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मिर्जापुर बनेगा बनाना हब
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मिर्जापुर। जनपद ही नहीं आसपास के जिलों में भुसावल के बजाय स्थानीय केला नजर आएगा। केले के बढ़ते उत्पादन और किसानों की रुचि को देखते हुए जिले को बुधवार को बनाना हब घोषित कर दिया गया। बिसुंदरपुर स्थित राजकीय गंगा नर्सरी में श्यामा प्रसाद रुर्बन मिशन अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम के दौरान जनपद को बनाना हब घोषित किया गया।
प्रदेश के ऊर्जा राज्यमंत्री रमाशंकर सिंह पटेल ने मंच से न सिर्फ इसकी घोषणा की। ऊर्जा राज्यमंत्री ने इस कार्य के लिए मुख्य विकास अधिकारी अविनाश सिंह, उप कृषि निदेशक अशोक उपाध्याय व जिला उद्यान अधिकारी मेवाराम के कार्यों की मंच से सराहना की। जनपद में प्रतिदिन 10 ट्रक केले की आवक बाहर से हो रही है। कहा कि केले की खेती के लिए जिले में उपर्युक्त जलवायु है। आज सिटी, राजगढ़ के अलावा अन्य विकास खंडों में इसकी बड़े पैमाने पर खेती की जा रही है। बनाना हब से यहां के किसान समृद्धशाली होंगे। जिला उद्यान अधिकारी मेवाराम ने बताया कि पहले जिले में 130 हेक्टेयर जमीन पर केले की खेती हो रही थी। केला हब घोषित हो जाने से इसका दायरा बढ़ेगा, अब 250 से 300 हेक्टेयर में यह क्षेत्र फैल जाएगा। इससे दोगुुने से भी अधिक किसान लाभान्वित होंगे। उन्होंने बताया कि राजगढ़ को मुख्य केंद्र बनाया जाएगा। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि आगे आने वाले दिनों में अब भुसावल के बजाय जिले व आसपास के क्षेत्र में पैदा हुए केले नजर आएंगे। इसके लिए किसानों को प्रशिक्षित करते हुए केला खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
एलोवेरा, ड्रैगन फ्रूट की खेती कर महिलाएं बनेें आत्मनिर्भर
- हलिया विकास खंड से आई समूह की महिलाओं में पौधों का वितरण
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। जिला उद्यान विभाग की ओर से श्यामा प्रसाद रुर्बन मिशन अंतर्गत बुुधवार को हलिया क्लस्टर की महिला समूहों को एलोवेरा व ड्रैगन फ्रूट के पौधे वितरित किए गए। बिसुंदरपुर स्थित राजकीय गंगा नर्सरी में आयोजित कार्यक्रम से पूर्व प्रदेश के ऊर्जा राज्यमंत्री रमाशंकर सिंह पटेल ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
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ऊर्जा राज्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के उत्थान के लिए गंभीर है। उन्होंने समूह की महिलाओं से एलोवरा, ड्रैगन फ्रूट की खेती कर आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया। जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल ने जिले में ड्रैगन फ्रूट की उपयोगिता व महत्ता पर प्रकाश डाला। मुख्य विकास अधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि ड्रैगन खेती के लिए जिले में अपार संभावनाएं हैं। कृषि वैज्ञानिकों ने इसके लिए यहां की जलवायु को उपर्युक्त बताया। कार्यक्रम को मझवां विधायक शुचिस्मिता मौर्य, परियोजना निदेशक ऋषिमुनी उपाध्याय आदि ने संबोधित किया। इस अवसर पर डीसी मनरेगा मो. नफीस, डीसी एनआरएलएम डॉ. घनश्याम प्रसाद, उप कृषि निदेशक अशोक उपाध्याय, जिला उद्यान अधिकारी मेवाराम आदि उपस्थित रहे। डॉ. उषा पांडेय आदि उपस्थित रहे।
मंच पर नहीं दिखे अपना दल एस के सांसद, विधायक
मिर्जापुर। जिला उद्यान विभाग की ओर से बुधवार को सिटी विकास खंड के पिपराडाड़ स्थित उद्यान परिसर में श्यामा प्रसाद रुर्बन मिशन अंतर्गत एलोवेरा व ड्रैगन फ्रूट के पौधों का वितरण किया गया। इस दौरान अपना दल एस के सांसद और विधायक नजर नहीं आए। जबकि होर्डिंग आदि में ऐसे लोगों के बाकायदा नाम तक लिखा था। कार्यक्रम के दौरान अपना दल एस के कुछ कार्यकर्ता जरूर दिखे।
इनसेट
-एलोवेरा व ड्रैगन की खेती यहां के लिए बिल्कुल नई खेती है। पौधे मो मिल गए लेकिन इसके लिए बाकायदा प्रशिक्षित करने की जरुरत है।-रेशम बेगम, अहुगीकला, हलिया।
- औषधि के रूप में इसकी खेती के लिए हलिया क्षेत्र में उपयुक्त माहौल है। लेकिन गरीबों के पास जमीन का अभाव है। सरकार यदि इसकी व्यवस्था करे तो गरीबों की तस्वीर बदल सकती है।-सविता, दिघीया, हलिया।
-समूह की महिलाओं में हमेशा कुछ न कुछ सीखने व काम करने की ललक रहती है। इसकी खेती के लिए उद्यान विभाग की ओर से प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाना चाहिए।-रन्नोदेवी, बसुहरा, हलिया।
-विकास के मामले में हलिया विकास खंड काफी पीछे है। उम्मीद है कि ऐलोवेरा व ड्रैगन फ्रूट की खेती से क्षेत्र का नाम सिर्फ जिले में ही नहीं विदेशो में भी रोशन होगा।-रीता देवी, भटवारी, हलिया।
- एलोवेरा व ड्रैगन फ्रूट की खेती में समय लगता है। सरकार को इसकी खरीद के लिए पहले से ही व्यवस्था करनी होगी। ताकि उपज लेकर किसी को भटकना न पड़े।-अनिता कुमार, हलिया।
-ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए समूह की महिलाओं की भागीदारी सरकार की प्रशंसनीय कार्य है। इससे निश्चय ही हम महिलाओं का उत्थान होगा।-शीशकली, बरी, हलिया।
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प्रदेश के ऊर्जा राज्यमंत्री रमाशंकर सिंह पटेल ने मंच से न सिर्फ इसकी घोषणा की। ऊर्जा राज्यमंत्री ने इस कार्य के लिए मुख्य विकास अधिकारी अविनाश सिंह, उप कृषि निदेशक अशोक उपाध्याय व जिला उद्यान अधिकारी मेवाराम के कार्यों की मंच से सराहना की। जनपद में प्रतिदिन 10 ट्रक केले की आवक बाहर से हो रही है। कहा कि केले की खेती के लिए जिले में उपर्युक्त जलवायु है। आज सिटी, राजगढ़ के अलावा अन्य विकास खंडों में इसकी बड़े पैमाने पर खेती की जा रही है। बनाना हब से यहां के किसान समृद्धशाली होंगे। जिला उद्यान अधिकारी मेवाराम ने बताया कि पहले जिले में 130 हेक्टेयर जमीन पर केले की खेती हो रही थी। केला हब घोषित हो जाने से इसका दायरा बढ़ेगा, अब 250 से 300 हेक्टेयर में यह क्षेत्र फैल जाएगा। इससे दोगुुने से भी अधिक किसान लाभान्वित होंगे। उन्होंने बताया कि राजगढ़ को मुख्य केंद्र बनाया जाएगा। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि आगे आने वाले दिनों में अब भुसावल के बजाय जिले व आसपास के क्षेत्र में पैदा हुए केले नजर आएंगे। इसके लिए किसानों को प्रशिक्षित करते हुए केला खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
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एलोवेरा, ड्रैगन फ्रूट की खेती कर महिलाएं बनेें आत्मनिर्भर
- हलिया विकास खंड से आई समूह की महिलाओं में पौधों का वितरण
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। जिला उद्यान विभाग की ओर से श्यामा प्रसाद रुर्बन मिशन अंतर्गत बुुधवार को हलिया क्लस्टर की महिला समूहों को एलोवेरा व ड्रैगन फ्रूट के पौधे वितरित किए गए। बिसुंदरपुर स्थित राजकीय गंगा नर्सरी में आयोजित कार्यक्रम से पूर्व प्रदेश के ऊर्जा राज्यमंत्री रमाशंकर सिंह पटेल ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
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ऊर्जा राज्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के उत्थान के लिए गंभीर है। उन्होंने समूह की महिलाओं से एलोवरा, ड्रैगन फ्रूट की खेती कर आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया। जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल ने जिले में ड्रैगन फ्रूट की उपयोगिता व महत्ता पर प्रकाश डाला। मुख्य विकास अधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि ड्रैगन खेती के लिए जिले में अपार संभावनाएं हैं। कृषि वैज्ञानिकों ने इसके लिए यहां की जलवायु को उपर्युक्त बताया। कार्यक्रम को मझवां विधायक शुचिस्मिता मौर्य, परियोजना निदेशक ऋषिमुनी उपाध्याय आदि ने संबोधित किया। इस अवसर पर डीसी मनरेगा मो. नफीस, डीसी एनआरएलएम डॉ. घनश्याम प्रसाद, उप कृषि निदेशक अशोक उपाध्याय, जिला उद्यान अधिकारी मेवाराम आदि उपस्थित रहे। डॉ. उषा पांडेय आदि उपस्थित रहे।
मंच पर नहीं दिखे अपना दल एस के सांसद, विधायक
मिर्जापुर। जिला उद्यान विभाग की ओर से बुधवार को सिटी विकास खंड के पिपराडाड़ स्थित उद्यान परिसर में श्यामा प्रसाद रुर्बन मिशन अंतर्गत एलोवेरा व ड्रैगन फ्रूट के पौधों का वितरण किया गया। इस दौरान अपना दल एस के सांसद और विधायक नजर नहीं आए। जबकि होर्डिंग आदि में ऐसे लोगों के बाकायदा नाम तक लिखा था। कार्यक्रम के दौरान अपना दल एस के कुछ कार्यकर्ता जरूर दिखे।
इनसेट
-एलोवेरा व ड्रैगन की खेती यहां के लिए बिल्कुल नई खेती है। पौधे मो मिल गए लेकिन इसके लिए बाकायदा प्रशिक्षित करने की जरुरत है।-रेशम बेगम, अहुगीकला, हलिया।
- औषधि के रूप में इसकी खेती के लिए हलिया क्षेत्र में उपयुक्त माहौल है। लेकिन गरीबों के पास जमीन का अभाव है। सरकार यदि इसकी व्यवस्था करे तो गरीबों की तस्वीर बदल सकती है।-सविता, दिघीया, हलिया।
-समूह की महिलाओं में हमेशा कुछ न कुछ सीखने व काम करने की ललक रहती है। इसकी खेती के लिए उद्यान विभाग की ओर से प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाना चाहिए।-रन्नोदेवी, बसुहरा, हलिया।
-विकास के मामले में हलिया विकास खंड काफी पीछे है। उम्मीद है कि ऐलोवेरा व ड्रैगन फ्रूट की खेती से क्षेत्र का नाम सिर्फ जिले में ही नहीं विदेशो में भी रोशन होगा।-रीता देवी, भटवारी, हलिया।
- एलोवेरा व ड्रैगन फ्रूट की खेती में समय लगता है। सरकार को इसकी खरीद के लिए पहले से ही व्यवस्था करनी होगी। ताकि उपज लेकर किसी को भटकना न पड़े।-अनिता कुमार, हलिया।
-ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए समूह की महिलाओं की भागीदारी सरकार की प्रशंसनीय कार्य है। इससे निश्चय ही हम महिलाओं का उत्थान होगा।-शीशकली, बरी, हलिया।