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दो डाक्टर समेत नौ स्वास्थ्यकर्मी मिले अनुपस्थित
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मिर्जापुर जिला अधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने शुक्रवार की दोपहर जिला महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने महिला अस्पताल के लेबर रूम, वार्ड, एनआईसीयू, औषधि भंडार कक्ष, ऑपरेशन थिएटर आदि का निरीक्षण किया। इस दौरान गंदगी मिलने पर नाराजगी जताई और अनुपस्थित दो डाक्टर समेत नौ स्वास्थ्यकर्मियों से तीन दिन में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया।
जिला अधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार जिला महिला अस्पताल पहुंचकर सबसे पहले एएमसी (एन्टी मेटल केयर) वार्ड पहुंचे। वहां पर बेड गन्दा मिलने और धूल जमा होने पर नाराजगी जताई। कहा मरीज भले न हो पर वार्ड साफ सुथरा रहना चाहिए। इसके बाद प्रसव के लिए तरकापुर से आई हिमांशी से बात किया। उसकी मां पुष्पलता ने बताया कि बताया कि आधे घंटे हुए हैं। डॉक्टर ने इंतजार करने को कहा है। इसके बाद डीएम लेबर रूम में गए और जानकारी लिया । एसएनसीयू कक्ष में पहुंचकर डॉक्टर से पूछा कि सबसे कम वजन का बच्चा कौन है। उसके उपचार के लिए क्या व्यवस्था की जा रही है। जनरल वार्ड कार्यालय में रखे टूटे बक्से एवं गंदगी पर जिलाधिकारी ने कड़ी फटकार लगायी। एएनएम हेमवन्ती राय से टीकाकरण के संबंध में जानकारी लिया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. संजय पांडेय ने बताया कि अस्पताल में नौ चिकित्सक है। इसमें चार गाइनोलाजिस्ट, चार पीडीयाट्रिक व एक अधीक्षक है। अस्पताल में 80 सामान्य बेड है। सर्जिकज वार्ड में पूछने पर डा. मंजु लता ने बताया कि लगभग 15 प्रतिशत सिजिरियन डिलेवरी होती हैं। सिजिरियन वार्ड में प्रसूता प्रिया और उर्मिला द्वारा जननी सुरक्षा योजना से अनभिज्ञता पर जिलाधिकारी ने प्रसूता को बताया कि इस योजना के तहत ग्रामीण प्रसूता को 14 सौ व शहरी प्रसूता को एक हजार की सहायता प्रदान की जाती हैं।
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जिला अधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार जिला महिला अस्पताल पहुंचकर सबसे पहले एएमसी (एन्टी मेटल केयर) वार्ड पहुंचे। वहां पर बेड गन्दा मिलने और धूल जमा होने पर नाराजगी जताई। कहा मरीज भले न हो पर वार्ड साफ सुथरा रहना चाहिए। इसके बाद प्रसव के लिए तरकापुर से आई हिमांशी से बात किया। उसकी मां पुष्पलता ने बताया कि बताया कि आधे घंटे हुए हैं। डॉक्टर ने इंतजार करने को कहा है। इसके बाद डीएम लेबर रूम में गए और जानकारी लिया । एसएनसीयू कक्ष में पहुंचकर डॉक्टर से पूछा कि सबसे कम वजन का बच्चा कौन है। उसके उपचार के लिए क्या व्यवस्था की जा रही है। जनरल वार्ड कार्यालय में रखे टूटे बक्से एवं गंदगी पर जिलाधिकारी ने कड़ी फटकार लगायी। एएनएम हेमवन्ती राय से टीकाकरण के संबंध में जानकारी लिया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. संजय पांडेय ने बताया कि अस्पताल में नौ चिकित्सक है। इसमें चार गाइनोलाजिस्ट, चार पीडीयाट्रिक व एक अधीक्षक है। अस्पताल में 80 सामान्य बेड है। सर्जिकज वार्ड में पूछने पर डा. मंजु लता ने बताया कि लगभग 15 प्रतिशत सिजिरियन डिलेवरी होती हैं। सिजिरियन वार्ड में प्रसूता प्रिया और उर्मिला द्वारा जननी सुरक्षा योजना से अनभिज्ञता पर जिलाधिकारी ने प्रसूता को बताया कि इस योजना के तहत ग्रामीण प्रसूता को 14 सौ व शहरी प्रसूता को एक हजार की सहायता प्रदान की जाती हैं।
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