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Mirzapur News: पांच में से दो ही चल रहे ऑक्सीजन प्लांट, बाहर से खरीदना पड़ रहा सिलिंडर

Thu, 08 Jan 2026 01:22 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 08 Jan 2026 01:22 AM IST
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Only two out of five oxygen plants are running, cylinders have to be purchased from outside
मंडलीय अस्पताल में बना सबसे बड़ा आक्सीजन सिलेंडर प्लांट। स्रोत- संवाद
मिर्जापुर। ठंड बढ़ने के साथ सांस के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को आईसीयू और मेडिकल वार्ड में भर्ती किया जा रहा है। सांस के मरीजों के बढ़ने से ऑक्सीजन सिलिंडर की खपत भी बढ़ गई है। नवंबर की अपेक्षा दिसंबर में 29 बड़े व तीन छोटे ऑक्सीजन सिलिंडर की खपत बढ़ी है। अस्पताल को बाहर से ऑक्सीजन सिलिंडर खरीदना पड़ रहा है। इसके बावजूद सबसे बड़ा ऑक्सीजन प्लांट बनने के दो वर्ष बाद भी शुरू नहीं हो सका है। दिसंबर माह में ठंड बढ़ गई है। इससे सांस के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी। ओपीडी में रोज 125 से ज्यादा सांस के मरीज आ रहे हैं तो इमरजेंसी में एक सप्ताह में 50 से ज्यादा सांस के मरीज गंभीर हालत में आए। इन्हें भर्ती किया गया। सांस के मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत होती है। इससे ऑक्सीजन की खपत भी बढ़ गई है। मंडलीय अस्पताल में ऑक्सीजन के चार प्लांट है। इसमें एक 300 लीटर, दूसरा 250 लीटर, तीसरा 900 लीटर का प्लांट है। विंध्याचल सीएचसी में चौथा ऑक्सीजन प्लांट है। ये चारों प्लांट हवा से ऑक्सीजन बनाते हैं। मंडलीय अस्पताल के दो ऑक्सीजन प्लांट चलते हैं। तीसरा 900 लीटर कभी चलता है तो कभी खराब रहता है। विंंध्याचल का ऑक्सीजन प्लांट काफी समय से बंद है। पांचवां मंडलीय अस्पताल का 20 हजार लीटर का लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट है। ये दो वर्षो से चालू हीं नहीं हो सका है। मंडलीय अस्पताल में नवंबर में 76 बड़े, 53 छोटे और दिसंबर माह में 105 बड़े और 56 छोटे सिलिंडर की खपत हुई। ये ऑक्सीजन सिलिंडर अस्पताल को बाहर से खरीदना पड़ रहे हैं। 20 हजार लीटर का लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट शुरु हो जाए तो पूरे अस्पताल के लिए ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी। न ही बाहर से ऑक्सीजन खरीदना नहीं पड़ेगा।
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ठंड में सावधानी बरतें बुजुर्ग और स्वांस रोगी-मिर्जापुर। मेडिकल काॅलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर व चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. पंकज पांडेय ने बताया कि ठंड में सांस के मरीजों की संख्या बढ़ी है। ओपीडी में रोज 125 के करीब सांस के मरीज आ रहे हैं। गंभीर मरीज इमरजेंसी में आते हैं। सांस रोगी सावधानी बरतें। ठंड में गर्म कपड़े पहने, पैर, कान आदि ढक कर रखे। खासतौर पर बुजुर्ग लोग सावधानी बरते। दवा और इनहेलर आदि लेते हैं तो साथ में रखे। गर्म पानी से ही नहाएं। धूप में निकले तो भी सावधानी बरतें। धूप में बाहर रहे तो भी पैर आदि ढककर रखें।
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सांस के मरीज बढ़ने से ऑक्सीजन की खपत बढ़ी है। नवंबर में 56 बड़े व 53 छोटे और दिसंबर में 105 बड़े और 56 छोटे सिलिंडर की खपत हुई। तीन ऑक्सीजन प्लांट चल रहे हैं। 20 हजार लीटर वाले ऑक्सीजन प्लांट को शुरू करने के लिए उसके ऑक्सीजन की गुणवत्ता की जांच की प्रक्रिया चल रही है।-डाॅ. एसके श्रीवास्तव, सीएमएस, मंडलीय अस्पताल
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