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Mirzapur News: चार बबल सी-पैप से नवजात ले सकेंगे सांस
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एसएनसीयू में नवजात शिशुओं के उपचार के लिए बबल सी-पैप मशीनें का उद्धाटन करते प्राचार्य व अन्य।
समय से पहले जन्मे और सांस लेने में परेशानी वाले नवजातों के इलाज में मिलेगी सुविधा
मिर्जापुर। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध मंडलीय अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में नवजात शिशुओं के उपचार के लिए चार बबल सी-पैप मशीनें लगाई गई हैं। इनका उद्घाटन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजीव सिंह ने किया। नई सुविधा शुरू होने से सांस लेने में परेशानी वाले नवजातों को बेहतर उपचार मिल सकेगा और जरूरत पड़ने पर उन्हें दूसरे केंद्रों पर रेफर करने की आवश्यकता कम होगी।
प्राचार्य डॉ. संजीव सिंह ने कहा कि नवजातों के लिए एसएनसीयू में आधुनिक उपचार सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। बबल सी-पैप की चार मशीनें उपलब्ध होने से एक साथ अधिक जरूरतमंद नवजातों को श्वसन सहायता दी जा सकेगी।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सचिन किशोर ने बताया कि बबल सी-पैप एक ऐसी श्वसन सहायता प्रणाली है, जिससे नवजात को सांस लेने में मदद मिलती है। खासकर समय से पहले जन्म लेने वाले या जन्म के बाद सांस लेने में परेशानी वाले बच्चों के फेफड़ों तक लगातार हल्का दबाव देकर ऑक्सीजनयुक्त हवा पहुंचाई जाती है। इससे बच्चे के फेफड़े खुले रखने और सामान्य रूप से सांस लेने में मदद मिलती है। गंभीर स्थिति में वेंटिलेटर की जरूरत पड़ने से पहले भी यह प्रणाली काफी उपयोगी होती है।
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उन्होंने बताया कि एसएनसीयू में भर्ती नवजातों की स्थिति पर चिकित्सकों और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी रहती है। बबल सी-पैप की सुविधा उपलब्ध होने से ऐसे बच्चों को तत्काल श्वसन सहायता दी जा सकेगी। इससे उपचार में समय की बचत होगी और नवजातों को बेहतर देखभाल मिल सकेगी। इस दौरान डॉ. दुर्गेश सिंह, डॉ. देवराज यादव, डॉ. आशुतोष शुक्ला समेत अस्पताल के चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
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मिर्जापुर। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध मंडलीय अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में नवजात शिशुओं के उपचार के लिए चार बबल सी-पैप मशीनें लगाई गई हैं। इनका उद्घाटन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजीव सिंह ने किया। नई सुविधा शुरू होने से सांस लेने में परेशानी वाले नवजातों को बेहतर उपचार मिल सकेगा और जरूरत पड़ने पर उन्हें दूसरे केंद्रों पर रेफर करने की आवश्यकता कम होगी।
प्राचार्य डॉ. संजीव सिंह ने कहा कि नवजातों के लिए एसएनसीयू में आधुनिक उपचार सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। बबल सी-पैप की चार मशीनें उपलब्ध होने से एक साथ अधिक जरूरतमंद नवजातों को श्वसन सहायता दी जा सकेगी।
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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सचिन किशोर ने बताया कि बबल सी-पैप एक ऐसी श्वसन सहायता प्रणाली है, जिससे नवजात को सांस लेने में मदद मिलती है। खासकर समय से पहले जन्म लेने वाले या जन्म के बाद सांस लेने में परेशानी वाले बच्चों के फेफड़ों तक लगातार हल्का दबाव देकर ऑक्सीजनयुक्त हवा पहुंचाई जाती है। इससे बच्चे के फेफड़े खुले रखने और सामान्य रूप से सांस लेने में मदद मिलती है। गंभीर स्थिति में वेंटिलेटर की जरूरत पड़ने से पहले भी यह प्रणाली काफी उपयोगी होती है।
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उन्होंने बताया कि एसएनसीयू में भर्ती नवजातों की स्थिति पर चिकित्सकों और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी रहती है। बबल सी-पैप की सुविधा उपलब्ध होने से ऐसे बच्चों को तत्काल श्वसन सहायता दी जा सकेगी। इससे उपचार में समय की बचत होगी और नवजातों को बेहतर देखभाल मिल सकेगी। इस दौरान डॉ. दुर्गेश सिंह, डॉ. देवराज यादव, डॉ. आशुतोष शुक्ला समेत अस्पताल के चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।