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घने कोहरे ने रोकी रफ्तार, गलन बढ़ी
mirzapur news
Updated Sat, 30 Dec 2017 01:10 AM IST
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बागपत में कोहरे के बीच जाते वाहन।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिले में ठंड व गलन के बीच घने कोहरे ने दस्तक देकर जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया। मनुष्यों के साथ साथ पशु पक्षी भी अपने ठिकानों व अन्य स्थानों पर शुक्रवार को दुबके रहे। भगवान भाष्कर को भी कोहरे की बादल को चीरकर बाहर निकलने के लिए इंतजार करना पड़ा। ठंड के चलते मंडलीय अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। कोहरे से ट्रेनें लेट चल रही हैं, जिससे यात्रियों को ठंड में प्लेटफार्म पर ही कई घंटे गुजारने पड़ रहे हैं।
जिला प्रशासन की ओर से सार्वजनिक स्थानों पर अलाव का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। शुक्रवार जब सुबह लोग उठे तो घने कोहरे से ढका नगर को देखकर हैरान रह गए। कोहरे आलम ऐसा था कि आसपास के घर भी नही दिखाई पड़ रहे थे। दृश्यता इतनी कम थी कि हाइवे पर वाहन चालक अपनी लाइटें जलाकर चल रहे थे। कोहरे के कारण सूर्य देव ने लगभग 11 बजे दर्शन दिया तो लोग ठंड से बचने के लिए धूप की शरण में पहुंच गए। धूप खिलने पर पशु पक्षियों के हाथ पांव भी हीलने डुलने लगे। दूरदराज गांव से आए मजदूर अलाव जलाकर किसी तरह ठंड से बचने के जुगाड़ में लगे रहे। घने कोहरे, ठंड व गलन के बीच स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राएं कांपते हुए स्कूल जाने को मजबूर हैं। भीषड़ ठंड में भी स्कूल खुले रहने से अभिभावकों ने नाराजगी जताई है। कोहरे के चलते सभी ट्रेने घंटों विलंब से चल रही हैं, जिसके चलते प्लेटफार्म पर यात्रियों की फजीहत हो रही है। पटरियों पर ट्रेने रेंगती हुई नजर आ रही हैं। ठंड व कोहरे से सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। वहीं गर्म वस्त्रों की दुकानों पर शाल, स्वेटर, टोपी, दस्ताना, इनर आदि की खरीदारी करने वालों की भीड़ उमड़ी हुई है।
विंध्याचल संवाददाता के अनुसार रेलवे स्टेशन पर सुबह से लेकर दोपहर बारह बजे तक भगवान भाष्कर ने दर्शन नहीं दिए। कोहरे के कारण ट्रेनों के विलंब होने से दिल्ली, कानुपर, इलाहाबाद, मुगलसरांय, पटना और हावड़ा जाने वाले यात्री के यात्री परेशान रहे। घने कोहरे से ट्रेन चालकों को सिग्नल भी स्पष्ट नजर नहीं आ रहा था। स्टेशन मास्टर टार्च के माध्यम से नान स्टाप ट्रेनों को सिग्नल दिखा कर अगले स्टेशन के लिए रवाना कर रहे हैं। स्टेशन अधीक्षक अवधेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कोहरे से लगभग सभी ट्रेनें चार से दस घंटे देरी से चल रही हैं। जिसमें मूरी एक्सप्रेस, चंबल एक्सप्रेस, मुंबई मेल, मगध एक्सप्रेस, इलाहाबाद मुगलसरांय पैसेंजर, ताप्ती गंगा, त्रिवेणी एक्सप्रेस आदि दर्जनों ट्रेनें शामिल हैं।
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जिला प्रशासन की ओर से सार्वजनिक स्थानों पर अलाव का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। शुक्रवार जब सुबह लोग उठे तो घने कोहरे से ढका नगर को देखकर हैरान रह गए। कोहरे आलम ऐसा था कि आसपास के घर भी नही दिखाई पड़ रहे थे। दृश्यता इतनी कम थी कि हाइवे पर वाहन चालक अपनी लाइटें जलाकर चल रहे थे। कोहरे के कारण सूर्य देव ने लगभग 11 बजे दर्शन दिया तो लोग ठंड से बचने के लिए धूप की शरण में पहुंच गए। धूप खिलने पर पशु पक्षियों के हाथ पांव भी हीलने डुलने लगे। दूरदराज गांव से आए मजदूर अलाव जलाकर किसी तरह ठंड से बचने के जुगाड़ में लगे रहे। घने कोहरे, ठंड व गलन के बीच स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राएं कांपते हुए स्कूल जाने को मजबूर हैं। भीषड़ ठंड में भी स्कूल खुले रहने से अभिभावकों ने नाराजगी जताई है। कोहरे के चलते सभी ट्रेने घंटों विलंब से चल रही हैं, जिसके चलते प्लेटफार्म पर यात्रियों की फजीहत हो रही है। पटरियों पर ट्रेने रेंगती हुई नजर आ रही हैं। ठंड व कोहरे से सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। वहीं गर्म वस्त्रों की दुकानों पर शाल, स्वेटर, टोपी, दस्ताना, इनर आदि की खरीदारी करने वालों की भीड़ उमड़ी हुई है।
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विंध्याचल संवाददाता के अनुसार रेलवे स्टेशन पर सुबह से लेकर दोपहर बारह बजे तक भगवान भाष्कर ने दर्शन नहीं दिए। कोहरे के कारण ट्रेनों के विलंब होने से दिल्ली, कानुपर, इलाहाबाद, मुगलसरांय, पटना और हावड़ा जाने वाले यात्री के यात्री परेशान रहे। घने कोहरे से ट्रेन चालकों को सिग्नल भी स्पष्ट नजर नहीं आ रहा था। स्टेशन मास्टर टार्च के माध्यम से नान स्टाप ट्रेनों को सिग्नल दिखा कर अगले स्टेशन के लिए रवाना कर रहे हैं। स्टेशन अधीक्षक अवधेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कोहरे से लगभग सभी ट्रेनें चार से दस घंटे देरी से चल रही हैं। जिसमें मूरी एक्सप्रेस, चंबल एक्सप्रेस, मुंबई मेल, मगध एक्सप्रेस, इलाहाबाद मुगलसरांय पैसेंजर, ताप्ती गंगा, त्रिवेणी एक्सप्रेस आदि दर्जनों ट्रेनें शामिल हैं।
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