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Mirzapur News: बिना सेफ्टी किट के काम कर रहे लाइनमैन
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मिर्जापुर। जिले में विद्युत आपूर्ति की समस्याओं को दूर करने की जिम्मेदारी लाइनमैनों पर है। इनमें अधिकांश संविदा कार्मिक ही हैं। इनको लाइन पर काम करने के लिए सेफ्टी किट दी जाती है। लेकिन लाइनमैन बिना सेफ्टी किट के काम कर रहे हैं। इस पर सवाल उठ रहे हैं कि सेफ्टी किट कहां गई। कई बार संविदा कर्मी भी निजी लाइनमैन लगा देते हैं। इसकी भी जांच की जरूरत है।
जिले में वर्तमान में लाइन पर काम कुल 1064 कर्मचारी हैं। इनमें से 434 कुशल श्रमिक व शेष अकुशल श्रमिक हैं। इन्हीं श्रमिकों पर लाइन पर काम करने की जिम्मेदारी है। जहां कहीं फाॅल्ट होता है अथवा जंफर जोड़ना हो या तार को खींचना हो। इन्हीं के सहारे पूरा काम होता है। अगस्त में ही जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति मेंं इन कर्मचारियों को सेफ्टी किट दी गई थी लेकिन उसका क्या हुआ पता नहीं।
गाइड लाइन के मुताबिक ही करना होता है काम
मिर्जापुर। विद्युत निगम की सुरक्षा गाइड लाइन के मुताबिक खंभे पर चढ़ने के पहले कर्मचारी हेलमेट लगाता है। सीढ़ी से खंभे पर पहुंचने के बाद सेफ्टी बेल्ट लगाता है ताकि वह खंभे से न गिरे। इसके बाद वह रबर का ग्लव्स लगाकर काम करता है ताकि करंट न लगे। यदि लाइन चालू है तो उनका सुपरवाइजर पहले उपकेंद्र से लाइन बंद कराएगा। लाइन बंद होने की पुष्टि के बाद ही वह खंभे पर चढ़ेगा। जब तक सुपरवाइजर उपकेंद्र को यह सूचित नहीं करेगा कि काम पूरा हो गया है, लाइन चालू कर दी जाए, तब तक शटडाउन ही रहेगा। बृहस्पतिवार को जो घटना हुई, उसमें कर्मचारी फाॅल्ट ठीक करने के बाद जब सीढ़ी से उतर रहा था, तो उसका पैर फिसल गया और वह गिर पड़ा।
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जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में दी गई थी सेफ्टी किट
मिर्जापुर। जिला पंचायत सभागार में दो अगस्त को विद्युत कर्मियों को सेफ्टी किट दी गई थी। 280 सेफ्टी हेलमेट, 132 सेफ्टी बेल्ट, 141 अर्थिंग चेन, 347 रिफ्लेक्टिव जैकेट, 263 रबर ग्लव्स, 125 टूल किट व 185 नियान टेस्टर का वितरण किया गया था। इसके बाद भी दुर्घटनाएं हो रही हैं। विद्युत वितरण मंडल मिर्जापुर के अधीक्षण अभियंता देवेंद्र पचौरिया ने बताया कि दुर्घटनाओं को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। कर्मचारियों से सतर्कता से काम करने को कहा गया है।
25 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए
मिर्जापुर। गांव-गरीब नेटवर्क ने नगर के त्रिमोहानी मुहल्ले में बिजली खंभे पर काम कर रहे बिजली कर्मी अरशद (40) के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही नेटवर्क के संयोजक सलिल पाण्डेय ने बिजलीकर्मी के परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी भी दिए जाने की मांग की है।
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जिले में वर्तमान में लाइन पर काम कुल 1064 कर्मचारी हैं। इनमें से 434 कुशल श्रमिक व शेष अकुशल श्रमिक हैं। इन्हीं श्रमिकों पर लाइन पर काम करने की जिम्मेदारी है। जहां कहीं फाॅल्ट होता है अथवा जंफर जोड़ना हो या तार को खींचना हो। इन्हीं के सहारे पूरा काम होता है। अगस्त में ही जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति मेंं इन कर्मचारियों को सेफ्टी किट दी गई थी लेकिन उसका क्या हुआ पता नहीं।
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गाइड लाइन के मुताबिक ही करना होता है काम
मिर्जापुर। विद्युत निगम की सुरक्षा गाइड लाइन के मुताबिक खंभे पर चढ़ने के पहले कर्मचारी हेलमेट लगाता है। सीढ़ी से खंभे पर पहुंचने के बाद सेफ्टी बेल्ट लगाता है ताकि वह खंभे से न गिरे। इसके बाद वह रबर का ग्लव्स लगाकर काम करता है ताकि करंट न लगे। यदि लाइन चालू है तो उनका सुपरवाइजर पहले उपकेंद्र से लाइन बंद कराएगा। लाइन बंद होने की पुष्टि के बाद ही वह खंभे पर चढ़ेगा। जब तक सुपरवाइजर उपकेंद्र को यह सूचित नहीं करेगा कि काम पूरा हो गया है, लाइन चालू कर दी जाए, तब तक शटडाउन ही रहेगा। बृहस्पतिवार को जो घटना हुई, उसमें कर्मचारी फाॅल्ट ठीक करने के बाद जब सीढ़ी से उतर रहा था, तो उसका पैर फिसल गया और वह गिर पड़ा।
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जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में दी गई थी सेफ्टी किट
मिर्जापुर। जिला पंचायत सभागार में दो अगस्त को विद्युत कर्मियों को सेफ्टी किट दी गई थी। 280 सेफ्टी हेलमेट, 132 सेफ्टी बेल्ट, 141 अर्थिंग चेन, 347 रिफ्लेक्टिव जैकेट, 263 रबर ग्लव्स, 125 टूल किट व 185 नियान टेस्टर का वितरण किया गया था। इसके बाद भी दुर्घटनाएं हो रही हैं। विद्युत वितरण मंडल मिर्जापुर के अधीक्षण अभियंता देवेंद्र पचौरिया ने बताया कि दुर्घटनाओं को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। कर्मचारियों से सतर्कता से काम करने को कहा गया है।
25 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए
मिर्जापुर। गांव-गरीब नेटवर्क ने नगर के त्रिमोहानी मुहल्ले में बिजली खंभे पर काम कर रहे बिजली कर्मी अरशद (40) के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही नेटवर्क के संयोजक सलिल पाण्डेय ने बिजलीकर्मी के परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी भी दिए जाने की मांग की है।