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Mirzapur News: चोट ने छीना एशियन गेम्स का सपना, भारत को खलेगी मिर्जापुर की धाविका चंदा की कमी
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मिर्जापुर की एथलीट केएम चंदाफोटो सोशल मीडिया
- 800 मीटर की मेडल दावेदार ट्रायल से रहीं बाहर, 2023 एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंचकर बढ़ाया था देश का मान
अदलहाट। जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से चार अक्तूबर तक होने वाले 20वें एशियन गेम्स में भारत को मिर्जापुर की अंतरराष्ट्रीय धाविका केएम चंदा की कमी महसूस होगी। पैर में चोट से वह भुवनेश्वर में आयोजित 65वीं नेशनल इंटर स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप, जो एशियन गेम्स का चयन ट्रायल भी थी, में हिस्सा नहीं ले सकीं। ट्रायल में अनुपस्थित रहने के कारण उनका चयन भारतीय टीम में नहीं हो पाया।
अहरौरा क्षेत्र के सोनपुर गांव निवासी सत्यनारायण प्रजापति की बेटी केएम चंदा ने अभावों के बीच गांव की पथरीली सड़कों पर अभ्यास कर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय की। वर्ष 2023 के एशियन गेम्स में महिला 800 मीटर दौड़ के फाइनल में जगह बनाकर देश का गौरव बढ़ाया था। हालांकि, वह पदक से मामूली अंतर से चूक गई थीं। इस बार उनसे पदक जीतने की उम्मीद थी, लेकिन चोट के कारण उनका यह सपना अधूरा रह गया।
चंदा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए कई पदक जीत चुकी हैं। वर्ष 2025 के राष्ट्रीय खेलों में उन्होंने महिला 800 मीटर स्पर्धा में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए नया राष्ट्रीय खेल रिकॉर्ड बनाया था। अब वह चोट से उबरकर दोबारा ट्रैक पर मजबूत वापसी की तैयारी में जुटी हैं।
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कोट
चंदा ने एशियन गेम्स 2026 के लिए पूरी मेहनत की थी, लेकिन पैर की चोट से वह भुवनेश्वर में हुए ट्रायल में भाग नहीं ले सकीं। यदि वह फिट होतीं तो टीम में चयन की प्रबल दावेदार थीं। हमें विश्वास है कि वह जल्द वापसी कर देश के लिए फिर से पदक जीतेंगी।
-कुलबीर सिंह, कोच, केएम चंदा
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अदलहाट। जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से चार अक्तूबर तक होने वाले 20वें एशियन गेम्स में भारत को मिर्जापुर की अंतरराष्ट्रीय धाविका केएम चंदा की कमी महसूस होगी। पैर में चोट से वह भुवनेश्वर में आयोजित 65वीं नेशनल इंटर स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप, जो एशियन गेम्स का चयन ट्रायल भी थी, में हिस्सा नहीं ले सकीं। ट्रायल में अनुपस्थित रहने के कारण उनका चयन भारतीय टीम में नहीं हो पाया।
अहरौरा क्षेत्र के सोनपुर गांव निवासी सत्यनारायण प्रजापति की बेटी केएम चंदा ने अभावों के बीच गांव की पथरीली सड़कों पर अभ्यास कर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय की। वर्ष 2023 के एशियन गेम्स में महिला 800 मीटर दौड़ के फाइनल में जगह बनाकर देश का गौरव बढ़ाया था। हालांकि, वह पदक से मामूली अंतर से चूक गई थीं। इस बार उनसे पदक जीतने की उम्मीद थी, लेकिन चोट के कारण उनका यह सपना अधूरा रह गया।
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चंदा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए कई पदक जीत चुकी हैं। वर्ष 2025 के राष्ट्रीय खेलों में उन्होंने महिला 800 मीटर स्पर्धा में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए नया राष्ट्रीय खेल रिकॉर्ड बनाया था। अब वह चोट से उबरकर दोबारा ट्रैक पर मजबूत वापसी की तैयारी में जुटी हैं।
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चंदा ने एशियन गेम्स 2026 के लिए पूरी मेहनत की थी, लेकिन पैर की चोट से वह भुवनेश्वर में हुए ट्रायल में भाग नहीं ले सकीं। यदि वह फिट होतीं तो टीम में चयन की प्रबल दावेदार थीं। हमें विश्वास है कि वह जल्द वापसी कर देश के लिए फिर से पदक जीतेंगी।
-कुलबीर सिंह, कोच, केएम चंदा