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अब 81 करोड़ से बनेगा भटौली पुल
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Sat, 02 Jul 2016 12:32 AM IST
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नगर को कछवां से जोड़ने वाला भटौलीघाट का निर्माणाधीन पक्का पुल।
- फोटो : mirzapur
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गंगा नदी पार करने के लिए जिले में दस वर्षों से बन रहे पुलों की लागत और निर्माण के समय के साथ लोगों के इंतजार का दायरा भी बढ़ता ही जा रहा है। प्रदेश सरकार ने कछवां में गंगा नदी पर बन रहे पुल के पुनरीक्षित बजट को प्रदेश सरकार ने एक बार फिर से बढ़ाते हुए बजट को 81 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया है। सेतु निगम का कहना है कि पुलों का निर्माण इस वित्तीय वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा। चुनार में बन रहे पुल का 70 फीसदी कार्य पूरा कर लिया गया है।
कछवां में बरैनी भटौली पक्का पुल के लिए 81 करोड़ के तीसरे पुनरीक्षित बजट जारी होने के साथ ही पुल निर्माण के कार्य में तेजी आ गई है। प्रदेश सरकार के विशेष सचिव मोहन बाबू गुप्ता ने 29 जून को पुनरीक्षित बजट जारी किया है, लेकिन लगभग 10 वर्षों से बन रहे इस पुल के कार्य के कछुआ चाल से आसपास के लोगों में निराशा है।
छवां के गांधी विद्यालय के प्रांगण में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने भटौली पुल का शिलान्यास वर्ष 2007 में किया था। तब से अब तक पुल लगातार बन रहा है। पुल के लिए 39 करोड़ 48 लाख बजट मिला, जबकि लक्ष्य 58 करोड़ 89 लाख का था। बहुजन समाज पार्टी की वर्ष 2007 में सरकार बनने के बाद इस पुल पर निर्माण कार्य रुक गया था। दिसंबर 2011 में 36 करोड़ 27 लाख का बजट फिर मिला।
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पुल से सटे सड़क को बनाने के लिए भी बजट पास हुआ लेकिन बजट के साथ साथ ही समय भी बढ़ता जा रहा है। वर्ष 2012 में सपा के सत्ता में आने के साथ पुल निर्माण में तेजी आई। वर्ष 2013 में प्राइवेट कंपनी सिम्पलैक्स को पुल के निर्माण की जिम्मेदारी दी गई।
देर हुई तो फिर से सेतु निगम को पुल बनाने को कहा गया। अब 81 करोड़ पुनरीक्षित बजट के साथ ही पुल निर्माण का समय बढ़ कर मार्च 2017 तक चला गया है। पुल के बन जाने से कछवां और सीखड़ की दूरी जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर घट जाएगी।
उधर चुनार में वाराणसी से दूरी कम करने के लिए 924 मीटर लंबा और 7.5 मीटर चौड़ा पुल बनाया जा रहा है। पुल की लागत 77 करोड़ रुपये है। पुल के निर्माण का लक्ष्य मार्च 2017 तक रखा गया है। सेतु निगम के अधिकारी और कर्मचारी इसे नियत समय में पूरा करने के लिए कटिबद्ध हैं।
पुल का शिलान्यास वर्ष 2007 में किया था। उस समय पुल की लागत का अनुमान 62 करोड़ रुपये लगाया गया था। धीरे धीरे बजट बढ़ कर 77 करोड़ रुपये हो गया है। प्रोजेक्ट मैनेजर संदीप कुमार गुप्ता का कहना है कि गंगा पुल के निर्माण का 70 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है।
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कछवां में बरैनी भटौली पक्का पुल के लिए 81 करोड़ के तीसरे पुनरीक्षित बजट जारी होने के साथ ही पुल निर्माण के कार्य में तेजी आ गई है। प्रदेश सरकार के विशेष सचिव मोहन बाबू गुप्ता ने 29 जून को पुनरीक्षित बजट जारी किया है, लेकिन लगभग 10 वर्षों से बन रहे इस पुल के कार्य के कछुआ चाल से आसपास के लोगों में निराशा है।
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छवां के गांधी विद्यालय के प्रांगण में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने भटौली पुल का शिलान्यास वर्ष 2007 में किया था। तब से अब तक पुल लगातार बन रहा है। पुल के लिए 39 करोड़ 48 लाख बजट मिला, जबकि लक्ष्य 58 करोड़ 89 लाख का था। बहुजन समाज पार्टी की वर्ष 2007 में सरकार बनने के बाद इस पुल पर निर्माण कार्य रुक गया था। दिसंबर 2011 में 36 करोड़ 27 लाख का बजट फिर मिला।
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पुल से सटे सड़क को बनाने के लिए भी बजट पास हुआ लेकिन बजट के साथ साथ ही समय भी बढ़ता जा रहा है। वर्ष 2012 में सपा के सत्ता में आने के साथ पुल निर्माण में तेजी आई। वर्ष 2013 में प्राइवेट कंपनी सिम्पलैक्स को पुल के निर्माण की जिम्मेदारी दी गई।
देर हुई तो फिर से सेतु निगम को पुल बनाने को कहा गया। अब 81 करोड़ पुनरीक्षित बजट के साथ ही पुल निर्माण का समय बढ़ कर मार्च 2017 तक चला गया है। पुल के बन जाने से कछवां और सीखड़ की दूरी जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर घट जाएगी।
उधर चुनार में वाराणसी से दूरी कम करने के लिए 924 मीटर लंबा और 7.5 मीटर चौड़ा पुल बनाया जा रहा है। पुल की लागत 77 करोड़ रुपये है। पुल के निर्माण का लक्ष्य मार्च 2017 तक रखा गया है। सेतु निगम के अधिकारी और कर्मचारी इसे नियत समय में पूरा करने के लिए कटिबद्ध हैं।
पुल का शिलान्यास वर्ष 2007 में किया था। उस समय पुल की लागत का अनुमान 62 करोड़ रुपये लगाया गया था। धीरे धीरे बजट बढ़ कर 77 करोड़ रुपये हो गया है। प्रोजेक्ट मैनेजर संदीप कुमार गुप्ता का कहना है कि गंगा पुल के निर्माण का 70 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है।