मिर्जापुर। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष जेएन तिवारी ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी कर्मचारियों की मांगों के समाधान में अड़ंगा लगाते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कर्मचारी की समस्याओं के प्रति संवेदनशील हैं, लेकिन अधिकारियों की अड़ंगेबाजी के कारण काम बिगड़ जाता है।
परिषद के प्रदेश अध्यक्ष रविवार को विकास भवन सभागार में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि 17 नवंबर को प्रमुख सचिव कार्मिक की अध्यक्षता में परिषद की मांगों के संबंध में वार्ता निश्चित की गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि वार्ता के आशाजनक परिणाम आएंगे। साथ ही चेतावनी दी यदि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं करती है तो 30 नवंबर को लखनऊ में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना की बहाली पर चर्चा की। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की प्रदेश महामंत्री अरुणा शुक्ला ने समाज कल्याण एवं जनजाति विकास विभाग में संविदा शिक्षकों के भविष्य का मामला उठाया। संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नारायण जी दुबे ने कहा कि मंडलीय स्तर पर सम्मेलन कर कर्मचारियों की समस्याएं सुनी जा रही हैं और समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जा रहा है। बैठक में मंडलीय अध्यक्ष निरंजन श्रीवास्तव, सीमा शुक्ला, कमल कुंज चौबे, मीना देवी, प्रेमा देवी आदि मौजूद रहीं।