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किसान विरोधी है केंद्र की मोदी सरकार
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Thu, 08 Jan 2015 12:15 AM IST
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केंद्र सरकार द्वारा लाए गए भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया।
आप ने मोदी को किसान विरोधी और उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने वाला बताया। आप ने केंद्र सरकार के भूमि अधिग्रहण अध्यादेश की निंदा की। आप कार्यकर्ताओं ने किसान विरोधी सरकार नहीं चलेगी के नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
जिला संयोजक मनीष त्रिपाठी ने कहा कि केंद्र सरकार उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए देश के लाखों किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है।
सार्वजनिक हित की आड़ में किसानों की उपजाऊ जमीन बिना सहमति के कारपोरेट्स को दे रही है। जिसके लिए भूमि अधिग्रहण अध्यादेश लाई है। जिसका आप और किसान पुरजोर विरोध कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की पूंजीपरस्ती के कारण किसानों का अस्तित्व खतरे में है। जिला सचिव आयुष सिंह ने कहा कि सरकार की मंशा शुरु से ही किसानों के प्रति संदिग्ध रही है।
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इसलिए शीत सत्र में इस पर बहस कराना भी उचित नहीं समझा। जिला प्रवक्ता शिवम श्रीवास्तव ने कहा कि किसान विरोधी अध्यादेश से देश का अन्नदाता किसान अपने को ठगा सा महसूस कर रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा आत्महत्या करने की चिंता की बजाय निवेशकों की चिंता कर रही है। प्रदर्शन के दौरान राजेश सिन्हा, विक्रम तिवारी, जितेंद्र चौबे, गौरव तिवारी, संतोष यादव, राहुल सरोज, अमित गुप्ता, रंजीत चौधरी, भगवती प्रसाद, रामाश्रय सिंह यादव, इरशाद अहमद आदि मौजूद रहे।
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आप ने मोदी को किसान विरोधी और उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने वाला बताया। आप ने केंद्र सरकार के भूमि अधिग्रहण अध्यादेश की निंदा की। आप कार्यकर्ताओं ने किसान विरोधी सरकार नहीं चलेगी के नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
जिला संयोजक मनीष त्रिपाठी ने कहा कि केंद्र सरकार उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए देश के लाखों किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है।
सार्वजनिक हित की आड़ में किसानों की उपजाऊ जमीन बिना सहमति के कारपोरेट्स को दे रही है। जिसके लिए भूमि अधिग्रहण अध्यादेश लाई है। जिसका आप और किसान पुरजोर विरोध कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि सरकार की पूंजीपरस्ती के कारण किसानों का अस्तित्व खतरे में है। जिला सचिव आयुष सिंह ने कहा कि सरकार की मंशा शुरु से ही किसानों के प्रति संदिग्ध रही है।
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इसलिए शीत सत्र में इस पर बहस कराना भी उचित नहीं समझा। जिला प्रवक्ता शिवम श्रीवास्तव ने कहा कि किसान विरोधी अध्यादेश से देश का अन्नदाता किसान अपने को ठगा सा महसूस कर रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा आत्महत्या करने की चिंता की बजाय निवेशकों की चिंता कर रही है। प्रदर्शन के दौरान राजेश सिन्हा, विक्रम तिवारी, जितेंद्र चौबे, गौरव तिवारी, संतोष यादव, राहुल सरोज, अमित गुप्ता, रंजीत चौधरी, भगवती प्रसाद, रामाश्रय सिंह यादव, इरशाद अहमद आदि मौजूद रहे।