{"_id":"5dc469b38ebc3e5b5f735ecd","slug":"mrz-news-mirzapur-news-vns493159542","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनजीटी टीम ने किया सालिड वेस्ट प्लांट का निरीक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनजीटी टीम ने किया सालिड वेस्ट प्लांट का निरीक्षण
विज्ञापन
मिर्जापुर। एनजीटी की टीम ने गुरुवार को जिले का दौरा किया और कई प्लांट को देखा और आवश्यक दिशा निर्देश दिया। मिर्जापुर नगर पालिका व कछवां नगर पंचायत में कर्मचारियों से भी जानकारी हासिल की।
दो सदस्यीय टीम के सदस्य दोपहर में सिटी ब्लाक के टांड़ गांव में स्थापित सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के निरीक्षण के लिए पहुंचे। साढ़े 11 करोड़ की लागत से बनने वाला यह प्लांट बहुद्देशीय है लेकिन आधे पर ही इसका काम कार्यदायी कंपनियों के झगड़े में रुक गया है। टीम ने प्लांट की उपयोगिता व उसकी क्रियाविधि के बारे में जानकारी हासिल की। टीम के सदस्यों ने कहा कि पालिका प्रशासन इस प्लांट को अतिशीघ्र शुरू कराए। अधिशासी अधिकारी विनय कुमार तिवारी ने बताया कि यह मामला न्यायालय में लंबित है। इसलिए कंपनियां भी इसमें हाथ नहीं लगा रही हैं। टीम के सदस्यों ने कहा कि पालिका प्रशासन कार्यदायी संस्था व शासन से बात कर यदि संभव हो तो इसे शुरू कराने का प्रयास करें। इसके बाद कूड़े के निस्तारण की समस्या व निस्तारण विधि की जानकारी ली और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
कछवां में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने गुरुवार को प्रदूषण की रोकथाम के बारे में जानकारी लेने कछवां नगर पंचायत पहुंची। साथ ही कछवां नगर पंचायत ने कितना कार्य किया। इसकी जानकारी ली। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ के डायरेक्टर देवेंद्र सोनी व एडीशनल डायरेक्टर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड धर्मनाथ कछवा नगर पंचायत के कार्यालय पर पहुंचे। उनके आगमन की सूचना पहले ही से नगर पंचायत के कार्यालय में थी।कार्यालय पर पहुंचते ही नगर पंचायत के कर्मचारियों और अधिशासी अधिकारी नवनीत कुमार सिंह ने उनका स्वागत किया।निरीक्षण करने आए एनजीटी के कर्मचारियों ने बताया कि नगर वासियों को प्रदूषण से मुक्त कराने और कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित हो उसकी व्यवस्था देखने के लिए आए हैं। उन्होंने कर्मचारियों और स्थानीय लोगों से मिलकर कूड़े का निस्तारण कैसे हो तथा प्लास्टिक की थैलियों पर रोकथाम पर विचार किया। एनजीटी के डायरेक्टर ने बताया कि नगर में यदि खुले मेंप्लास्टिक जलाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण पर नगर पंचायत कछवां कोई विशेष रूप नहीं अख्तियार कर रही है। जो एक लापरवाही भरा हुआ कार्य है। डायरेक्टर ने ईओ से कहा कि आगे इस प्रकार की गलती नहीं होनी चाहिए। एनजीटी टीम के साथसंजय सिंह, चुनार की अधिशासी अधिकारी अर्चना मिश्रा आदि थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
दो सदस्यीय टीम के सदस्य दोपहर में सिटी ब्लाक के टांड़ गांव में स्थापित सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के निरीक्षण के लिए पहुंचे। साढ़े 11 करोड़ की लागत से बनने वाला यह प्लांट बहुद्देशीय है लेकिन आधे पर ही इसका काम कार्यदायी कंपनियों के झगड़े में रुक गया है। टीम ने प्लांट की उपयोगिता व उसकी क्रियाविधि के बारे में जानकारी हासिल की। टीम के सदस्यों ने कहा कि पालिका प्रशासन इस प्लांट को अतिशीघ्र शुरू कराए। अधिशासी अधिकारी विनय कुमार तिवारी ने बताया कि यह मामला न्यायालय में लंबित है। इसलिए कंपनियां भी इसमें हाथ नहीं लगा रही हैं। टीम के सदस्यों ने कहा कि पालिका प्रशासन कार्यदायी संस्था व शासन से बात कर यदि संभव हो तो इसे शुरू कराने का प्रयास करें। इसके बाद कूड़े के निस्तारण की समस्या व निस्तारण विधि की जानकारी ली और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
विज्ञापन
कछवां में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने गुरुवार को प्रदूषण की रोकथाम के बारे में जानकारी लेने कछवां नगर पंचायत पहुंची। साथ ही कछवां नगर पंचायत ने कितना कार्य किया। इसकी जानकारी ली। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ के डायरेक्टर देवेंद्र सोनी व एडीशनल डायरेक्टर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड धर्मनाथ कछवा नगर पंचायत के कार्यालय पर पहुंचे। उनके आगमन की सूचना पहले ही से नगर पंचायत के कार्यालय में थी।कार्यालय पर पहुंचते ही नगर पंचायत के कर्मचारियों और अधिशासी अधिकारी नवनीत कुमार सिंह ने उनका स्वागत किया।निरीक्षण करने आए एनजीटी के कर्मचारियों ने बताया कि नगर वासियों को प्रदूषण से मुक्त कराने और कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित हो उसकी व्यवस्था देखने के लिए आए हैं। उन्होंने कर्मचारियों और स्थानीय लोगों से मिलकर कूड़े का निस्तारण कैसे हो तथा प्लास्टिक की थैलियों पर रोकथाम पर विचार किया। एनजीटी के डायरेक्टर ने बताया कि नगर में यदि खुले मेंप्लास्टिक जलाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण पर नगर पंचायत कछवां कोई विशेष रूप नहीं अख्तियार कर रही है। जो एक लापरवाही भरा हुआ कार्य है। डायरेक्टर ने ईओ से कहा कि आगे इस प्रकार की गलती नहीं होनी चाहिए। एनजीटी टीम के साथसंजय सिंह, चुनार की अधिशासी अधिकारी अर्चना मिश्रा आदि थे।
विज्ञापन