{"_id":"647c346757a58ad09e09b506","slug":"jyeshtha-purnima-2023-thousands-of-devotees-gathered-in-the-temple-of-maa-vindhyavasini-on-the-full-moon-day-2023-06-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jyeshtha Purnima 2023: ज्येष्ठ पूर्णिमा पर मां विंध्यवासिनी के मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़, लगी लंबी लाइन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jyeshtha Purnima 2023: ज्येष्ठ पूर्णिमा पर मां विंध्यवासिनी के मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़, लगी लंबी लाइन
Sun, 04 Jun 2023 12:23 PM IST
किरन रौतेला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
Published by: किरन रौतेला
Updated Sun, 04 Jun 2023 12:23 PM IST
सार
कोतवाली मार्ग से आने वाले श्रद्धालु पुनः कोतवाली मार्ग जाने के लिए गलियों का चक्कर काटते दिखे। वही भक्तों की भीड़ के लिए जिला प्रशासन की ओर से छावनी का प्रबंधन नहीं किया गया था।
विज्ञापन
ज्येठ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि पर मां विंध्यवासिनी के दरबार में श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ज्येठ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि पर मां विंध्यवासिनी के दरबार में श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ उमड़ी। माता के दरबार में हजारों लोग विंध्य धाम क्षेत्र के समस्त गंगा घाटों पर स्नान करने के पश्चात दर्शन पूजन करने के लिए मंदिर पहुंचे। दर्शन पूजन करने के उपरांत मंदिर से बाहर निकलने के लिए भक्तों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
यह भी पढ़ें- Akhilesh Yadav: आज आजमगढ़ आएंगे अखिलेश यादव, चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया विजिट, क्या कोई राजनीतिक संकेत है?
कोतवाली मार्ग से आने वाले श्रद्धालु पुनः कोतवाली मार्ग जाने के लिए गलियों का चक्कर काटते दिखे। वही भक्तों की भीड़ के लिए जिला प्रशासन की ओर से छावनी का प्रबंधन नहीं किया गया था। भीषण गर्मी में भी खुले आसमान के नीचे भक्त कतार में खड़े माँ के जयकारे लगा रहे थे और वह माँ विन्ध्वासिनी का दर्शन पाकर निहाल हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- Akhilesh Yadav: आज आजमगढ़ आएंगे अखिलेश यादव, चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया विजिट, क्या कोई राजनीतिक संकेत है?
विज्ञापन
कोतवाली मार्ग से आने वाले श्रद्धालु पुनः कोतवाली मार्ग जाने के लिए गलियों का चक्कर काटते दिखे। वही भक्तों की भीड़ के लिए जिला प्रशासन की ओर से छावनी का प्रबंधन नहीं किया गया था। भीषण गर्मी में भी खुले आसमान के नीचे भक्त कतार में खड़े माँ के जयकारे लगा रहे थे और वह माँ विन्ध्वासिनी का दर्शन पाकर निहाल हो गए।
विज्ञापन