह से सूख चुके हैं। गर्मी के कारण क्षेत्र में लगे तीन पंप कैनालों ने अब जवाब देना शुरु कर दिया है। क्षेत्र में 38 सौ हैंडपंप लगे हैं, जिनमें से आधे हैंडपंप खराब पड़े हैं तो दर्जनों हैंडपंपों ने पानी छोड़ दिया है।
बता दें कि क्षेत्र के मनोहरपुर, सुरहुरुआ, सुखनई, सागर सेमर, गोपालपुर, भोजपुर पहाड़ी, मोहनपुर चिंदलिख, विरोहिया, उमरिया, गहिरा, दूबेपुर पहाड़ी, अतरौरा और मोहनपुर ग्राम पंचायत सहित कई गांव पेयजल समस्या से ग्रसित हैं।
लोकापुर के शारदा मिश्रा उर्फ लाला ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण शुरु से ही पेजयल समस्या बनी हुई है। वर्तमान समय में रिबोर पर लगभग 90 हजार का खर्च आता है। हाइड्रोलिक ब्लास्ट विधि अपना कर कम खर्च में पानी की समस्या को समाप्त किया जा सकता है। भिलगो के राकेश उपाध्याय ने कहा कि पेजयल समस्या के निराकरण के लिए वर्तमान में टैंकर से पानी पहुंचाया जाए। जिससे लोगों को पानी की समस्या से वर्तमान में निजात मिल सके।
पहाड़ी के हौसिला प्रसाद पाठक ने कहा कि पहाड़ी ब्लाक की जनप्रतिनिधियों ने शुरु से ही उपेक्षा किया है। जिसके कारण आज भी पेयजल समस्या बनी हुई है। थानापुर के रामलखन ने कहा कि पहाड़ी ब्लाक के 135 तालाब सूख चुके हैं। तालाबों को भरने के लिए जिला प्रशासन और ब्लाक प्रशासन द्वारा तत्काल व्यवस्था किया जाए। जिससे मनुष्य और पशु- पक्षी को पेयजल समस्या से राहत मिल सके ।