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नवरात्र सिर पर, तैयारियां सिफर
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Wed, 07 Sep 2016 12:24 AM IST
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घाट पर सिल्ट
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अबकी नवरात्र मेला 10 दिन का होगा। एक से 10 अक्तूबर तक चलने वाले इस मेले में आने वाले आस्थावानों को अबकी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। मेले में महज 24 दिन बचे हैं लेकिन तैयारी अभी शुरू नहीं हुई है। यह स्थिति तब है जबकि बाढ़ के चलते इस बार जगह-जगह सड़कें खराब हो गई हैं। जिलाधिकारी ने सोमवार को कलेक्ट्रेट हाल में बैठक कर अधिकारियों को मेले की तैयारियां तेज करने को कहा। इसके बावजूद कोई अधिकारी अभी विंध्याचल नहीं पहुंचा।
शारदीय नवरात्र में देश भर से लाखों आस्थावान विंध्यवासिनी का दर्शन करने आते हैं। मगर मेले की अभी तैयारियां ही नहीं शुरू की गई हैं, जिससे उन्हेें असुविधा का सामना करना पड़ेगा। मेले की तैयारियाें पर जिला प्रशासन, विकास प्राधिकरण एवं नगर पालिका परिषद लाखाें रुपये खर्च करता है। इसके बावजूद कोई स्थायी सुविधा विकसित नहीं की गई है, जिससे दूरदराज से आने वाले दर्शनार्थियों साल भर सुविधा मिलती रहे।
अबकी बाढ़ के चलते क्षेत्र की तमाम सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। विंध्याचल की प्रमुख सड़कें व गलियां बदहाल हैं। गंगा घाटाें पर स्नानार्थियों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। सिल्ट तक नहीं हटाई जा रही है। स्ट्रीट प्रकाश की व्यवस्था नहीं है। बिजली के वायर जगह- जगह लटक रहे हैं। सफाई का भी इंतजाम नहीं है। जानकारों का कहना है कि यदि जल्द ही तैयारियां नहीं शुरू की गईं तो श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ेगी।
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अष्टभुजा पहाड़ पर भी प्रकाश और मार्ग आदि की व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई है। विंध्याचल के न्यू वीआईपी रोड व पुरानी वीआईपी रोड पर लगे प्लास्टिक के शेड टूट गए हैं। धाम क्षेत्र की सातों गलियों की नालियां जाम हैं। सड़कों पर सीवर का पानी बह रहा है।
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शारदीय नवरात्र में देश भर से लाखों आस्थावान विंध्यवासिनी का दर्शन करने आते हैं। मगर मेले की अभी तैयारियां ही नहीं शुरू की गई हैं, जिससे उन्हेें असुविधा का सामना करना पड़ेगा। मेले की तैयारियाें पर जिला प्रशासन, विकास प्राधिकरण एवं नगर पालिका परिषद लाखाें रुपये खर्च करता है। इसके बावजूद कोई स्थायी सुविधा विकसित नहीं की गई है, जिससे दूरदराज से आने वाले दर्शनार्थियों साल भर सुविधा मिलती रहे।
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अबकी बाढ़ के चलते क्षेत्र की तमाम सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। विंध्याचल की प्रमुख सड़कें व गलियां बदहाल हैं। गंगा घाटाें पर स्नानार्थियों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। सिल्ट तक नहीं हटाई जा रही है। स्ट्रीट प्रकाश की व्यवस्था नहीं है। बिजली के वायर जगह- जगह लटक रहे हैं। सफाई का भी इंतजाम नहीं है। जानकारों का कहना है कि यदि जल्द ही तैयारियां नहीं शुरू की गईं तो श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ेगी।
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अष्टभुजा पहाड़ पर भी प्रकाश और मार्ग आदि की व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई है। विंध्याचल के न्यू वीआईपी रोड व पुरानी वीआईपी रोड पर लगे प्लास्टिक के शेड टूट गए हैं। धाम क्षेत्र की सातों गलियों की नालियां जाम हैं। सड़कों पर सीवर का पानी बह रहा है।