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मौसम परिवर्तन से बढ़ रहा डायरिया का प्रकोप, रहे सावधान
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मिर्जापुर में कभी बारिश- कभी धूप के कारण संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है। डायरिया और बुखार से बच्चों संग बुजुर्ग भी प्रभावित हो रहे। कुछ दिन पहले राजगढ़ ब्लाक के ददरा गांव में डायरिया से बुजुर्ग महिला और उसकी पौत्री की मौत भी हो चुकी है। गांव में बुखार और डायरिया का प्रकोप है। जिला अस्पताल में संचारी रोगों के मरीज पहुंच रहे, पर जनरल ओपीडी बंद होने से परेशान होना पड़ रहा।
डायरिया का प्रकोप सबसे अधिक है। उल्टी-दस्त से बच्चे सबसे अधिक पीड़ित हैं। शहर हो या गांव हर जगह पर डायरिया के मरीज बढ़ रहे हैं। दूषित पानी से बच्चे डायरिया ही नहीं टायफाइड और पीलिया से भी ग्रस्त हो रहे। डायरिया में माइक्रोबियल संक्रमण के कारण पेट या आंत में सूजन होती है। सामान्य परिस्थितियों में दस्त दो-चार दिनों तक रहता है। हालांकि गंभीर अवस्था में यह जानलेवा भी हो सकता है। इसके पीछे प्रमुख कारण आपके शरीर द्वारा निर्जलीकरण हो सकता है, क्योंकि इस गति से गुजरने के कारण शरीर लगातार तरल पदार्थ खो देता है। कुपोषित लोगों, शिशुओं, छोटे बच्चों, कुपोषित और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों के लिए संक्रमण का खतरा अधिक है।
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डायरिया का प्रकोप सबसे अधिक है। उल्टी-दस्त से बच्चे सबसे अधिक पीड़ित हैं। शहर हो या गांव हर जगह पर डायरिया के मरीज बढ़ रहे हैं। दूषित पानी से बच्चे डायरिया ही नहीं टायफाइड और पीलिया से भी ग्रस्त हो रहे। डायरिया में माइक्रोबियल संक्रमण के कारण पेट या आंत में सूजन होती है। सामान्य परिस्थितियों में दस्त दो-चार दिनों तक रहता है। हालांकि गंभीर अवस्था में यह जानलेवा भी हो सकता है। इसके पीछे प्रमुख कारण आपके शरीर द्वारा निर्जलीकरण हो सकता है, क्योंकि इस गति से गुजरने के कारण शरीर लगातार तरल पदार्थ खो देता है। कुपोषित लोगों, शिशुओं, छोटे बच्चों, कुपोषित और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों के लिए संक्रमण का खतरा अधिक है।
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